मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में मानसून की लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक और दर्दनाक खबर सामने आई है। रविवार की रात कुदरत ने कहर बरपाते हुए एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। जिले के फुगाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हबीबपुर गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया।READ ALSO:-मेरठ कोर्ट का डंडा: 133 करोड़ की टैक्स चोरी में पान मसाला कंपनी पर DGGI का बड़ा एक्शन, तीनों आरोपी 14 दिन के लिए जेल रवाना
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इस खौफनाक हादसे में मकान के अंदर सो रहे परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। भारी मलबे के नीचे दबने से चार मासूम बच्चों समेत कुल पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वाले चारों बच्चे एक ही परिवार के थे, जिनमें सबसे छोटे बच्चे की उम्र महज आठ महीने थी। इस घटना के बाद से पूरे हबीबपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं।
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रविवार रात का वो मनहूस पल: कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
\r\n\r\nमौसम विभाग की चेतावनी के बीच मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है। बारिश के इस पानी ने ग्रामीण इलाकों में बने कच्चे मकानों की नींव को बेहद कमजोर कर दिया है।
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घटना रविवार रात करीब नौ बजे की बताई जा रही है। फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव में ग्रामीण अपने घरों में थे और बाहर तेज बारिश हो रही थी। तभी अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज आई। आसपास के लोगों ने जब घर से बाहर निकलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। गांव के रहने वाले इस्लामु का कच्चा मकान पूरी तरह से जमींदोज हो चुका था और पूरा परिवार मिट्टी और ईंटों के भारी मलबे के नीचे दबा हुआ था। बारिश के कारण मिट्टी से बनी दीवारें पानी सोखकर अत्यधिक कमजोर हो चुकी थीं और छतों का वजन नहीं सह पाईं, जिसके परिणामस्वरूप पूरा मकान एक झटके में ढह गया।
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चार मासूमों की मौत: एक झटके में उजड़ गया इस्लामु का संसार
\r\n\r\nहादसा इतना भयानक था कि मलबे में दबे लोगों को चीखने तक का वक्त नहीं मिला। इस दर्दनाक घटना में इस्लामु के परिवार के चार छोटे बच्चों की जान चली गई।
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हादसे का शिकार हुए मृतकों का विवरण:
\r\n\r\n| \r\n नाम \r\n | \r\n \r\n उम्र \r\n | \r\n \r\n विवरण / रिश्ता \r\n | \r\n
| \r\n अलसीबा \r\n | \r\n \r\n 12 वर्ष \r\n | \r\n \r\n इस्लामु की बेटी (सबसे बड़ी) \r\n | \r\n
| \r\n आहट \r\n | \r\n \r\n 7 वर्ष \r\n | \r\n \r\n इस्लामु का बच्चा \r\n | \r\n
| \r\n रुखसार \r\n | \r\n \r\n 6 वर्ष \r\n | \r\n \r\n इस्लामु की बेटी \r\n | \r\n
| \r\n जीशान \r\n | \r\n \r\n 8 माह \r\n | \r\n \r\n इस्लामु का बेटा (सबसे छोटा) \r\n | \r\n
| \r\n एक अन्य व्यक्ति \r\n | \r\n \r\n अज्ञात \r\n | \r\n \r\n परिवार का सदस्य/करीबी \r\n | \r\n
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सोचिए उस माता-पिता पर क्या बीत रही होगी, जिनके आंगन में कल तक चार बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, और आज उसी आंगन के मलबे से उन चारों के बेजान शरीर एक साथ बाहर निकाले गए। महज 8 महीने के मासूम जीशान की मौत ने रेस्क्यू करने वाले ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों की भी आंखों में आंसू ला दिए।
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चीख-पुकार और ग्रामीणों का रेस्क्यू ऑपरेशन
\r\n\r\nमकान गिरने की तेज आवाज सुनकर भारी बारिश और अंधेरे के बावजूद पूरा गांव घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने बिना किसी सरकारी मदद का इंतजार किए, तुरंत अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य (Rescue Operation) शुरू कर दिया। लोग हाथों से और फावड़े की मदद से मलबा हटाने लगे ताकि अंदर दबे लोगों को जिंदा निकाला जा सके।
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कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था। जब तक बच्चों और अन्य व्यक्ति को मलबे से बाहर निकाला गया, तब तक उनकी सांसें टूट चुकी थीं। अस्पताल ले जाने से पहले ही सभी पांच लोगों ने दम तोड़ दिया था।
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पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची मौके पर
\r\n\r\nहादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी बारिश के बीच स्थानीय पुलिस, फुगाना थाना प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारी (SDM/CO) तुरंत दलबल के साथ हबीबपुर गांव पहुंचे।
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पुलिस ने मौके का मुआयना किया और ग्रामीणों की मदद से मलबे को पूरी तरह से हटवाकर यह सुनिश्चित किया कि कोई और व्यक्ति तो नीचे नहीं दबा है। पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के आला अधिकारी भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं।
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प्रशासन ने दिया हर संभव मदद का भरोसा, शुरू की जांच
\r\n\r\nइस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रशासन ने हादसे के कारणों की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया (Prima Facie) रिपोर्ट में यही सामने आया है कि लगातार बारिश के चलते मकान की कच्ची दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिससे यह हादसा हुआ।
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अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से आपदा राहत कोष (Disaster Relief Fund) के तहत उचित मुआवजा और हर संभव आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही, प्रशासन ने जिले के सभी ग्रामीणों से अपील की है कि जो लोग बेहद जर्जर या कच्चे मकानों में रह रहे हैं, वे भारी बारिश के दौरान एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों या पक्के आश्रय स्थलों में चले जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
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निष्कर्ष: सरकारी योजनाओं पर भी उठते हैं सवाल
\r\n\r\nहबीबपुर गांव की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण भारत की उस कड़वी सच्चाई को सामने लाती है, जहां आज भी हजारों परिवार कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं। सरकार की 'प्रधानमंत्री आवास योजना' (PM Awas Yojana) जैसी तमाम महत्वकांक्षी योजनाओं के बावजूद, ऐसे जरूरतमंद परिवारों तक पक्की छत क्यों नहीं पहुंच पाती, यह एक बड़ा प्रशासनिक सवाल है। फिलहाल, हबीबपुर गांव में चूल्हे नहीं जले हैं और पूरा क्षेत्र इस्लामु के परिवार के इस असीम दुख में उनके साथ खड़ा है।
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\r\nडिस्क्लेमर (Disclaimer):\r\n\r\nयह न्यूज़ रिपोर्ट प्रारंभिक सूचनाओं, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और स्थानीय समाचार स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। मृतकों के नाम, उम्र और हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही मान्य होगी। प्रशासन द्वारा मुआवजे की घोषणा सरकारी नियमों और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत की जाती है। हमारा न्यूज़ पोर्टल किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने का समर्थन नहीं करता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे खराब मौसम और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित और पक्के स्थानों पर ही रहें।\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.