मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश): कहते हैं कि दुनिया में दोस्ती से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता, लेकिन जब इसी रिश्ते में वासना, धोखा और 'अवैध संबंधों' का जहर घुल जाए, तो अंजाम बेहद खौफनाक होता है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने न सिर्फ इलाके के लोगों को सन्न कर दिया है, बल्कि मानवीय रिश्तों और भरोसे पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक शख्स ने अपनी ही दोस्त की पत्नी के साथ अवैध संबंधों के चलते अपने जिगरी यार को मौत के घाट उतार दिया। हत्या की यह साजिश इतनी खौफनाक थी कि कातिल ने पहले अपने दोस्त को शराब पिलाई और फिर बेरहमी से उसका गला घोंट दिया। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस की मुस्तैदी से यह कातिल ज्यादा दिन तक कानून की नजरों से बच नहीं सका और एक मुठभेड़ (Encounter) के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।READ ALSO:-बिजनौर में भक्ति और आस्था का शंखनाद: जगद्गुरु शंकराचार्य का ऐतिहासिक स्वागत, 'गौ माता को राष्ट्रीय माता' घोषित करने की मुहिम ने पकड़ा जोर
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घटना की पृष्ठभूमि: जब भरोसे का हुआ कत्ल

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यह सनसनीखेज मामला मुजफ्फरनगर जनपद के शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शहाजुद्दीन (शाहजुद्दी) गांव का है। मृतक की पहचान 27 वर्षीय रोहित के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ इसी गांव में हंसी-खुशी जीवन व्यतीत कर रहा था। रोहित का एक दोस्त था राहुल, जिसका रोहित के घर अक्सर आना-जाना लगा रहता था। रोहित ने राहुल को अपने परिवार के एक सदस्य की तरह मान लिया था और उस पर आंख मूंदकर भरोसा करता था। लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिसे वह अपना सबसे अच्छा दोस्त समझ रहा है, वही उसकी पीठ पीछे उसकी बर्बादी की इबारत लिख रहा है।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि घर में राहुल की लगातार आवाजाही के कारण उसके रोहित की पत्नी के साथ नज़दीकियां बढ़ने लगीं। धीरे-धीरे यह नज़दीकियां 'अवैध संबंधों' में तब्दील हो गईं। रोहित का घर, जो कभी खुशियों का आशियाना हुआ करता था, अब धोखे और फरेब का अड्डा बन चुका था। इन दोनों के इस नापाक रिश्ते के बीच रोहित एक दीवार (रोड़ा) बनकर खड़ा था। इसी दीवार को हमेशा-हमेशा के लिए गिराने के लिए राहुल ने एक खौफनाक और खूनी साजिश रची।
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20 जून की शाम: खुशियों के बीच मौत का बुलावा

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घटना 20 जून की है। यह दिन रोहित के लिए बेहद खास था क्योंकि इस दिन उसके बेटे का जन्मदिन था। घर में जश्न का माहौल था। रोहित ने अपने बेटे के जन्मदिन की पार्टी का आयोजन किया था और वह इस पार्टी को धूमधाम से सेलिब्रेट कर रहा था। पिता होने के नाते रोहित बेहद खुश था। पार्टी खत्म होने के बाद शाम के समय अचानक रोहित के फोन पर एक कॉल आई। यह कॉल किसी और की नहीं, बल्कि उसके उसी दगाबाज दोस्त राहुल की थी। राहुल ने बहाने से रोहित को घर से बाहर बुलाया।
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जन्मदिन की खुशी में डूबा रोहित बिना किसी शक के अपने दोस्त से मिलने के लिए घर से निकल गया। उसे लगा कि शायद उसका दोस्त उसे बधाई देने या साथ में कुछ समय बिताने के लिए बुला रहा है। लेकिन उसे नहीं पता था कि यह बुलावा मौत का बुलावा है। 20 जून की शाम को घर से निकला रोहित फिर कभी लौटकर वापस नहीं आया। रात ढलने लगी, लेकिन रोहित का कोई अता-पता नहीं था।
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लापता होने के बाद की दहशत और परिवार की खोजबीन

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जब देर रात तक रोहित घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ने लगी। शुरू में परिजनों को लगा कि शायद वह किसी काम में फंस गया होगा या दोस्तों के साथ कहीं रुक गया होगा। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, अनहोनी की आशंका गहरी होने लगी। अगले दिन सुबह होते ही परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और रोहित के दोस्तों से पूछताछ शुरू की, लेकिन रोहित का कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
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लगातार कई घंटों की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद भी जब रोहित नहीं मिला, तो घबराए हुए परिजनों ने तुरंत शाहपुर थाना पुलिस का रुख किया। पुलिस स्टेशन पहुंचकर उन्होंने रोहित के रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरनगर पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी।
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जंगल में मिली लाश और खुली साजिश की परतें

