नई दिल्ली: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) की महत्वपूर्ण प्रक्रिया चल रही है। 4 नवंबर 2025 से शुरू हुई यह प्रक्रिया 4 दिसंबर तक फॉर्म संग्रह के चरण में है, जिसके लिए ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) वितरित कर रहे हैं। हालांकि, मतदाताओं के बीच यह भ्रम है कि क्या केवल आधार कार्ड के आधार पर ही उनका नाम वोटर लिस्ट में नाम शामिल (Voter List Mein Naam Shamil) हो सकता है।
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चुनाव आयोग (ECI) के निर्देशों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, इसका सीधा जवाब है 'नहीं'।
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आधार कार्ड अकेले नागरिकता का प्रमाण क्यों नहीं?

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ECI ने साफ निर्देश दिए हैं कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में वोटर लिस्ट में केवल आधार के आधार पर किसी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया जाएगा।
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    संवैधानिक स्थिति: भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के अनुसार, आधार कार्ड अकेले किसी को वोटर बनने के योग्य नहीं बनाता है।
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    आधार अधिनियम: आधार अधिनियम के सेक्शन-9 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आधार कार्ड को डोमिसाइल (अधिवास) या सिटिजनशिप (नागरिकता) का प्रमाण नहीं माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने SIR को लेकर आधार के उपयोग को अधिनियम के अनुरूप बताया है, लेकिन यह उपयोग मुख्य रूप से डेटा मिलान के लिए है।
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यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि गणना प्रपत्र में मतदाताओं को अपना आधार कार्ड नंबर भरना होता है, लेकिन यह केवल पहचान के सत्यापन और डुप्लीकेशन रोकने के लिए है, न कि नागरिकता के अंतिम प्रमाण के लिए।
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वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की प्रक्रिया

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वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए SIR प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है अपने दावे का प्रमाणन।
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    पारिवारिक लिंक जरूरी: यदि आप मतदाता हैं, तो फॉर्म में अपना वर्तमान एपिक नंबर लिखना होगा। यदि आपका नाम नहीं है, तो अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी जिनका भी 2002-2003 के वोटर लिस्ट में नाम है, उनका विवरण (वोटर कार्ड नंबर, मतदान केंद्र का नाम आदि) फॉर्म में देना अनिवार्य है।
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    सत्यापन और नोटिस: यदि 2002 या 2003 के वोटर लिस्ट से नाम लिंक नहीं होता है, तो फॉर्म जमा करने के बाद ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) द्वारा आपको नोटिस जारी किया जाएगा और फिर डॉक्यूमेंट का सत्यापन किया जाएगा। 
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    सुनवाई: ऐसे सभी वोटर जिनके नाम साल 2003 के वोटर लिस्ट से मिलान नहीं होते हैं, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के ERO की तरफ से सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
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सुनवाई के दौरान मान्य 12 दस्तावेज (साक्ष्य के रूप में)

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यदि 2002 और 2003 के वोटर लिस्ट में नाम नहीं है, तो सुनवाई के दौरान वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए ECI द्वारा जारी किए गए इन 12 दस्तावेजों में से कोई एक साक्ष्य के रूप में पेश करना होगा और उनका सत्यापन किया जाएगा:
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    किसी भी सेंट्रल/स्टेट गवर्नमेंट/PSU के रेगुलर एम्प्लॉई/पेंशनर को जारी किया गया आइडेंटिटी कार्ड या पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO)।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    इंडियन गवर्नमेंट/बैंक/लोकल अथॉरिटी/PCU द्वारा जारी किया गया कोई भी आइडेंटिटी कार्ड/सर्टिफिकेट/डॉक्यूमेंट्स।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    कॉम्पिटेंट अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया बर्थ सर्टिफिकेट।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    पासपोर्ट।
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  8. \r\n
  9. \r\n
    रिकॉग्नाइज्ड बोर्ड/यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किया गया मैट्रिकुलेशन/एजुकेशनल सर्टिफिकेट।
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  10. \r\n
  11. \r\n
    स्टेट अथॉरिटी द्वारा जारी किया गया परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट।
    \r\n
  12. \r\n
  13. \r\n
    फॉरेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट।
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  14. \r\n
  15. \r\n
    OBC/ST/SC या कोई भी कास्ट सर्टिफिकेट।
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  16. \r\n
  17. \r\n
    नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (जहां भी हो)।
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  18. \r\n
  19. \r\n
    स्टेट/लोकल अथॉरिटी द्वारा तैयार किया गया फैमिली रजिस्टर।
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  20. \r\n
  21. \r\n
    गवर्नमेंट द्वारा कोई भी लैंड/हाउस अलॉटमेंट सर्टिफिकेट।
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  22. \r\n
  23. \r\n
    आधार के लिए, कमीशन के लेटर नंबर 23/2025-ERS/Vol.II डेटेड 9.09.2025 के जरिए जारी किए गए डायरेक्शन लागू होंगे। 
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  24. \r\n
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चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया मतदाता सूची को त्रुटिहीन और विश्वसनीय बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए केवल आधार कार्ड पर्याप्त नहीं है। मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे 4 दिसंबर की अंतिम तिथि से पहले अपने फॉर्म में पारिवारिक लिंक का विवरण अवश्य दें और ERO द्वारा जारी नोटिस पर सुनवाई के दौरान ऊपर बताए गए 12 मान्य दस्तावेजों में से कोई एक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करें ताकि उनके वोट देने का अधिकार सुनिश्चित हो सके।
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