उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष आयोजित होने वाले प्रसिद्ध गढ़मुक्तेश्वर मेला की तैयारियों का जायजा लिया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस मेले को अब 'मिनी कुंभ' के रूप में आयोजित किया जाए, जो श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक बनेगा। यह मेला आगामी 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा, जिसमें 40 से 45 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी अनुमानित संख्या को देखते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध और पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए हैं।READ ALSO:-महा-तूफान 'मोंथा' का तांडव शुरू! यूपी के 10 जिलों में अगले 120 घंटे 'प्रलय' जैसे हालात, IMD का रेड अलर्ट, कड़ाके की ठंड की एंट्री
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आस्था और संस्कृति का प्राचीन संगम

\r\n\r\n
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला गढ़मुक्तेश्वर मेला हिंदुओं के लिए धार्मिक आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। गंगा तट पर आयोजित होने वाले इस मेले में हर साल लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजन के लिए जुटते हैं। यह मेला न केवल धार्मिक परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यहाँ लोककलाओं और लोकजीवन की मनोहारी छटा भी देखने को मिलती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
CM योगी के निर्देश: सुरक्षा और सुविधा सर्वोपरि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गढ़मुक्तेश्वर मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक है, और इस बार इसे एक नई भव्यता प्रदान की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष हिदायत दी गई है:
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    NDRF और SDRF की तैनाती: गंगा नदी में किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को तैनात किया जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    CCTV निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरों से निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रेस्क्यू बोट: गंगा घाटों पर रेस्क्यू बोट्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पर्याप्त पुलिस बल: भारी भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्वच्छता और सांस्कृतिक उत्थान पर जोर: मुख्यमंत्री ने मेले में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध: मेले में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गंगा तटों की सफाई: गंगा के सभी घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा और कचरा संग्रह की पुख्ता व्यवस्था होगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लोककलाओं का प्रदर्शन: इस बार गढ़मुक्तेश्वर मेला रासलीला, कृष्णलीला और लोकगायन जैसी मनोहारी लोककलाओं से गूंज उठेगा, जिससे मेले की सांस्कृतिक छटा और बढ़ेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आस्था और संस्कृति का संगम: कार्तिक पूर्णिमा का गढ़मुक्तेश्वर मेला हिंदुओं के लिए गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। सीएम योगी ने निरीक्षण के दौरान स्वयं गंगा पूजन किया और सदर बाजार क्षेत्र का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस साल लाखों दीप गंगा तटों को जगमग रोशनी से भर देंगे, जो मेले की दिव्यता में चार चांद लगा देंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह आयोजन धार्मिक परंपराओं को फिर से जीवंत करने और लोकजीवन व संस्कृति की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच बनेगा।
\r\n\r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें