उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत का एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। जिले के बुढ़ाना कस्बे में 20 वर्षीय स्नेहा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे से लटकता मिला। इस घटना के बाद मौत से कुछ घंटे पहले का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह अपने पिता से रोते हुए जान बचाने की गुहार लगा रही है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।READ ALSO:-खौफनाक वारदात: 'तुम्हारे बेटे को खत्म कर दिया, लाश ले जाओ...' फोन पर गूंजती रही चीखें, सोनीपत में मेरठ के युवक की बेरहमी से हत्या
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प्रेम विवाह के बाद शुरू हुआ प्रताड़ना का सिलसिला

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मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत की जड़ें कुछ महीने पहले हुए एक प्रेम विवाह से जुड़ी हैं। मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना थाना क्षेत्र में रहने वाले आकाश खटीक (24) और पड़ोसी स्नेहा (20) के बीच प्रेम प्रसंग था। दोनों ने साल 2024 की शुरुआत में घर से भागकर शादी कर ली थी।
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शुरुआत में दोनों के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। करीब एक महीने तक घर से बाहर रहने के बाद दोनों परिवारों ने सामाजिक दबाव में इस शादी को मंजूरी दे दी थी।
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 गोद में भाभी को लेकर अस्पताल पहुंचा ताऊ का बेटा मनोज।

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शादी के बाद स्नेहा के पिता दीपक कुमार घर छोड़कर दिल्ली चले गए और बाद में ऋषिकेश में हलवाई का काम करने लगे। पति आकाश बुढ़ाना स्थित वाटर पार्क में मैनेजर है। लेकिन, शादी के बाद भी ससुराल वाले स्नेहा से खुश नहीं थे और उसे भागकर शादी करने के ताने देते थे।
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20 लाख रुपये और कार की मांग को लेकर विवाद

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मृतका के पिता दीपक कुमार के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। ससुराल वाले अक्सर कहते थे कि तुम्हारे पिता ने शादी में हमें कुछ नहीं दिया है।
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पिता ने पुलिस को दी तहरीर में स्पष्ट आरोप लगाया है कि पति आकाश, सास, जेठ रजत और चाचा प्रमोद धनगर लगातार 20 लाख रुपये नकद और एक कार की मांग कर रहे थे। यह मांग पूरी न होने पर स्नेहा को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उनके पास मारपीट के कई पुराने ऑडियो भी मौजूद हैं।
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वायरल ऑडियो: 'पापा मुझे बचा लो, ये लोग मार देंगे'

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इस पूरी घटना में सबसे अहम साक्ष्य एक ऑडियो क्लिप है, जो मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत से कुछ घंटे पहले का बताया जा रहा है। इस ऑडियो में स्नेहा अपने पिता से रो-रोकर अपनी पीड़ा बयां कर रही है।
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स्नेहा ऑडियो में बता रही है कि घर में रोटियां कम बनने जैसी छोटी बात को लेकर ससुराल वालों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है। वह घबराते हुए बार-बार कह रही है, "पापा... ये लोग मुझे मार देंगे, मुझे बचा लो।"
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पिता दीपक कुमार उस समय ऋषिकेश में थे। उन्होंने दूरी और मजबूरी जताते हुए बेटी को किसी तरह अपनी मां के पास जाने की सलाह दी। लेकिन अफ़सोस, यह बातचीत पिता-पुत्री की अंतिम बातचीत बन गई।
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अस्पताल ले जाने में लापरवाही और इंसाफ की गुहार

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पिता दीपक कुमार ने बताया कि 28 जून की सुबह उन्हें पड़ोसियों और मायके वालों ने फोन कर सूचना दी कि बेटी ने फांसी लगा ली है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो स्नेहा की सांसें चल रही थीं, लेकिन ससुराल वालों ने उसे अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई।
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बाद में पति के ताऊ का बेटा स्नेहा को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर दौड़ा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। अस्पताल पहुंचने पर जांच के बाद डॉक्टरों ने स्नेहा को मृत घोषित कर दिया। पिता ने भावुक होते हुए कहा, "लड़की को मारने में उसका पति, चाचा, मां और भाई शामिल हैं। मेरी बेटी के साथ जो हुआ वह किसी के साथ न हो, मुझे बस इंसाफ चाहिए।"
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मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत पर पुलिस की सख्त कार्रवाई

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इस मामले में पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया है। पिता की शिकायत और वायरल साक्ष्यों के आधार पर बुढ़ाना थाना पुलिस ने पति समेत अन्य ससुराल वालों के खिलाफ हत्या और दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत के मामले में मुख्य आरोपी पति आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी 'हैंगिंग' (फांसी) की पुष्टि हुई है। बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
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मुजफ्फरनगर में विवाहिता की मौत का यह मामला न केवल दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा की खौफनाक सच्चाई को दर्शाता है, बल्कि एक पिता की बेबसी को भी सामने लाता है। पुलिस अब वायरल ऑडियो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को आधार बनाकर निष्पक्ष जांच कर रही है। देखना यह होगा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और पीड़ित परिवार को कितनी जल्दी पूर्ण न्याय मिल पाता है।
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