गोरखपुर (खबरीलाल डेस्क)। भारत आज अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी महाशक्तियों में से एक बन चुका है। चंद्रयान और मंगलयान जैसी ऐतिहासिक सफलताओं के बाद आज देश का हर युवा अंतरिक्ष की दुनिया में अपना भविष्य तलाशने का सपना देख रहा है। इसी सपने को हकीकत में बदलने और युवाओं को सही दिशा दिखाने के उद्देश्य से, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित प्रतिष्ठित संस्था 'डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन' (Day and Night Space Foundation - DANSF) ने 3 सितंबर 2026 को एक विशाल ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य विषय 'अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य' (Future in Space Science) रहा, जिसमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं इंजीनियर डॉ. जयंत पी. जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की और देश भर से जुड़े विद्यार्थियों का निःशुल्क मार्गदर्शन किया।Read also:-SBI का बड़ा झटका: 1 अक्टूबर से सैलरी अकाउंट होल्डर्स के लिए बदल गए एटीएम इस्तेमाल करने के नियम; दूसरे बैंकों के एटीएम पर घटी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट!
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इसरो के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. जयंत पी. जोशी का विशेष और ज्ञानवर्धक मार्गदर्शन इस राष्ट्रीय वेबिनार का सबसे बड़ा आकर्षण इसरो के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जयंत पी. जोशी का वह व्याख्यान था, जिसमें उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान की जटिलताओं को बेहद सरल शब्दों में समझाया। डॉ. जोशी ने अपने वर्षों के गहन अनुसंधान, इसरो में बिताए गए समय और व्यावहारिक अनुभवों के आधार पर छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों से अवगत कराया। उन्होंने इसरो के तमाम ऐतिहासिक और आगामी मिशनों पर विस्तार से चर्चा की।
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उन्होंने छात्रों को बताया कि अंतरिक्ष में भेजे जाने वाले सैटेलाइट्स (Satellites) का निर्माण कैसे होता है, उन्हें कक्षा में स्थापित करने वाले विशालकाय रॉकेट्स (Rockets) कैसे काम करते हैं, और इन मिशनों में पेलोड (Payloads) की क्या अहम भूमिका होती है। इसके अलावा, डॉ. जोशी ने अंतरिक्ष संचार प्रौद्योगिकी (Space Communication Technology) की कार्यप्रणालियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उनका यह तकनीकी लेकिन बेहद रोचक व्याख्यान वहां मौजूद सभी छात्रों, शिक्षकों और आम नागरिकों के लिए विशेष रूप से प्रेरित करने वाला साबित हुआ।
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युवाओं के लिए अंतरिक्ष विज्ञान और इंजीनियरिंग में करियर के अपार अवसर आज का युवा केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित नहीं रहना चाहता। ऐसे में डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन का यह वेबिनार उन सभी विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका साबित हुआ, जो अंतरिक्ष विज्ञान और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
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डॉ. जयंत जोशी ने अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित करियर बनाने के तमाम पहलुओं को बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि कोई भी छात्र स्कूल स्तर से ही विज्ञान और गणित विषयों पर मजबूत पकड़ बनाकर किस तरह इसरो (ISRO), नासा (NASA) और दुनिया की अन्य प्रतिष्ठित स्पेस एजेंसियों में बतौर वैज्ञानिक या इंजीनियर अपनी जगह बना सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में सिर्फ वैज्ञानिकों की ही नहीं, बल्कि डेटा एनालिस्ट, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, मैटेरियल साइंस एक्सपर्ट और कम्युनिकेशन इंजीनियर जैसे कई अलग-अलग प्रोफेशनल्स की भारी मांग रहती है।
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शिक्षकों के लिए STEM शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर विशेष जोर यह वेबिनार केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के लिए भी एक विशेष और महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित हुआ। किसी भी देश का भविष्य उसकी कक्षाओं में तैयार होता है, और इसमें शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। वेबिनार के दौरान इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि शिक्षक किस प्रकार अपने विद्यार्थियों में बचपन से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) विकसित कर सकते हैं।
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डॉ. जोशी और डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की टीम ने शिक्षकों को STEM (Science, Technology, Engineering, and Mathematics) शिक्षा को बढ़ावा देने के आधुनिक और व्यावहारिक तरीके समझाए। शिक्षकों को प्रेरित किया गया कि वे किताबी ज्ञान के अलावा छात्रों को प्रायोगिक विज्ञान (Practical Science) और अंतरिक्ष की दुनिया के रहस्यों के प्रति जिज्ञासु बनाएं, ताकि भारत को भविष्य में और भी ज्यादा बेहतरीन वैज्ञानिक मिल सकें।
