मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र की शिवकुंज कॉलोनी में मंगलवार देर रात रिटायर्ड सूबेदार के मकान में आग लगाने का मामला सामने आया है। घटना के समय मकान में सात लोग मौजूद थे। आग और धुएं के बीच दूसरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार अश्विनी ने अपने दो बच्चों को गोद में लेकर पड़ोसी की छत पर छलांग लगा दी। इस हादसे में उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में दो संदिग्ध युवक नजर आ रहे हैं।

घटना 6 अक्टूबर की रात करीब 12:54 बजे की बताई गई है। पुलिस को मामले की तहरीर मिल चुकी है और CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

CCTV में दिखा संदिग्ध युवक

घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक युवक हुडी वाली टी-शर्ट पहने हुए दिखाई देता है। वह रिटायर्ड सूबेदार के मकान के पास पहुंचता है और करीब एक मिनट तक वहां रहता है। इसके बाद मकान के अंदर आग भड़कती दिखाई देती है। आग लगने के बाद संदिग्ध युवक तेजी से वहां से निकल जाता है।

दूसरे CCTV फुटेज में वह एक बाइक सवार साथी के साथ भागता हुआ दिखाई देता है। फुटेज में पीछे बैठा युवक बाइक से कुछ फेंकता हुआ भी नजर आ रहा है। पुलिस अब इन दोनों संदिग्धों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

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मकान में सात लोग थे मौजूद

भोला रोड स्थित शिवकुंज कॉलोनी में रिटायर्ड सूबेदार नवनीत दुहन अपनी पत्नी ममता के साथ रहते हैं। मकान की दूसरी मंजिल पर इटावा निवासी अश्विनी अपने परिवार के साथ किराए पर रहते हैं।

अश्विनी के परिवार में उनके पिता सुरेंद्र सिंह, पत्नी रुचि, बेटा तेजस्वी और बेटी तेजस्विनी रहते हैं। आग लगने के समय मकान मालिक के परिवार समेत कुल सात लोग घर में मौजूद थे।

आग का शोर मचने के बाद नवनीत दुहन और उनके परिवार के सदस्य किसी तरह मकान से बाहर निकल आए। दूसरी मंजिल पर मौजूद अश्विनी का परिवार धुएं के बीच फंस गया।

बच्चों को गोद में लेकर दूसरी मंजिल से लगाई छलांग

आग लगने के बाद मकान में तेजी से धुआं भर गया। अश्विनी के दोनों बच्चे रोने लगे और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर अश्विनी ने दोनों बच्चों को गोद में उठाया और पड़ोसी के घर की छत की तरफ छलांग लगा दी।

नीचे मौजूद लोगों ने उनकी मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की जांच में अश्विनी के दोनों पैरों में फ्रैक्चर मिला। इसके बाद उनके पैरों पर प्लास्टर किया गया।

अश्विनी ने बताया कि उन्होंने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा था। उनका कहना था कि आग तेजी से फैल रही थी और बच्चों के रोने की आवाज सुनकर वह घबरा गए थे। परिवार को बचाने के लिए उन्होंने दूसरी मंजिल से पड़ोसी की छत पर कूदने का फैसला किया। उनके मुताबिक, बच्चों को सुरक्षित देखकर उन्हें राहत मिली, हालांकि दोनों बच्चे घटना के बाद से सहमे हुए हैं।

नीचे बने गोदाम में फूलों का काम

मकान के निचले हिस्से में गोदाम बना हुआ है। यहां पड़ोस में रहने वाले दो भाई सोनू और मोनू फूलों का काम करते हैं। आग लगने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।

आग की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग से मकान और उसमें रखे सामान को काफी नुकसान होने की बात सामने आई है।

पुलिस ने शुरू की संदिग्धों की तलाश

परिवार के मुताबिक, मकान के बेसमेंट में आग लगी थी। आग की वजह को लेकर शुरुआती तौर पर परिवार के लोग भी हैरान थे। इसके बाद आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में दो संदिग्धों के दिखाई देने के बाद आगजनी की आशंका को बल मिला।

रिटायर्ड सूबेदार नवनीत दुहन की ओर से पुलिस को मामले में तहरीर दी गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।

सीओ कोतवाली संग्राम सिंह के अनुसार, मामले में तहरीर मिल गई है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल Meerut Fire Case में आग किस वजह से लगाई गई और इसके पीछे कौन लोग थे, पुलिस इसकी जांच कर रही है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

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