मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के 'शिक्षा मित्र सम्मान समारोह' में शिक्षामित्रों के लिए खजाना खोल दिया। मानदेय बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह किया गया। इसके अलावा ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य ब
Published at : 05 May 2026, 10:28 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 09:25 PM
CM Yogi Adityanath Increases Shikshamitra Honorarium to Rs 18,000
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत लाखों शिक्षामित्रों के लिए मंगलवार का दिन बेहद खास और ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 'शिक्षा मित्र सम्मान समारोह' में शिरकत करते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। अगर आप आज की सबसे अहम यूपी शिक्षामित्र लेटेस्ट न्यूज़ के बारे में जानना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। सीएम योगी ने न केवल शिक्षामित्रों के मानदेय में बंपर बढ़ोतरी का ऐलान किया, बल्कि उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्थानांतरण (ट्रांसफर) को लेकर भी कई अहम सहूलियतें देने की घोषणा की है। इस फैसले से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्र परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।READ ALSO:-यूपी कैबिनेट के 29 ऐतिहासिक फैसले: 16 लाख कर्मचारियों के तबादले को मंजूरी, अदालतों में WhatsApp से ई-समन और किसानों की हुई बल्ले-बल्ले
\r\n\r\n
\r\n\r\n
यूपी शिक्षामित्र लेटेस्ट न्यूज़: ट्रेड यूनियन वाली सोच छोड़ने की नसीहत
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह को संबोधित करते हुए स्पष्ट शब्दों में शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि वे अब 'ट्रेड यूनियन' (Trade Union) वाली सोच और नकारात्मक वृत्ति को पूरी तरह त्याग दें। सीएम ने जोर देकर कहा कि अगर शिक्षक या शिक्षामित्र केवल अपनी मांगों पर ही अड़े रहेंगे और काम के प्रति नकारात्मक सोच रखेंगे, तो वे न केवल मासूम बच्चों की शिक्षा की नींव को कमजोर करेंगे, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की एक ऐसी क्षति करेंगे जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।
\r\n\r\n
\r\n
शिक्षामित्रों की मानदेय बढ़ोतरी के उपलक्ष्य में जनपद गोरखपुर में 'शिक्षामित्र सम्मान समारोह' में... https://t.co/4qjtBB3HTo
\r\n— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 5, 2026
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा, "हमारा नेचर (स्वभाव) ट्रेड यूनियन जैसा कतई नहीं हो सकता। हमारे लिए पहले देश होना चाहिए, फिर हम। जो लोग सकारात्मक भाव के साथ कार्य करते हैं, वही एक अच्छी और सशक्त पीढ़ी तैयार कर सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति का कॉम्पिटिशन (प्रतिस्पर्धा) खुद अपने आपसे होना चाहिए। सरकार पूरी तरह से सकारात्मक सोच के साथ शिक्षामित्रों के साथ खड़ी है, इसलिए किसी के भी मन में नकारात्मक भाव बिल्कुल नहीं आने चाहिए।
संवाद और सहयोग से हुआ मानदेय का समाधान: 10 हजार से बढ़कर हुआ 18 हजार
\r\n\r\n
कार्यक्रम के दौरान पिछली सरकारों के फैसलों पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से चली आ रही शिक्षामित्रों की जायज मांग को हमारी सरकार ने सड़क पर टकराव से नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग के माध्यम से हल किया है। उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिना किसी ठोस नियम-कानून के शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रूप में मान्यता देने का कुत्सित प्रयास किया था, जो पूरी तरह से नियम-विरुद्ध था। इसी बड़ी गलती के कारण सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सभी शिक्षामित्रों की सेवाएं समाप्त करने का कड़ा आदेश दे दिया था।
\r\n\r\n
\r\n
1 लाख 43 हजार शिक्षामित्रों को सरकार ने सीधे ₹18 हजार का मानदेय देने का निर्णय लिया है, \r\n \r\nअप्रैल महीने से हमने इसको लागू कर दिया है... pic.twitter.com/yPoWQGamkA
\r\n— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 5, 2026
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
सीएम योगी ने कहा, "उस समय हमारे सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी थी। प्रदेश के करीब डेढ़ लाख परिवार भूखों मरने की कगार पर आ सकते थे। इन लोगों ने 18-19 वर्षों तक शिक्षा विभाग को अपनी सेवा दी है। उम्र के इस पड़ाव पर वे आखिर कहां जाते? इसलिए हमने मंत्रिमंडल में यह ऐतिहासिक फैसला किया कि इनकी सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी, बल्कि राज्य के विकास में इनका सहयोग लिया जाएगा।"
