मुजफ्फरनगर में 'दृश्यम' जैसी खौफनाक वारदात: 14 दिन से लापता रॉकी की नृशंस हत्या; सौतेले बेटे ने सिर काटकर नहर में फेंका, धड़ पर नमक डालकर खेत में किया दफन
मुजफ्फरनगर में 14 दिन से लापता रॉकी (विकसित) की नृशंस हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सौतेले बेटे और पत्नी ने साजिश रचकर हत्या की, शव के टुकड़े किए और धड़ को जंगल में नमक डालकर दफना दिया।
Published at : 02 Jun 2026, 11:23 AM
Updated at : 11 Sep 2026, 11:51 AM
Muzaffarnagar Rocky Murder Case Solved Main Accused Arrested
हत्यारों ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने शव का सिर धड़ से अलग कर दिया। धड़ को जल्दी गलाने के लिए उस पर भारी मात्रा में नमक डालकर खेत में दफना दिया गया, जबकि कटे हुए सिर को नहर में फेंक दिया। पिछले 14 दिनों से लापता चल रहे विकसित उर्फ रॉकी की तलाश में जुटी मुजफ्फरनगर पुलिस ने जब एक एनकाउंटर के बाद मुख्य गुर्गे को गिरफ्तार किया, तब जाकर इस खौफनाक और खूनी साजिश का पर्दाफाश हुआ।
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▶️थाना सिखेड़ा एवं थाना भोपा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा हत्या के अभियोग का किया गया सफल अनावरण, दौराने पुलिस मुठभेड़ 01 शातिर हत्याभियुक्त को किया गया घायल/गिरफ्तार। \r\n \r\n▶️घायल/गिरफ्तार अभियुक्त की निशादेही/कब्जे से मृतक का शव तथा अवैध शस्त्र किए गए बरामद। \r\n \r\n▶️इस सम्बन्ध में SSP… pic.twitter.com/48KYLZEe2u
\r\n— MUZAFFARNAGAR POLICE (@muzafarnagarpol) June 2, 2026
वारदात की शुरुआत: 18 मई की वह मनहूस शाम और एक 'झूठा सफर'
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इस पूरी खौफनाक साजिश की शुरुआत 18 मई को हुई थी। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव का रहने वाला 36 वर्षीय विकसित उर्फ रॉकी अपनी पत्नी रेणु के साथ घर से बाहर निकला था। परिजनों को बताया गया था कि रेणु उसे किसी जरूरी काम से पहले बागपत और फिर ऋषिकेश लेकर जा रही है।
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उसी दिन शाम करीब 7 बजे रॉकी की अपनी मां से फोन पर आखिरी बार बातचीत हुई थी। उस फोन कॉल में रॉकी ने सब कुछ सामान्य बताया था, लेकिन उसके बाद से रॉकी का मोबाइल हमेशा के लिए बंद हो गया। वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। शुरुआत में पत्नी रेणु घर वालों को अलग-अलग कहानियां सुनाकर गुमराह करती रही। वह कभी कहती कि रॉकी कहीं काम से गया है, तो कभी कोई और बहाना बना देती।
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शक तब गहरा गया जब 26 मई को रेणु, अपने बेटे बादल (रॉकी का सौतेला बेटा) और बहू निशा के साथ अचानक बिना किसी को बताए घर छोड़कर रातों-रात फरार हो गई।
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भाई की शिकायत, पुलिस की तफ्तीश और 'काली स्कॉर्पियो'
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रॉकी के भाई मुकुल कुमार को जब अनहोनी की पक्की आशंका हुई, तो उसने 25 मई को सिखेड़ा थाने में भाई की गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। मुकुल ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में स्पष्ट रूप से रॉकी के अपहरण और हत्या की आशंका जताई थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने तत्काल कई टीमें गठित कीं और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस (Call Detail Records - CDR) की मदद ली। पुलिस की टीमें दिन-रात खाक छान रही थीं। इसी जांच के दौरान पुलिस के हाथ गांव के पास का एक अहम सीसीटीवी फुटेज लगा। इस फुटेज में एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार नजर आई। जांच में यह दावा किया गया कि रॉकी को इसी वाहन से अगवा किया गया था।
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जंगल में पुलिस मुठभेड़: गोलियों की गूंज के साथ खुला मौत का राज
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लगातार दबिश दे रही पुलिस को सोमवार देर रात एक बड़ी सफलता मिली। सिखेड़ा और भोपा पुलिस की संयुक्त टीम को एक मुखबिर से गुप्त सूचना मिली कि भोपा थाना क्षेत्र के कादीपुर गांव के घने जंगल में एक संदिग्ध और खतरनाक बदमाश छिपा हुआ है।
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सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस को अपनी ओर आता देख बदमाश ने खुद को बचाने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा।
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गिरफ्तार किए गए इस बदमाश की पहचान भोपा थाना क्षेत्र के मलपुरा निवासी मोंटी त्यागी के रूप में हुई। जब पुलिस ने अस्पताल में मोंटी त्यागी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो कहानी सुनाई, उसे सुनकर खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए।
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हत्या का खौफनाक ब्लूप्रिंट: बागपत में मर्डर, मुजफ्फरनगर में गाड़ा शव
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मोंटी त्यागी ने पुलिस के सामने पूरी साजिश का पर्दाफाश करते हुए सिलसिलेवार तरीके से बताया:
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अपहरण और मर्डर: रॉकी को काले रंग की स्कॉर्पियो से पहले अगवा किया गया। इसके बाद उसे बागपत जिले के बड़ौत क्षेत्र के सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां उसे बेरहमी से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।
