उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पिछले 15 दिनों से चल रही एक रहस्यमयी मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश हो गया है। यह कहानी किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है, जहां प्यार, धोखा, राजनीति और खून का एक खौफनाक कॉकटेल देखने को मिला है। दो लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई और दोनों की लाशें सहारनपुर के अलग-अलग इलाकों में पाई गईं। मरने वालों में एक डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) का संविदा कर्मचारी विक्रांत था, और दूसरी उसकी 27 वर्षीय दबंग गर्लफ्रेंड राखी थी। मुख्य आरोपी के तौर पर भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नेता सुधारस चौहान को गिरफ्तार किया गया है।READ ALSO:-सर्राफा बाजार का सबसे बड़ा उलटफेर: सोने-चांदी की कीमतों में आया 'भूकंप', औंधे मुंह गिरे दाम, खरीदारों के लिए खुला सुनहरा मौका
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आइए, इस पूरे हत्याकांड के किरदारों, हत्या की साजिश और पुलिस की तफ्तीश को परत-दर-परत विस्तार से समझते हैं।
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कहानी के मुख्य किरदार: कौन थे विक्रांत और राखी?
\r\n\r\nइस खौफनाक हत्याकांड की जड़ में जाने से पहले इसके मुख्य किरदारों को समझना बेहद जरूरी है:
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- \r\n विक्रांत (42 वर्ष): मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला विक्रांत बागपत स्थित डूडा कार्यालय में साल 2018 से संविदा कर्मी के पद पर तैनात था। वह शादीशुदा था। उसकी पत्नी प्राची (35 वर्ष) नोएडा में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में नौकरी करती है। दोनों की शादी को 10 साल हो चुके थे और उनकी एक बेटी भी है। विक्रांत बागपत की अर्जुनपुरम कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।\r\n \r\n
- \r\n राखी कश्यप (27 वर्ष): इस पूरी कहानी की धुरी राखी ही थी। राखी कोई आम लड़की नहीं थी; वह एक 'दबंग' छवि वाली महिला थी जो अपनी कमर में हमेशा एक लाइसेंसी पिस्टल लगाकर चलती थी। उसका दो बार तलाक हो चुका था और इन दिनों उसका अफेयर 42 साल के शादीशुदा विक्रांत के साथ चल रहा था।\r\n \r\n
- \r\n सुधारस चौहान और कपिल चौहान: सुधारस भाजपा युवा मोर्चा का पूर्व नगर अध्यक्ष है और कपिल चौहान एक दवा कारोबारी है। ये दोनों राखी के दोस्त थे और इस डबल मर्डर केस के मुख्य सूत्रधार निकले।\r\n \r\n
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कैसे शुरू हुआ मौत का खेल? पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट
\r\n\r\nघटनाक्रम की शुरुआत 15 अप्रैल 2026 से होती है। विक्रांत रोज की तरह अपने कार्यालय पहुंचा, पूरे दिन काम किया और शाम को अर्जुनपुरम कॉलोनी स्थित अपने कमरे पर लौट गया। लेकिन 16 अप्रैल को वह ऑफिस नहीं पहुंचा। सहकर्मियों ने फोन मिलाया तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। अनहोनी की आशंका के चलते सहकर्मियों ने विक्रांत के परिवार को सूचना दी।
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पति के अचानक लापता होने से बदहवास पत्नी प्राची ने हर संभावित रिश्तेदारी और जान-पहचान वालों के यहां विक्रांत की तलाश की। जब कई दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला, तो थक-हारकर प्राची ने 23 अप्रैल को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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पत्नी का शक और राखी की एंट्री: अपनी शिकायत में पत्नी प्राची ने पुलिस को एक अहम सुराग दिया। उसने शक जताया कि उसके पति का 'राखी' नाम की एक महिला से संपर्क था। प्राची ने पुलिस को बताया कि राखी उसके पति पर किसी बात को लेकर लगातार दबाव बना रही थी और अपनी डिमांड पूरी करने के लिए उन्हें धमका भी रही थी। पत्नी के इसी बयान ने पुलिस की जांच को एक नई दिशा दी।