\r\n\r\n
\r\n
सरकार ने तय किया है कि शिक्षामित्रों को भी हम ₹5 लाख सालाना कैशलेस स्वास्थ्य कवर देंगे... pic.twitter.com/EzmFd4PVZe
\r\n— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 5, 2026
\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि वर्ष 2017 में जब उनकी सरकार आई थी, तब शिक्षामित्रों का मानदेय महज 3,500 रुपये था, जिसे बढ़ाकर तुरंत 10,000 रुपये किया गया। अब इसमें और भारी वृद्धि करते हुए इसे 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल महीने से ही लागू माना जाएगा।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा कवर
\r\n\r\n
इस समारोह में मुख्यमंत्री ने एक भावुक कर देने वाला वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में एक शिक्षामित्र का परिवार उनसे मिलने आया था। उनकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है और उसे डायलिसिस की सख्त जरूरत है। इस घटना से द्रवित होकर मुख्यमंत्री ने तत्काल संवेदना जताई और मंच से एक बहुत बड़ा फैसला सुनाया।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
उन्होंने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों को प्रधानमंत्री कैशलेस स्वास्थ्य कवर की तर्ज पर स्वास्थ्य बीमा की सुविधा दी जाएगी। इसके तहत हर शिक्षामित्र परिवार को सालाना 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य कवर (Cashless Health Cover) उपलब्ध कराया जाएगा। सीएम ने बेसिक शिक्षा परिषद को कड़े निर्देश दिए हैं कि तत्काल प्रभाव से जरूरतमंदों को इसका लाभ पहुंचाया जाए। जल्द ही एक भव्य समारोह आयोजित कर सभी को यह स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
बैंकिंग, सामाजिक सुरक्षा और महिलाओं को मनचाहे ट्रांसफर की सुविधा
\r\n\r\n
आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सीएम योगी ने शिक्षामित्रों की सामाजिक सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने ऐलान किया कि अब शिक्षामित्रों का पैसा चेक या नकद के रूप में नहीं मिलेगा, बल्कि सीधे उनके बैंक खातों (Direct Bank Transfer) में भेजा जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद को किसी बड़े बैंक से समन्वय स्थापित कर सभी शिक्षामित्रों के वेतन खाते खुलवाने के निर्देश दिए गए हैं। इन खातों का फायदा यह होगा कि इसके साथ 5 लाख से 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर (Accidental Insurance Cover) भी मिलेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में शिक्षामित्र का परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित रहे।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
इसके अलावा, सबसे बड़ी राहत महिला शिक्षामित्रों को दी गई है। सरकार ने यह नई व्यवस्था की है कि उन्हें उनके गृह जिले और नजदीकी विद्यालय में तैनाती दी जाएगी। खासकर जो शादीशुदा महिला शिक्षामित्र हैं, उन्हें उनके मायके या ससुराल के निकट स्थित विद्यालय में 'म्यूचुअल ट्रांसफर' (Mutual Transfer) की विशेष सुविधा प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस समस्या का तत्काल स्थायी समाधान निकालने के आदेश दिए हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
ऑपरेशन कायाकल्प से आई यूपी में शिक्षा क्रांति
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 'ऑपरेशन कायाकल्प' (Operation Kayakalp) की सफलता का भी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया गया है और यह सकारात्मक परिवर्तन स्कूलों में साफ दिख रहा है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
\r\n
\r\n
इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार: पहले प्रदेश के स्कूलों में टॉयलेट, स्वच्छ पेयजल, फ्लोरिंग, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास की उपलब्धता मात्र 30 से 36 फीसदी थी, जो आज बढ़कर 96-99 फीसदी तक पहुंच गई है।
\r\n
\r\n
\r\n
ड्रॉपआउट दर में कमी: स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के कारण बच्चों के स्कूल छोड़ने (Dropout) की दर 19 फीसदी से घटकर मात्र 3 फीसदी पर आ गई है।
\r\n
\r\n
\r\n
बालिकाओं की शिक्षा: पहले बुनियादी सुविधाओं (जैसे अलग टॉयलेट और सुरक्षा) के अभाव में बालिकाएं स्कूल नहीं जाती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
\r\n
\r\n
\r\n
मुफ्त सुविधाएं: आज प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख से अधिक बच्चों को सरकार की तरफ से दो सेट यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, किताबें, जूते, मोजे और सर्दियों में स्वेटर मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