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पहचान मिटाने की वहशियाना साजिश: हत्यारों को पता था कि अगर लाश मिली तो वे पकड़े जाएंगे। इसलिए हत्या के बाद शव को वापस मुजफ्फरनगर लाया गया। कादीपुर के जंगल में उन्होंने रॉकी के शव के साथ वहशीपन किया और धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से काटकर अलग कर दिया।
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नमक डालकर दफनाया: सिर कटे धड़ को जंगल के पास एक खेत में गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। मांस जल्दी गल जाए और कंकाल को कोई पहचान न सके, इसके लिए हत्यारों ने शव के ऊपर भारी मात्रा में नमक भी डाला। यह तरीका अक्सर पेशेवर अपराधी अपनाते हैं ताकि शव जल्दी डीकम्पोज (Decompose) हो जाए।
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सिर नहर में फेंका: पुलिस को गुमराह करने और सिर की शिनाख्त से बचने के लिए रॉकी के कटे हुए सिर को पास की एक गहरी नहर में बहा दिया गया।
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फिनाइल से साफ किए सबूत: फोरेंसिक जांच से बचने के लिए, हत्यारों ने वारदात की जगह और जिस गाड़ी में शव लाया गया था, उसे फिनाइल डालकर अच्छी तरह से धो दिया था ताकि खून का एक भी कतरा न बचे।
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मोंटी त्यागी की निशानदेही पर मुजफ्फरनगर पुलिस ने मंगलवार को जेसीबी (JCB) मशीन मंगवाकर खेत में खुदाई करवाई। घंटों की मशक्कत के बाद वहां से रॉकी का नमक में सना हुआ धड़ बरामद कर लिया गया है। पुलिस की टीमें और गोताखोर (Divers) अब नहर में रॉकी के सिर की तलाश कर रहे हैं।
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कत्ल की असल वजह: सौतेले बेटे की गहरी रंजिश और संपत्ति का खेल
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पुलिस की अब तक की पूछताछ और जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि रॉकी की हत्या के पीछे सबसे बड़ा हाथ उसके ही परिवार का है।
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आरोपी मोंटी त्यागी ने पुलिस को बताया कि रॉकी के सौतेले बेटे बादल के मन में रॉकी के प्रति गहरी नफरत और पुरानी रंजिश थी। इस खौफनाक हत्याकांड की पूरी साजिश (मास्टरमाइंड) खुद बादल ने ही रची थी और रॉकी पर पहली गोली भी उसी ने चलाई थी।
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पहले पति की मौत भी है संदिग्ध: इस खुलासे के बाद गांव वालों और स्थानीय लोगों के बीच इस बात की भी भारी चर्चा है कि रॉकी की पत्नी रेणु का विवादों से पुराना नाता रहा है। कुछ ग्रामीणों के अनुसार, रेणु के पहले पति (बादल के असली पिता) की मौत भी रहस्यमय परिस्थितियों में ही हुई थी। माना जा रहा है कि इस निर्मम हत्या के पीछे कोई बड़ा संपत्ति विवाद या पारिवारिक कलह मुख्य कारण है, जिसे सुलझाने के बजाय रेणु और उसके बेटे ने खूनी रास्ता चुना।
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ग्रामीणों का फूटा गुस्सा और रॉकी को नम आंखों से अंतिम विदाई
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कादीपुर के जंगल से रॉकी का सिर कटा धड़ मिलने की खबर जैसे ही बेहड़ा अस्सा गांव पहुंची, वहां हाहाकार मच गया। भारी संख्या में ग्रामीण और मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर भारी हंगामा किया।
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मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद जब रॉकी का शव (धड़) गांव लाया गया, तो माहौल बेहद गमगीन हो गया। उसकी अंतिम यात्रा में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव की गलियों में "रॉकी को न्याय दो" और "हत्यारों को फांसी दो" के नारे लगातार गूंजते रहे। स्थिति के तनावपूर्ण होने की आशंका को देखते हुए गांव और श्मशान घाट पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई थी।
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पुलिस का आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई
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सीओ (नई मंडी) राजू कुमार साव ने इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए कहा:
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"इस जघन्य हत्याकांड में मृतक की पत्नी रेणु, सौतेला बेटा बादल, पुत्रवधू निशा और मोंटी त्यागी समेत कुल 5 लोगों की भूमिका मुख्य रूप से सामने आई है। हमने मुख्य साजिशकर्ताओं (पत्नी, बेटे और बहू) को जांच के दायरे में ले लिया है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कई ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। बहुत जल्द इस खूनी साजिश में शामिल सभी लोग सलाखों के पीछे होंगे।"
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फिलहाल मुजफ्फरनगर पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती फरार चल रहे मुख्य आरोपियों—रेणु, बादल और निशा—की गिरफ्तारी करना और मृतक रॉकी का कटा हुआ सिर नहर से सुरक्षित बरामद करना है। यह दिल दहला देने वाली घटना समाज में रिश्तों के बीच पनप रहे लालच, नफरत और क्रूरता का एक बेहद डरावना उदाहरण बनकर सामने आई है। पुलिस का दावा है कि इस केस को 'फास्ट ट्रैक' अदालत में ले जाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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