उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाला और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां शहर की सड़कों पर दौड़ने वाले ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नई और तकनीकी परेशानी खड़ी हो गई है। कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया पर रील (Instagram Reels) बनाने और वायरल होने के चक्कर में एक मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस BAT-BMS App की मदद से युवाओं का एक गिरोह बीच सड़क पर चल रही ई-रिक्शाओं को अचानक बंद कर देता है। इस तकनीकी छेड़छाड़ के कारण न केवल ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है, बल्कि सड़क पर चल रहे यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ गई है। गुरुवार शाम झांसी की रानी चौक पर घटी ऐसी ही एक घटना ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।READ ALSO;-मेरठ सुसाइड केस: युवक ने हाथ पर लिखा 'राधे-राधे, मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं' और लगा ली फांसी; सदमे में पूरा परिवार
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शहर के ई-रिक्शा चालकों में इस घटना के बाद से काफी डर और असमंजस का माहौल है। बिना किसी खराबी के अचानक वाहन के बंद हो जाने से वे मैकेनिक के पास दौड़ रहे हैं, जबकि असल खेल किसी मोबाइल ऐप के जरिए हो रहा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मुजफ्फरनगर में यह कैसी तकनीकी ठगी हो रही है और यह ऐप किस तरह काम करता है।
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मुजफ्फरनगर के झांसी की रानी चौक पर क्या हुआ?
\r\n\r\nगुरुवार शाम करीब 7 बजे मुजफ्फरनगर के व्यस्त इलाके झांसी की रानी चौक के पास यातायात सामान्य रूप से चल रहा था। तभी एक के बाद एक कई ई-रिक्शा अचानक सड़क के बीचों-बीच बंद हो गए। शुरुआत में चालकों को लगा कि शायद बैट्री खत्म हो गई है या मोटर में कोई खराबी आ गई है।
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ई-रिक्शा चालक सलमान, जो उस वक्त सवारियों को लेकर जा रहा था, ने अपना अनुभव साझा किया। सलमान ने बताया कि वह अपनी साइड में आराम से ई-रिक्शा चला रहा था, तभी अचानक उसकी गाड़ी पूरी तरह से बंद हो गई। उसने जब आसपास देखा तो पता चला कि उसी समय उसके आगे-पीछे चल रही 4 से 5 अन्य ई-रिक्शाएं भी रहस्यमयी तरीके से एक साथ बंद हो गई थीं। सलमान और अन्य चालकों ने दावा किया है कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि यह सब BAT-BMS App जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए किया जा रहा है। पिछले तीन-चार दिनों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी ही घटनाएं लगातार हो रही हैं।
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कैसे काम करता है यह BAT-BMS App? (तकनीकी विश्लेषण)
\r\n\r\nअब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या सच में किसी ऐप से ई-रिक्शा को बंद किया जा सकता है? तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल की आधुनिक ई-रिक्शाओं और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में लिथियम-आयन (Lithium-ion) बैटरियों का इस्तेमाल हो रहा है। इन बैटरियों को कंट्रोल करने के लिए 'बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम' (BMS) लगा होता है।
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कई स्मार्ट BMS सिस्टम ब्लूटूथ (Bluetooth) से लैस होते हैं, ताकि वाहन मालिक अपने मोबाइल पर बैटरी का प्रतिशत और हेल्थ चेक कर सकें। इसके लिए BAT-BMS App या स्मार्ट बीएमएस जैसे ऐप गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं। समस्या तब आती है जब इन ई-रिक्शा की बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड डिफॉल्ट (जैसे 123456 या 000000) छोड़ दिया जाता है। शरारती तत्व इसी ऐप को डाउनलोड करते हैं, सड़क किनारे खड़े होकर ई-रिक्शा का ब्लूटूथ स्कैन करते हैं, और कनेक्ट करके ऐप से 'डिस्चार्ज स्विच' (Discharge Switch) को ऑफ कर देते हैं। इससे बैटरी से मोटर तक जाने वाली पावर कट जाती है और ई-रिक्शा झटके से बंद हो जाता है।
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इंस्टाग्राम रील्स का नशा और यात्रियों की जान से खिलवाड़
\r\n\r\nचालकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब केवल कुछ लाइक्स और व्यूज पाने के लिए किया जा रहा है। आज के दौर में युवाओं पर इंस्टाग्राम पर रील बनाने और वायरल होने का ऐसा भूत सवार है कि वे दूसरों की जान की परवाह भी नहीं कर रहे हैं।
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जब कोई ई-रिक्शा 20 या 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा होता है और अचानक उसका पावर कट हो जाए, तो पीछे से आ रहा कोई भी तेज रफ्तार वाहन उससे टकरा सकता है। इस BAT-BMS App के दुरुपयोग से अचानक ई-रिक्शा बंद होने से दुर्घटना (Accident) की भारी आशंका बनी रहती है। खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे जो रिक्शा में बैठे होते हैं, वे अचानक लगने वाले झटके से सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे हजारों वीडियो पहले से मौजूद हैं, जिनमें युवाओं को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि "देखो कैसे हमने ऐप से रिक्शा बंद कर दी।"
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ई-रिक्शा चालकों की परेशानी और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
\r\n\r\nमुजफ्फरनगर में इस नई मुसीबत ने ई-रिक्शा चालकों का काम काफी प्रभावित कर दिया है। कई बार ऐप से रिक्शा बंद होने के बाद चालकों को समझ नहीं आता कि क्या हुआ है और वे मैकेनिक को बुला लेते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
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ई-रिक्शा यूनियनों और चालकों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए। चालकों का कहना है कि जो भी युवा इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अभी तक इस मामले को लेकर पुलिस या किसी तकनीकी एजेंसी (Cyber Cell) की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन अगर सच में BAT-BMS App का इस तरह दुरुपयोग हो रहा है, तो यह साइबर अपराध (Cyber Crime) और सार्वजनिक सुरक्षा (Public Safety) दोनों के लिए एक बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
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वाहन मालिक कैसे कर सकते हैं बचाव?
\r\n\r\nतकनीकी जानकारों का सुझाव है कि जो भी ई-रिक्शा चालक या मालिक ब्लूटूथ वाले स्मार्ट बीएमएस का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपने ऐप की सेटिंग्स में जाकर डिफॉल्ट पासवर्ड को बदल लेना चाहिए। एक मजबूत पासवर्ड सेट करने से कोई भी बाहरी व्यक्ति या शरारती तत्व चलते वाहन की बैटरी प्रणाली में सेंधमारी नहीं कर पाएगा। इसके अलावा, ई-रिक्शा कंपनियों को भी इस साइबर खतरे को ध्यान में रखते हुए अपने सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर में ई-रिक्शाओं के अचानक बंद होने की घटना ने तकनीक के दुरुपयोग के एक नए खतरे को जन्म दिया है। सस्ती लोकप्रियता और इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए BAT-BMS App का गलत इस्तेमाल कर युवाओं द्वारा ई-रिक्शा को बंद करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यात्रियों की जान के लिए भी बड़ा खतरा है। पुलिस और साइबर सेल को इस मामले का जल्द से जल्द संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, ई-रिक्शा चालकों को भी अपने वाहनों के ब्लूटूथ पासवर्ड बदलकर सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे इस डिजिटल ठगी का शिकार होने से बच सकें।
Sabse pehle comment karne wale banein.