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पुलिस अभी रोहित की सरगर्मी से तलाश कर ही रही थी कि रविवार के दिन गांव वालों ने पुलिस को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली सूचना दी। शहाजुड्डी गांव से करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित खेतों (जंगल के इलाके) में एक अज्ञात शव पड़ा हुआ मिला। यह खबर पूरे गांव में आग की तरह फैल गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की शिनाख्त की, तो वह लापता 27 वर्षीय रोहित का ही निकला। रोहित की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने बिना समय गंवाए घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, सबूत जुटाए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच से यह साफ हो गया कि रोहित की हत्या गला घोंटकर की गई है। इसके बाद गुमशुदगी का यह मामला सीधे तौर पर 'हत्या' (Murder) के संगीन जुर्म में तब्दील हो गया। पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी और कातिल की तलाश में मुखबिरों का जाल बिछा दिया। कॉल डिटेल्स (CDR) और स्थानीय पूछताछ के आधार पर राहुल का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में प्रकाश में आया।
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ऑपरेशन एनकाउंटर: जब पुलिस और हत्यारे का हुआ आमना-सामना

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पुलिस को जब पुख्ता सुबूत मिल गए कि इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि रोहित का दोस्त राहुल ही है, तो उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गईं। मुजफ्फरनगर पुलिस, जो अपने सख्त एक्शन के लिए जानी जाती है, ने राहुल की घेराबंदी शुरू कर दी।
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रविवार रात को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि हत्यारा राहुल इलाके से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर ली। पुलिस को देखते ही राहुल घबरा गया और बचने का कोई रास्ता न देख उसने अपनी अवैध पिस्तौल (तमंचे) से पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। इस मुठभेड़ (Encounter) में पुलिस की एक गोली राहुल के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और कराहने लगा। पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया। घायल अवस्था में राहुल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से पुलिस पर फायरिंग करने में इस्तेमाल किया गया तमंचा और कुछ जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
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शराब, धोखा और हत्या: कातिल दोस्त का खौफनाक कबूलनामा

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पुलिस की हिरासत में आने और सख्ती से पूछताछ किए जाने के बाद कातिल राहुल टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। राहुल का कबूलनामा इतना भयानक था कि सुनने वालों की रूह कांप जाए।
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घायल राहुल ने पुलिस को बताया, "मेरा रोहित के घर पर बहुत आना-जाना था। इसी बीच मेरी रोहित की पत्नी से नजदीकियां बढ़ गईं और हमारे बीच संबंध बन गए। हम दोनों एक साथ रहना चाहते थे, लेकिन रोहित हमारे इन अवैध संबंधों के बीच में एक बड़ा रोड़ा बन रहा था। जब तक रोहित जिंदा था, हम बेखौफ होकर नहीं मिल सकते थे। इसलिए मैंने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।"
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राहुल ने आगे बताया कि उसने 20 जून को रोहित के बेटे के जन्मदिन की पार्टी खत्म होने का इंतजार किया। इसके बाद उसने रोहित को फोन करके मिलने के बहाने बुलाया। चूंकि रोहित उस पर बहुत भरोसा करता था, इसलिए वह आसानी से उसके साथ चला गया। राहुल उसे गांव से दूर जंगल की तरफ ले गया, जहां दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। जब रोहित पूरी तरह से नशे की गिरफ्त में आ गया और विरोध करने की स्थिति में नहीं रहा, तब राहुल ने मौका पाकर बेरहमी से उसका गला घोंट दिया। रोहित तड़पता रहा, लेकिन राहुल के सिर पर खून सवार था। हत्या के बाद वह शव को वहीं खेत में फेंककर मौके से फरार हो गया।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा का आधिकारिक बयान

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इस पूरे घटनाक्रम पर मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए विस्तृत जानकारी दी।
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एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया, "शाहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शहाजुद्दीन (शहाजुड्डी) गांव का एक मामला सामने आया था, जहां रोहित नाम के एक 27 वर्षीय युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। युवक का शव उसके घर से डेढ़ से 2 किलोमीटर की दूरी पर एक खेत में बरामद हुआ था। सूचना के आधार पर हमारी पुलिस टीमें कातिल की तलाश कर रही थीं। जांच के दौरान तकनीकी और जमीनी सबूतों के आधार पर राहुल नाम के लड़के का नाम प्रकाश में आया था।"
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उन्होंने आगे बताया, "जब हमारी पुलिस टीम रविवार रात को आरोपी राहुल को पकड़ने पहुंची, तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस पार्टी पर फायरिंग करके भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग के कारण आरोपी राहुल के पैर में गोली लगी है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किया गया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म भी स्वीकार कर लिया है। अब तक की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि अवैध संबंधों के चलते इस जघन्य हत्या को अंजाम दिया गया था। पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।"
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समाज के लिए एक खौफनाक सबक

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मुजफ्फरनगर की यह घटना हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। यह घटना दिखाती है कि कैसे 'अवैध संबंधों' की चाहत इंसान को अंधा कर देती है और वह सही-गलत की सारी हदें पार कर जाता है। चंद पलों की वासना के लिए न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया गया, बल्कि एक बच्चे के सिर से उसके पिता का साया भी उस दिन छीन लिया गया, जिस दिन वह अपना जन्मदिन मना रहा था।
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उत्तर प्रदेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह भी साबित किया है कि कानून के हाथ कितने लंबे होते हैं। अपराधी चाहे कितनी भी शातिर साजिश क्यों न रच ले, अंततः वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। फिलहाल कातिल पुलिस की गिरफ्त में है और पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक साजिश में रोहित की पत्नी की भी कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका थी? आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही इस पूरे मामले का अंतिम सच सामने आ सकेगा, लेकिन इस वारदात ने इलाके के लोगों के दिलों में एक गहरा खौफ और रिश्तों के प्रति अविश्वास जरूर पैदा कर दिया है।
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