मुजफ्फरनगर (क्राइम डेस्क / न्यूज़ रिपोर्ट): तीर्थ यात्रा और धार्मिक स्थलों पर जाने का उद्देश्य हमेशा मन की शांति और आत्मिक शुद्धि होता है। लेकिन क्या हो जब लोग ऐसी पवित्र यात्रा पर भी शराब के नशे में धुत होकर निकलें? इसका सीधा अंजाम मौत और बर्बादी के रूप में सामने आता है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रविवार रात एक ऐसा ही खौफनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने सड़क सुरक्षा और नशे में ड्राइविंग (Drunk Driving) के गंभीर परिणामों को एक बार फिर से उजागर कर दिया है।READ ALSO:-मेरठ में सनसनीखेज वारदात: BJYM प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत में चल रही थी रैली, तभी गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट! बाल-बाल बचे युवक
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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भसाना गांव के पास रविवार रात करीब 11:00 बजे एक तेज रफ्तार कार और एक एंबुलेंस के बीच जोरदार और सीधी टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि कार और एंबुलेंस दोनों के परखच्चे उड़ गए। इस भीषण सड़क हादसे में एक महिला और एक पुरुष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
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आइए, इस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं कि आखिर रविवार की उस मनहूस रात को भसाना के पास क्या हुआ था और कैसे एक छोटी सी लापरवाही ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।
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आधी रात का खौफनाक मंजर: कैसे हुई कार और एंबुलेंस की भिड़ंत?

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घटना रविवार (19 जुलाई 2026) रात करीब 11:00 बजे की है। जानकारी के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत (Sonipat) से एक कार में सवार होकर 7 लोग हरिद्वार (Haridwar) में पवित्र गंगा स्नान के लिए निकले थे। रात का समय था और कार मुजफ्फरनगर के रास्तों से होते हुए हरिद्वार की ओर तेजी से दौड़ रही थी।
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दूसरी ओर, एक एंबुलेंस मुजफ्फरनगर के किसी अस्पताल में एक मरीज को छोड़कर वापस बुढ़ाना की तरफ लौट रही थी। जैसे ही दोनों वाहन बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के भसाना गांव के पास पहुंचे, कार चला रहे व्यक्ति ने वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार में लहराती हुई कार सीधे सामने से आ रही एंबुलेंस में जा घुसी।
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प्रत्यक्षदर्शियों की आंखों देखी: रात के सन्नाटे में जब दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत हुई, तो बम फटने जैसी भयानक आवाज आई। इस खौफनाक आवाज को सुनकर आस-पास के ग्रामीण और भसाना गांव के लोग तुरंत अपने घरों से बाहर दौड़ पड़े। मौके का नजारा बेहद डरावना था। कार और एंबुलेंस का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचक चुका था। कार के अंदर फंसे लोग खून से लथपथ थे और दर्द के मारे उनकी चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा था।
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पुलिस और ग्रामीणों का रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे से निकाले गए घायल

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हादसे की भयावहता को देखते हुए राहगीरों और ग्रामीणों ने तुरंत बुढ़ाना कोतवाली पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गई। रात का अंधेरा और वाहनों के बुरी तरह पिचक जाने के कारण घायलों को बाहर निकालना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी।
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पुलिस के जवानों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार के दरवाजों को तोड़कर और गैस कटर की मदद से मलबे को काटकर सभी 7 लोगों को बाहर निकाला। इनमें से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर थी और उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हो रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को कई एंबुलेंस के जरिए तुरंत मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल (District Hospital) भिजवाया।
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अस्पताल में टूटा दुखों का पहाड़: डॉक्टर ने दो को किया मृत घोषित