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सीधा प्रश्नोत्तर सत्र: जब छात्रों ने सीधे पूर्व इसरो वैज्ञानिक से पूछे अपने सवाल इस ज्ञानवर्धक व्याख्यान के बाद कार्यक्रम का सबसे इंटरैक्टिव हिस्सा यानी सीधा प्रश्नोत्तर सत्र (Live Q&A Session) आयोजित किया गया। इस सत्र में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों को सीधे पूर्व इसरो वैज्ञानिक डॉ. जयंत पी. जोशी से संवाद करने का दुर्लभ अवसर मिला।
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छात्रों ने ब्लैक होल, एलियन लाइफ, भविष्य के स्पेस मिशन, भारत के गगनयान मिशन और अंतरिक्ष में करियर बनाने से जुड़े कई उत्सुकता भरे सवाल पूछे। डॉ. जोशी ने भी बेहद शालीनता और वैज्ञानिक तथ्यों के साथ सभी प्रश्नों के उत्तर दिए और छात्रों की सभी जिज्ञासाओं को शांत किया। अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वाले आम नागरिकों और शोधार्थियों ने भी इस सत्र का भरपूर लाभ उठाया।
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विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने की 'डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन' की अनूठी पहल टीम, डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन (गोरखपुर) ने बताया कि इस पूरी तरह से निःशुल्क वेबिनार का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाना था। फाउंडेशन का स्पष्ट मानना है कि विज्ञान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-जन तक पहुंचना चाहिए।
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अक्सर टियर-2 या टियर-3 शहरों और गांवों के बच्चों को ऐसे बड़े वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन मिलने का अवसर नहीं मिल पाता। पैसे के अभाव में कई मेधावी छात्र सही जानकारी से वंचित रह जाते हैं। डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन ने इस ऑनलाइन माध्यम से उस खाई को पाटने का एक बहुत ही शानदार और सराहनीय प्रयास किया है, ताकि दूर-दराज के स्कूलों में पढ़ने वाला बच्चा भी भविष्य का 'कलाम' बनने का सपना देख सके।
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आगे भी होंगे ऐसे निःशुल्क महा-आयोजन: पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर ऐसे करें रजिस्ट्रेशन डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) की टीम ने वेबिनार के अंत में एक बहुत ही उत्साहजनक घोषणा की। टीम ने बताया कि अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर छात्रों के भारी उत्साह को देखते हुए भविष्य में ऐसे और भी बड़े और पूरी तरह से निःशुल्क ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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चूंकि ऐसे कार्यक्रमों में देश भर से भारी संख्या में लोग जुड़ते हैं, इसलिए किसी भी तकनीकी असुविधा से बचने के लिए फाउंडेशन ने 24×7 खुला मंच तैयार किया है। भविष्य के आयोजनों के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अभी से आमंत्रित कर दी गई है। यह रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से निःशुल्क है और 'पहले आओ, पहले पाओ' (First Come, First Serve) के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।
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जो भी छात्र, शिक्षक, शोधार्थी या अभिभावक ऐसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का हिस्सा बनना चाहते हैं, वे डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट dansf.org पर जाकर अपना निःशुल्क रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी अतिरिक्त जानकारी या सहायता के लिए संस्था के आधिकारिक मोबाइल नंबर +917460061936 पर भी सीधे संपर्क किया जा सकता है।
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डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह समाचार 'डे एंड नाइट स्पेस फाउंडेशन, गोरखपुर' द्वारा जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और दी गई जानकारी के आधार पर प्रकाशित किया गया है। वेबिनार, रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, वेबसाइट और दिए गए संपर्क सूत्र (मोबाइल नंबर) से संबंधित सभी नीतियां और अधिकार पूरी तरह से आयोजक संस्था के अधीन हैं। पाठकों और प्रतिभागियों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने या अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले आयोजकों की आधिकारिक वेबसाइट (dansf.org) पर जाकर विवरण की पुष्टि स्वयं कर लें। खबरीलाल किसी भी प्रकार की तकनीकी असुविधा या रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बदलाव के लिए उत्तरदायी नहीं है।
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