उत्तर प्रदेश का बरेली जिला शुक्रवार की देर रात एक बेहद खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात का गवाह बना। शहर के सुभाषनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मांझे वाली बगिया इलाके में एक युवा भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता की सरेआम चाकुओं से गोदकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 28 वर्षीय सचिन कश्यप के रूप में हुई है, जो मणिनाथ मंडल के भाजपा ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष पद पर आसीन थे। जिला मुख्यालय से बमुश्किल ढाई किलोमीटर की दूरी पर हुई इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और पुलिस प्रशासन की गश्त व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।READ ALSO:-FSSAI Big Step: पैक्ड फूड पर अब दिखेगा लाल रंग का 'खतरे का निशान'! ज्यादा चीनी, नमक और फैट की मिलेगी चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट में दिया प्रस्ताव
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उस खौफनाक रात का पूरा घटनाक्रम शुक्रवार का दिन सचिन और उनके पूरे परिवार के लिए अन्य सामान्य दिनों की तरह ही बीता था। रात का समय था और पूरे परिवार ने एक साथ बैठकर भोजन किया। खाना खाने के बाद, लगभग 10:00 से 10:30 बजे के बीच, सचिन हमेशा की तरह अपने घर से टहलने के लिए बाहर निकले। उन्हें इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि घर की दहलीज से कुछ ही कदमों की दूरी पर मौत एक खौफनाक साजिश के रूप में उनका इंतजार कर रही है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर से करीब 500 मीटर दूर एक अपेक्षाकृत सुनसान जगह पर कुछ हमलावर पहले से ही घात लगाए बैठे थे। वे पूरी तैयारी और हथियारों के साथ आए थे। जैसे ही सचिन उस इलाके से गुजरे, अंधेरे का फायदा उठाते हुए हमलावरों ने अचानक उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, शुरुआत में उनके बीच कुछ कहासुनी और भारी गाली-गलौज हुई। लेकिन इससे पहले कि सचिन स्थिति की गंभीरता को समझ पाते या खुद का बचाव करने के लिए कोई कदम उठा पाते, हमलावरों ने अपनी जेबों से धारदार चाकू निकाल लिए और उन पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nPS सुभाषनगर, बरेली क्षेत्रान्तर्गत युवक की चाकू/खुकरी से हमला कर हत्या की सूचना व प्राप्त तहरीर के आधार पर FIR दर्ज कर की जा रही पुलिस कार्यवाही के संबंध में श्री नितिन कुमार, क्षेत्राधिकारी नगर द्वितीय, बरेली की बाइट।#UPPolice pic.twitter.com/miFaU0Cgj9
\r\n— Bareilly Police (@bareillypolice) August 29, 2026
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चीख-पुकार, खून से लथपथ सड़क और कातिलों का फरार होना हमलावर इस कदर हावी थे कि सचिन को संभलने का एक भी मौका नहीं मिला। चाकुओं के वार इतने गहरे और घातक थे कि कुछ ही पलों में सचिन पूरी तरह से लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। हमले के दौरान जान बचाने के लिए सचिन जोर-जोर से चीखे। रात के सन्नाटे में उनकी चीख-पुकार सुनकर जब तक आस-पास के लोग और मोहल्ले वाले अपने घरों से बाहर निकलकर मौके की ओर दौड़ते, तब तक हमलावर अपना काम तमाम कर चुके थे। लोगों की भीड़ को अपनी तरफ आता देख आरोपी तुरंत अपनी बाइक पर सवार हुए और तेजी से रात के अंधेरे में फरार हो गए।
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अस्पताल ले जाते वक्त टूटी उम्मीदें घटनास्थल का नजारा बेहद डरावना और विचलित करने वाला था। सड़क खून से लाल हो चुकी थी और सचिन अचेत अवस्था में पड़े थे। स्थानीय लोगों ने बिना कोई समय गंवाए सचिन के घरवालों को फोन के माध्यम से इस जानलेवा हमले की सूचना दी। अनहोनी की खबर मिलते ही परिवार वाले बदहवास और रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंचे।
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परिजन और स्थानीय लोग तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना देने के साथ ही सचिन को एक निजी वाहन के जरिए जिला अस्पताल लेकर भागे। रास्ते भर परिवार वाले उनकी सांसें चलने और उनके जीवित बचने की दुआ कर रहे थे। लेकिन चाकुओं के क्रूर वार से शरीर का बहुत अधिक खून बह चुका था। जिला अस्पताल पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड में मौजूद डॉक्टरों की टीम ने सचिन का फौरन परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई।
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कौन थे सचिन कश्यप? मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया 28 वर्षीय सचिन कश्यप बरेली के मांझे वाली बगिया इलाके के एक जाने-माने और सक्रिय युवा थे। राजनीति में उनकी गहरी दिलचस्पी थी और वे समाज सेवा के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। इसी सक्रियता के चलते उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा के मणिनाथ मंडल के उपाध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। राजनीतिक और सामाजिक जीवन के अलावा, अपने बड़े परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वे एक प्रिंटिंग प्रेस में भी नौकरी करते थे।