\r\n
\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री ने निपुण भारत, पीएम श्री योजना (PM Shri), और कस्तूरबा गांधी विद्यालय जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों को अब 12वीं कक्षा तक उच्चीकृत किया जा रहा है और नए विकास खंडों में रेजिडेंशियल (आवासीय) स्कूल भी खोले जा रहे हैं।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
शिक्षामित्रों से सीएम की खास अपील: 'स्कूल चलो अभियान' को दें धार
\r\n\r\n
जुलाई महीने में खुलने वाले स्कूलों को लेकर मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलते ही सभी शिक्षक ‘स्कूल चलो अभियान’ (School Chalo Abhiyan) को तेजी से आगे बढ़ाएं। शिक्षक निर्धारित समय से आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें और प्रतिदिन 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से सीधा संवाद करें।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
उन्होंने सख्त हिदायत दी कि बच्चों को हमेशा प्यार से पढ़ाएं, उनके साथ कभी भी मारपीट (Corporal Punishment) न करें। बच्चों को अच्छी कहानियां, कविताएं और सकारात्मक उदाहरण देकर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। साथ ही, शिक्षकों को अपनी पारिवारिक खींचतान या तनाव को स्कूल के प्रांगण तक न लाने की सलाह दी गई। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,43,000 शिक्षामित्रों को उनकी सेवाओं के लिए बधाई दी।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
अरुणोदय कैलेंडर का विमोचन और 14 शिक्षामित्रों का विशेष सम्मान
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भव्य समारोह में 14 चयनित शिक्षामित्रों को अपने करकमलों से सम्मानित किया और उन्हें बढ़े हुए मानदेय (18,000 रुपये) का प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया। सम्मानित होने वालों में संगीता, प्रतिमा गुप्ता, फारिया तबस्सुम (सभी गोरखपुर से), तेजभान सिंह (कासगंज), धीरेंद्र कुमार शर्मा (फिरोजाबाद), संजय और शशि प्रभा सिंह (महाराजगंज), अभय कुमार व सुमन लता देवी (देवरिया), सर्वेश कुमार पांडे और अनुराधा (कुशीनगर), लालता प्रसाद (बस्ती), सोनू यादव (संत कबीर नगर) और मीरा (गोरखपुर) शामिल रहे।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
कार्यक्रम के दौरान, सीएम ने ‘विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर - अरुणोदय’ (Arunoday Calendar) का भी विमोचन किया। इस अनूठे कैलेंडर का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में होने वाली सुबह की प्रार्थना सभा को केवल एक रूढ़िगत गतिविधि से ऊपर उठाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास का माध्यम बनाना है। इस कैलेंडर में पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान, गणित, भाषायी कौशल, रोल प्ले, एक्शन गीत और कला-क्राफ्ट जैसी गतिविधियों को शामिल किया गया है।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, गोरखपुर के सांसद और अभिनेता रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी सहित कई गणमान्य विधायक और अधिकारी मौजूद रहे।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
गोरखपुर में आयोजित यह सम्मान समारोह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस यूपी शिक्षामित्र लेटेस्ट न्यूज़ के अनुसार, योगी सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय 18 हजार रुपये करने, 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा देने और महिलाओं को ट्रांसफर में सहूलियत देने जैसे कदम यह दर्शाते हैं कि सरकार जमीनी स्तर पर शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यदि शिक्षामित्र मुख्यमंत्री की नसीहत मानकर सकारात्मकता और लगन के साथ अपना काम करेंगे, तो निश्चित ही उत्तर प्रदेश भारत की शिक्षा क्रांति में सबसे अग्रणी राज्य बनकर उभरेगा।
\r\n\r\n
\r\n\r\n
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक बड़े सम्मान समारोह में शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा की है। इसके साथ ही हर शिक्षामित्र परिवार को 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, बैंक खाते के जरिए 10 लाख तक का दुर्घटना बीमा और महिला शिक्षामित्रों को उनके ससुराल या मायके के पास ट्रांसफर की सुविधा देने का ऐलान किया गया है। सीएम ने सभी शिक्षकों से ट्रेड यूनियन वाली सोच छोड़कर देश और बच्चों के भविष्य के लिए सकारात्मक भाव से काम करने की सख्त अपील की है।
Sabse pehle comment karne wale banein.