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पुलिस की जांच और 16 अप्रैल की वह मनहूस खूनी रात
\r\n\r\nगुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने सबसे पहले राखी के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली। कॉल रिकॉर्ड्स से यह साफ हो गया कि विक्रांत के गायब होने से पहले उसकी सबसे ज्यादा बातचीत राखी कश्यप से ही हुई थी। पुलिस ने 18 अप्रैल को राखी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उस समय राखी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और हर सवाल का गोलमोल जवाब दिया।
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क्या हुआ था 16 अप्रैल की रात? बाद में हुए खुलासे और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में जो सच सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। 16 अप्रैल को बागपत में राखी के घर पर एक पार्टी का आयोजन किया गया था। यह पार्टी सुधारस चौहान ने दी थी। इस महफिल में विक्रांत, राखी, भाजपा युवा मोर्चा नेता सुधारस चौहान और दवा कारोबारी कपिल चौहान समेत कुछ अन्य लोग मौजूद थे।
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पार्टी के दौरान नशे या किसी अन्य विवाद के चलते बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर दबंग राखी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और विक्रांत की जांघ पर गोली मार दी। गोली चलते ही पार्टी में अफरा-तफरी मच गई। सुधारस, कपिल और खुद राखी इस घटना से बुरी तरह डर गए।
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इंसानियत की मौत और पहली लाश: गोली लगने से विक्रांत तड़प रहा था, लेकिन इन तीनों ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय खौफनाक साजिश रची। पकड़े जाने के डर से वे घायल विक्रांत को एक सुनसान इलाके में ले गए। वहां उन्होंने बेरहमी से विक्रांत के हाथ-पैर बांधे, उसे कपड़ों में लपेटा और नहर में फेंक दिया।
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अगले दिन, 17 अप्रैल को सहारनपुर में पुलिस को नहर से एक अज्ञात शव मिला। हत्यारों ने पहचान छिपाने के लिए विक्रांत के सिर और चेहरे पर भारी चीज से कई वार किए थे। शव की शिनाख्त उस वक्त नहीं हो सकी थी और सहारनपुर पुलिस इसे अज्ञात शव मानकर जांच कर रही थी।
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राज खुलने का डर और राखी की खौफनाक हत्या (दूसरी लाश)
\r\n\r\nसहारनपुर और बागपत पुलिस अज्ञात शव और विक्रांत की गुमशुदगी की कड़ियां जोड़ ही रही थी कि 27 अप्रैल को एक और धमाका हुआ। थाना मिर्जापुर (सहारनपुर) के नौगांवा के जंगल में एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ। शव की हालत बेहद खराब थी; युवती का चाकू से गला रेता गया था और सीने तथा पीठ पर धारदार हथियार से अनगिनत वार किए गए थे। बाद में इस क्षत-विक्षत शव की पहचान 'राखी कश्यप' के रूप में हुई।
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आखिर राखी को क्यों मारा गया? राखी की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि विक्रांत की हत्या में उसके साझेदार रहे सुधारस चौहान और कपिल चौहान ने ही की थी। पुलिस जांच के अनुसार, सुधारस और कपिल को डर सताने लगा था कि पुलिस की जांच तेज हो रही है। राखी इस पूरी घटना की सबसे अहम कड़ी थी और उसे सभी राज मालूम थे। उन्हें लगा कि अगर पुलिस ने राखी से दोबारा सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट जाएगी और उन सबका पर्दाफाश हो जाएगा।