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मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में घायलों के पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने तुरंत सभी का परीक्षण और प्राथमिक उपचार शुरू किया।
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परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने कार में सवार एक महिला और एक पुरुष को मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत संभवतः टक्कर के वक्त सिर और सीने पर लगी गंभीर अंदरूनी चोटों के कारण मौके पर ही हो गई थी। वहीं, कार में सवार 5 अन्य घायलों का सघन उपचार (ICU) जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें से कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उन्हें 24 घंटे की कड़ी मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
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नशे ने ली जान: पुलिस के खुलासे ने खड़े किए रोंगटे

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इस पूरे हादसे में सबसे चौंकाने वाला और शर्मनाक पहलू यह है कि एक पवित्र धार्मिक यात्रा पर निकले ये लोग नशे में धुत थे। पुलिस की शुरुआती जांच और मेडिकल परीक्षण में यह बात सामने आई है कि कार में बैठे लोग शराब के नशे में थे।
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उमरपुर प्रभारी मोहित तेवातिया का बयान: घटना के संबंध में जानकारी देते हुए उमरपुर चौकी प्रभारी मोहित तेवातिया ने बताया कि:
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"यह सभी लोग हरियाणा के सोनीपत से हरिद्वार गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। कार में कुल 7 लोग सवार थे। शुरुआती जांच और मौके के हालात से यह स्पष्ट हुआ है कि ये लोग शराब के नशे में पूरी तरह धुत थे। नशे के कारण ही चालक कार पर अपना नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रही एंबुलेंस में सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हैं। एंबुलेंस मरीज छोड़कर लौट रही थी, जिस वजह से उसमें कोई मरीज मौजूद नहीं था, अन्यथा हताहतों की संख्या और अधिक हो सकती थी।"
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परिजनों की तलाश और पुलिस की आगे की कार्रवाई

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हादसे के बाद पुलिस ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों (कार और एंबुलेंस) को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर अपने कब्जे में ले लिया है और थाने भिजवा दिया है।
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मृतकों और घायलों के पास से मिले पहचान पत्रों और मोबाइल फोन के आधार पर मुजफ्फरनगर पुलिस अब सोनीपत (हरियाणा) में उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। परिजनों के अस्पताल पहुंचने के बाद ही मृतकों के शवों का पंचनामा (Inquest Report) भरकर उन्हें पोस्टमार्टम (Post-mortem) के लिए मोर्चरी भेजा जाएगा। पुलिस इस मामले में नशे में ड्राइविंग (Drunk Driving) और लापरवाही से वाहन चलाने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
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हाइवे पर लगा भीषण जाम, पुलिस ने खुलवाया रास्ता

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कार और एंबुलेंस की इस भीषण टक्कर के कारण बीच सड़क पर मलबा फैल गया था। हादसे के बाद उस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं, जिससे भीषण जाम की स्थिति पैदा हो गई।
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हालांकि, बुढ़ाना पुलिस ने गजब की मुस्तैदी दिखाई। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने क्रेन बुलवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को किनारे कराया और सड़क पर फैले कांच और मलबे को साफ करवाया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को दोबारा सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया, जिससे फंसे हुए यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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'नशा और रफ्तार' का घातक गठजोड़

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यह हादसा हम सभी के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। अक्सर लोग वीकेंड या धार्मिक यात्राओं को मौज-मस्ती का साधन मानकर शराब का सेवन कर लेते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष लोगों (जैसे इस मामले में एंबुलेंस चालक) के लिए भी काल बन जाता है। नशे की हालत में व्यक्ति के सोचने-समझने और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता (Reflexes) पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
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हम सभी को यह समझना होगा कि "ड्राइविंग करते समय शराब पीना मौत को दावत देना है।" प्रशासन को भी चाहिए कि वह रात्रिकालीन गश्त बढ़ाए और हाईवे पर ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) के जरिए चेकिंग अभियान तेज करे, ताकि भविष्य में इस तरह के खौफनाक सड़क हादसों को रोका जा सके।
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सोनीपत के इन परिवारों पर जो दुखों का पहाड़ टूटा है, उसकी भरपाई अब ताउम्र नहीं हो सकेगी। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दे और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करे।
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