मुजफ्फरनगर (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क): पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईवे (Highways) पर रात के अंधेरे में एक बार फिर फिल्मी स्टाइल में लूट और अपहरण (Kidnapping) की वारदात को अंजाम दिया गया। लेकिन इस बार अपराधियों का पाला मुजफ्फरनगर की मुस्तैद 'छपार पुलिस' से पड़ गया।READ ALSO:-गाजियाबाद में खौफनाक वारदात! काजीपुरा के घने जंगल में 20 वर्षीय युवती की गला काटकर बेरहमी से हत्या, ज्वार के खेत में मिले घसीटने के निशान
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बदमाशों ने पूरी प्लानिंग के साथ दिल्ली से हरिद्वार जा रही एक केबल लदी महिंद्रा मैक्स बोलेरो को लूटा, उसके ड्राइवर-क्लीनर को बंधक बनाया और फिर शुरू हुआ खौफनाक 'रंगदारी' का खेल। आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि कैसे बदमाशों ने 50 लाख की फिरौती मांगी, कैसे 9 लाख में डील फाइनल हुई और पुलिस ने 24 घंटे में इस 'सुपारी गैंग' का गेम कैसे ओवर कर दिया।
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22 जुलाई का वो सफर: दिल्ली से हरिद्वार के रास्ते में घात लगाए बैठे थे लुटेरे

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पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 22 जुलाई 2026 को दिल्ली के न्यू सीलमपुर निवासी जफर (पुत्र स्व. इस्माइल) ने छपार थाने (Chapar Police Station) में एक गंभीर तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनकी महिंद्रा मैक्स बोलेरो (डीएल-1 एल ए एन -9780) भारी मात्रा में (करीब 10 क्विंटल) बिजली की कीमती केबल लेकर दिल्ली से हरिद्वार के लिए निकली थी। गाड़ी में चालक (Driver) लारेब और परिचालक (Cleaner) असद मौजूद थे।
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योजना के मुताबिक, बदमाश पहले से ही छपार टोल (Chapar Toll) के आसपास घात लगाए बैठे थे। जैसे ही जफर की बोलेरो छपार क्षेत्र से आगे बढ़ी, बदमाशों ने अपनी गाड़ी से ओवरटेक कर उसे जबरन रुकवा लिया। इसके बाद हथियारबंद बदमाशों ने लारेब और असद के साथ बुरी तरह मारपीट की, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए बंधक (Hostage) बना लिया।
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खौफनाक 'WhatsApp कॉल' और 50 लाख की डिमांड

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ड्राइवर और क्लीनर को बंधक बनाने के बाद बदमाशों ने पुलिस सर्विलांस से बचने के लिए शातिराना तरीका अपनाया। उन्होंने परिचालक असद के ही मोबाइल फोन से वाहन मालिक जफर को 'व्हाट्सएप कॉल' (WhatsApp Call) की।
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फोन उठाते ही दूसरी तरफ से बदमाशों ने सीधे धमकी दी— "अगर अपने आदमियों की जान प्यारी है, तो 50 लाख रुपये का इंतजाम कर लो, वरना दोनों की लाश मिलेगी।" बदमाश लगातार व्हाट्सएप कॉल के जरिए जफर पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते रहे।
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कई घंटों तक चला सौदेबाजी का खेल: जांच में सामने आया कि बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए जफर को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर बुरी तरह भ्रमित किया। कई बार कॉल करके उसकी लोकेशन बदलवाई गई। घंटों तक चली इस खौफनाक सौदेबाजी के बाद आखिर में 50 लाख की मांग घटाकर 9 लाख रुपये नकद पर सौदा तय (Deal Final) हुआ।
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आरोपियों ने जफर को एक सुनसान स्थान पर बुलाया। वहां उससे 9 लाख रुपये नकद वसूले और तब जाकर चालक और परिचालक को छोड़ा। इसके बाद बदमाश बोलेरो और उसमें लदा लाखों रुपये का कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
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एसएसपी के निर्देश, विशेष टीम का गठन और 24 घंटे में खुलासा

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इस सनसनीखेज वारदात (अपहरण, लूट और रंगदारी) की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों पर, एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहित कुमार सहरावत के नेतृत्व में तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया गया।
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पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सर्विलांस (Surveillance), हाईवे के सीसीटीवी फुटेज और अपने लोकल मुखबिरों (Informers) के नेटवर्क को खंगालना शुरू किया। पुलिस की यह मेहनत रंग लाई और घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर ही पुलिस ने टीचर्स कॉलोनी, कस्बा छपार से एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हेमन्त शर्मा (पुत्र प्रमोद शर्मा, निवासी ग्राम मेंदपुर, थाना छपार) के रूप में हुई।
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पूछताछ में खुला 'मास्टरमाइंड सुमित' का खौफनाक प्लान

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गिरफ्तार आरोपी हेमन्त शर्मा से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी साजिश का कच्चा चिट्ठा खोल दिया।
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हेमन्त ने बताया कि इस पूरी लूट और अपहरण का मास्टरमाइंड सुमित नाम का एक बदमाश है। सुमित, सुशील, युधिष्ठिर और अन्य लोगों ने मिलकर यह पूरी योजना बनाई थी। सुमित काफी समय से हाईवे पर मालवाहक (Commercial) गाड़ियों की रेकी कर रहा था। उसे पुख्ता जानकारी मिली थी कि 21-22 जुलाई को दिल्ली से एक बोलेरो कीमती केबल लेकर निकलेगी, और इसी सूचना पर उन्होंने अपना जाल बिछाया।
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माल शिफ्ट करने की चालाकी: हेमन्त ने बताया कि 9 लाख की रंगदारी मिलने के बाद, पुलिस को गुमराह करने के लिए गिरोह ने एक दूसरी गाड़ी (छोटा हाथी/पिकअप) बुलवाई। बोलेरो से 10 क्विंटल बिजली की केबल उतारकर उस दूसरी गाड़ी में लाद दी गई और लूटी गई बोलेरो को एक सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। उनका प्लान केबल को बाजार में बेचने का था, लेकिन छपार पुलिस ने पहले ही दबिश दे दी।
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50 हजार का हिस्सा और लाखों का माल बरामद

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पूछताछ में हेमन्त शर्मा ने कबूल किया कि 9 लाख रुपये की फिरौती में से उसे बतौर हिस्सा 50 हजार रुपये मिले थे।
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पुलिस ने आरोपी हेमन्त की सटीक निशानदेही पर:

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    लूटी गई महिंद्रा मैक्स बोलेरो (डीएल-1 एल ए एन -9780)
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    10 क्विंटल कीमती बिजली की केबल
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    फिरौती के हिस्से के 50 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए हैं।
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फरार आरोपियों की तलाश तेज (Police Action)

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छपार थाना प्रभारी मोहित सहरावत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को संबंधित गंभीर धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। मास्टरमाइंड सुमित सहित गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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इन पुलिसकर्मियों ने किया कमाल: इस ब्लाइंड केस को 24 घंटे में सुलझाने में थाना प्रभारी मोहित कुमार सहरावत, उपनिरीक्षक अनुराग सिंह, कांस्टेबल मोहित कुमार, सुमित कुमार, किशोर कुमार और सतेन्द्र कुमार की टीम ने बेहद अहम भूमिका निभाई। उच्चाधिकारियों ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए टीम की पीठ थपथपाई है और संगठित अपराध के खिलाफ यह अभियान जारी रखने का सख्त संदेश दिया है।
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