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इसी खौफ के चलते उन्होंने राखी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। राखी को पार्टी के बहाने एक सुनसान फॉर्महाउस पर बुलाया गया। वहां धोखे से उसे रोका गया और फिर बेरहमी से उसका गला रेत दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तस्दीक करती है कि पहले गला रेता गया, फिर सीने और पीठ पर चाकू से कई वार किए गए ताकि उसके बचने की कोई गुंजाइश न रहे। हत्या के बाद शव को एक बोरे में ठूंसकर रजबहे (छोटी नहर/जंगल) में फेंक दिया गया।
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मोबाइल लोकेशन से खुला राज और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
\r\n\r\nकातिलों ने अपनी तरफ से कोई सुराग नहीं छोड़ा था, लेकिन तकनीक ने उन्हें पकड़वा दिया। घटनास्थलों और फॉर्महाउस के आसपास के मोबाइल टावर लोकेशन डेटा और डंप डेटा ने पुलिस को संदिग्धों की सटीक लोकेशन दे दी। इसी के आधार पर पुलिस सुधारस चौहान और कपिल चौहान तक पहुंची।
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हत्या के लगभग 15 दिन बाद, 1 मई (शुक्रवार) को जब मुख्य आरोपी सुधारस चौहान को बागपत से पुलिस ने धर दबोचा, तो उसने पुलिसिया पूछताछ में टूटकर सारा सच उगल दिया। इसके साथ ही इस अंधे कत्ल की गुत्थी पूरी तरह सुलझ गई।
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भाई ने शव ले जाने से किया इनकार: राखी की हत्या के बाद एक और मार्मिक और पारिवारिक पहलू सामने आया। शुक्रवार शाम जब राखी का छोटा भाई विकास सहारनपुर पहुंचा, तो उसने अपनी बहन की करतूतों और खौफनाक मौत को देखकर डेड बॉडी को बागपत ले जाने से ही इनकार कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने-बुझाने के बाद विकास ने सहारनपुर में ही राखी का अंतिम संस्कार कर दिया।
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एक नजर में घटना का पूरा टाइमलाइन (Timeline of Events):
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- \r\n 15 अप्रैल: विक्रांत डूडा कार्यालय गया और शाम को अपने कमरे पर लौटा।\r\n \r\n
- \r\n 16 अप्रैल: राखी के घर पार्टी। विवाद के बाद राखी ने विक्रांत को गोली मारी। शव को नहर में फेंका गया। विक्रांत ऑफिस नहीं पहुंचा।\r\n \r\n
- \r\n 17 अप्रैल: सहारनपुर की नहर में विक्रांत का अज्ञात और क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ।\r\n \r\n
- \r\n 18 अप्रैल: कॉल डिटेल के आधार पर बागपत पुलिस ने राखी से पूछताछ की।\r\n \r\n
- \r\n 23 अप्रैल: विक्रांत की पत्नी प्राची ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट और राखी पर शक की एफआईआर दर्ज कराई।\r\n \r\n
- \r\n (23 से 27 अप्रैल के बीच किसी दिन): राज खुलने के डर से सुधारस और कपिल ने फॉर्महाउस में राखी की चाकू से गोदकर हत्या की।\r\n \r\n
- \r\n 27 अप्रैल: सहारनपुर के नौगांवा के जंगल में राखी का रेता हुआ शव बरामद हुआ।\r\n \r\n
- \r\n 1 मई: मुख्य आरोपी भाजपा युवा मोर्चा नेता सुधारस चौहान बागपत से गिरफ्तार, पूरी साजिश का पर्दाफाश।\r\n \r\n
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पुलिस ने सुधारस और कपिल दोनों से सघन पूछताछ कर ली है। हालांकि, पुलिस द्वारा अभी इस पूरे मामले का प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक खुलासा किया जाना बाकी है, लेकिन तफ्तीश की हर कड़ी जुड़ चुकी है और कातिल सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं। इस डबल मर्डर ने साबित कर दिया है कि अपराध की बुनियाद पर टिके रिश्ते अंततः खौफनाक मौतों पर ही खत्म होते हैं।
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