उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को रामपुर की एक विशेष अदालत ने 'डबल पैन कार्ड' (Double PAN Card) से जुड़े गंभीर मामले में दोषी करार देते हुए 7-7 साल के कारावास की सजा सुनाई है।READ ALSO:-बांग्लादेश BREAKING: पूर्व PM शेख हसीना, पूर्व गृह मंत्री और IG को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए ट्रिब्यूनल ने सुनाई फांसी की सजा
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\r\nकोर्ट के इस फैसले के बाद यह लगभग तय है कि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके विधायक पुत्र अब्दुल्ला को एक बार फिर जेल जाना होगा। यह फैसला आजम खान के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इससे पहले उन्हें हेट स्पीच मामले में भी सजा सुनाई जा चुकी है।
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\r\nक्या है डबल पैन कार्ड और फर्जी दस्तावेज का मामला?
\r\nयह पूरा मामला अब्दुल्ला आजम के चुनाव लड़ने की पात्रता से जुड़ा है। आरोप था कि 2017 में जब अब्दुल्ला आजम ने विधानसभा चुनाव लड़ा था, तब उनकी न्यूनतम कानूनी आयु पूरी नहीं थी। विधायक बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए, लेकिन अब्दुल्ला की वास्तविक आयु कम थी।
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  •  फर्जी दस्तावेज का आरोप: चुनाव लड़ने की योग्यता पूरी करने के लिए अब्दुल्ला आजम के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए थे।
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  •  डबल पैन कार्ड: उम्र अधिक दिखाने के उद्देश्य से, अब्दुल्ला ने फर्जी तरीके से एक दूसरा पैन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया था, जिसमें उनकी जन्म तिथि को बदल दिया गया था।
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  •  आजम खान की भूमिका: कोर्ट ने इस पूरी साजिश में आजम खान की संलिप्तता को पाया और उन्हें साजिश रचने तथा फर्जीवाड़े में अपने बेटे की मदद करने का दोषी माना है।
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  • इस मामले में पहले ही कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के विधायक पद को रद्द कर दिया था, जिसके बाद उपचुनाव हुए थे।
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कोर्ट का फैसला और सजा
\r\nरामपुर की विशेष MP/MLA कोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे दोनों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं, जिनमें धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery) और साजिश रचना शामिल है, के तहत दोषी ठहराया।
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\r\nन्यायाधीश ने दोनों दोषियों को 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, दोनों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, 7 साल की सजा होने के कारण, आजम खान और अब्दुल्ला आजम दोनों की भविष्य की चुनावी पात्रता (Electoral Disqualification) पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
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\r\nआजम खान के लिए लगातार दूसरा झटका
\r\nआजम खान के लिए यह फैसला राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर लगातार दूसरा बड़ा झटका है। इससे पहले, उन्हें हेट स्पीच के एक मामले में भी दोषी ठहराया गया था, जिसके चलते उनकी विधायकी (Assembly Membership) रद्द हो गई थी। 
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\r\nयह नया फैसला सपा नेता के लिए मुश्किलें और बढ़ाएगा। उनके वकील ने कहा है कि वे इस फैसले को तुरंत उच्च न्यायालय (High Court) में चुनौती देंगे और सजा को निलंबित (Suspend) करने के लिए अपील दायर करेंगे। हालांकि, अपील की प्रक्रिया पूरी होने तक, उन्हें जेल में ही रहना होगा।
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\r\nराजनीतिक प्रतिक्रिया
\r\nइस फैसले पर राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे न्याय की जीत बताया है और कहा है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ते रहेंगे। 
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\r\nरामपुर कोर्ट ने वरिष्ठ सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को डबल पैन कार्ड और फर्जी दस्तावेज मामले में 7-7 साल की सजा सुनाकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला दिया है। इस फैसले के बाद दोनों को जेल जाना पड़ेगा और उनकी राजनीतिक भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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