मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी का IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है। इसकी संभावित तारीखों, शेयर की कीमत और कंपनी के मूल्यांकन को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का मूल्यांकन लक्ष्य
रॉयटर्स की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये यानी 106 अरब डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य रख रही है। रिपोर्ट में शेयर का संभावित प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 बताया गया है। ऊपरी कीमत पर कंपनी करीब ₹30,213 करोड़ जुटा सकती है। ये आंकड़े सूत्रों के हवाले से सामने आए हैं; अंतिम शर्तों की पुष्टि कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों से होगी।
जियो आईपीओ की तारीखें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO का एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुल सकता है। इसके बाद आम निवेशकों के लिए IPO 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक खुलने की उम्मीद है। शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर और BSE तथा NSE पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित बताई गई है।
एंकर बुक: 19 अक्टूबर 2026
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›IPO खुलने की तारीख: 21 अक्टूबर 2026
IPO बंद होने की तारीख: 23 अक्टूबर 2026
संभावित शेयर आवंटन: 26 अक्टूबर 2026
संभावित लिस्टिंग: 28 अक्टूबर 2026
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ये तारीखें मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। निवेश करने से पहले कंपनी का अंतिम रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) और आधिकारिक IPO घोषणा जरूर देखें।
प्राइस बैंड और इश्यू साइज
रिपोर्ट्स में जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों का संभावित प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 बताया गया है। इस आधार पर IPO का आकार करीब ₹30,213 करोड़ हो सकता है। कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में करीब ₹37,700 करोड़ का आंकड़ा भी सामने आया था, लेकिन बाद की रिपोर्ट में कम इश्यू साइज बताया गया है। इसलिए अंतिम रकम और कीमत की पुष्टि आधिकारिक दस्तावेज आने के बाद ही होगी।
कंपनी के जून 2026 में दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में 27 करोड़ तक नए इक्विटी शेयर जारी करने का प्रस्ताव है। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू ₹10 रखा गया है। अंतिम कीमत बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत तय होगी।
IPO से जुटाई रकम का कहां होगा इस्तेमाल?
रिपोर्ट्स के अनुसार, IPO से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा जियो की टेलीकॉम सहायक कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे समूह की वित्तीय स्थिति और कर्ज प्रबंधन पर असर पड़ सकता है। अंतिम इस्तेमाल की जानकारी कंपनी के ऑफर दस्तावेजों में स्पष्ट होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल सेवाओं, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, डिजिटल मनोरंजन, क्लाउड, एंटरप्राइज तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाओं से जुड़ा है। कंपनी के साथ मेटा और गूगल जैसे बड़े निवेशक भी जुड़े हुए हैं।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
IPO में आवेदन करने से पहले निवेशकों को प्राइस बैंड, लॉट साइज, न्यूनतम निवेश राशि, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन की जानकारी देखनी चाहिए। संभावित लिस्टिंग तारीख या कंपनी के बड़े आकार को देखकर ही निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
फिलहाल, जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की 21 से 23 अक्टूबर की तारीखें और 28 अक्टूबर की संभावित लिस्टिंग मीडिया रिपोर्ट्स में बताई गई हैं। अंतिम कीमत, इश्यू साइज और अन्य शर्तों के लिए कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
Sabse pehle comment karne wale banein.