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सचिन अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो अब पूरी तरह से बेसहारा हो गया है। उनके परिवार में उनके बुजुर्ग पिता चंद्र प्रकाश, मां गुड़िया देवी, दो भाई (जिनमें से एक सनी हैं) और पांच बहनें हैं। सचिन की शादी हो चुकी थी और वह तीन मासूम बच्चों के पिता थे। उनकी सबसे बड़ी बेटी महिमा महज 12 साल की है, दूसरी बेटी अरुणा 8 साल की है और सबसे छोटा बेटा शिवांश सिर्फ 4 साल का है।
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इस निर्मम हत्याकांड ने एक झटके में महिमा, अरुणा और शिवांश के सिर से उनके पिता का मजबूत साया छीन लिया है। सचिन की पत्नी गहरे सदमे में हैं और बार-बार बेसुध हो रही हैं। जिस घर में कुछ ही घंटे पहले हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब सिर्फ मातम का गहरा सन्नाटा और परिजनों के विलाप की हृदय विदारक आवाजें गूंज रही हैं।
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हत्या की असल वजह: पैसों के लेनदेन का पुराना विवाद पुलिस की अब तक की तफ्तीश और परिजनों के बयानों से यह साफ हो गया है कि इस नृशंस हत्याकांड के पीछे कोई राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या चुनावी रंजिश नहीं है, बल्कि पैसों के लेनदेन का एक पुराना विवाद है। मृतक सचिन के भाई सनी ने पुलिस और मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कुछ समय पहले सचिन का बाबू नाम के एक स्थानीय युवक के साथ पैसों को लेकर गहरा और तीखा विवाद हुआ था।
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सनी के मुताबिक, उस वक्त मामला काफी गरमा गया था और नौबत मारपीट तक आ गई थी। लेकिन बाद में स्थानीय लोगों, मोहल्ले के बुजुर्गों और कुछ समान जान-पहचान वालों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों को बिठाकर बातचीत कराई गई थी और दोनों के बीच समझौता करा दिया गया था। सचिन और उनके परिवार को लगा कि मामला यहीं खत्म हो गया है और पुरानी बातें भुला दी गई हैं। लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं था। विरोधी पक्ष के लोग उस समझौते के बावजूद सचिन से अंदर ही अंदर गहरी दुश्मनी और खुन्नस पाल कर बैठे थे। वे बस एक सही मौके और अंधेरे की तलाश में थे।
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परिजनों का भारी आक्रोश: "हत्यारों का एनकाउंटर करे पुलिस" जवान बेटे और भाई की इस तरह सड़क पर बेदर्दी से हत्या किए जाने के बाद कश्यप परिवार में भारी आक्रोश पनप गया है। पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में एक ही बड़ी मांग रखी है। मृतक के भाई सनी ने रोते हुए कहा कि जिन दरिंदों ने उनके भाई को बेरहमी से मारा है, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए, पुलिस को तुरंत उनका एनकाउंटर करना चाहिए। परिवार का मानना है कि जब तक कातिलों को उनके किए की सख्त सजा नहीं मिलेगी, तब तक सचिन की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
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पुलिस प्रशासन का एक्शन और आगे की कार्रवाई सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारी की हत्या की सूचना मिलते ही बरेली पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। रातों-रात पुलिस के आला अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। पुलिस ने मौके से खून के नमूने और अन्य अहम सुबूत जुटाए हैं। साथ ही आस-पास के घरों और रास्तों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का काम भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि हत्यारों की पहचान पुख्ता हो सके और उनके भागने के रूट को ट्रेस किया जा सके।
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इस पूरे घटनाक्रम पर बरेली के क्षेत्राधिकारी (CO) नितिन कुमार ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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सीओ नितिन कुमार ने आश्वासन देते हुए कहा, "आरोपियों की प्राथमिक पहचान कर ली गई है। उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें लगातार आरोपियों के सभी संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। बहुत जल्द इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"
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फिलहाल पुलिस ने सचिन के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह आधिकारिक रूप से साफ हो सकेगा कि सचिन पर चाकुओं से कितने वार किए गए। एहतियात के तौर पर सुभाषनगर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.