बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) समेत देशभर में होने वाले चुनावों के लिए भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड (EPIC) नहीं है या वह खो गया है, तो उसे चिंतित होने की जरूरत नहीं है। मतदाता अब 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से कोई भी एक दस्तावेज दिखाकर अपना मतदान कर सकता है। आयोग की ओर से 7 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।READ ALSO:-आधार कार्ड रखने का झंझट खत्म! UIDAI ने लॉन्च किया 'फेस स्कैन' वाला नया ऐप, अब चेहरा ही बनेगा आपकी पहचान, सिक्योरिटी हुई टाइट
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रिकॉर्ड वोटिंग और पहचान की चुनौती
\r\n\r\nबिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों पर 6 नवंबर को मतदान पूरे हो चुके हैं, जबकि दूसरे चरण की 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग होनी है। पहले चरण में हुई रिकॉर्ड वोटिंग ने मतदाताओं की भागीदारी के उत्साह को दर्शाया है। ऐसे में, वोटर आईडी कार्ड न होने या खो जाने पर भी मतदाताओं को पहचान संबंधी कोई परेशानी न हो, इसके लिए आयोग ने यह कदम उठाया है।
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- \r\n उद्देश्य: आयोग का यह कदम खासतौर पर ग्रामीण इलाकों, नए मतदाताओं और उन लोगों के लिए आया है, जिनका वोटर आईडी कार्ड या तो बना नहीं है या उनके पास मौजूद नहीं है।\r\n \r\n
- \r\n महिलाओं के लिए सुविधा: घूंघट या बुर्का डालने वाली महिलाओं की सुविधा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए महिला मतदान अधिकारियों की विशेष तैनाती की जा रही है।\r\n \r\n
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मतदान के लिए 12 वैध दस्तावेज
\r\n\r\nचुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि वोट डालने के लिए पहचान साबित करने वाला दस्तावेज होना अनिवार्य है। वोटर आईडी कार्ड (EPIC) सबसे मान्य पहचान पत्र है, लेकिन इसके अभाव में मतदाता निम्न में से कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर अपना वोट डाल सकते हैं:
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| \r\n क्रम संख्या \r\n | \r\n \r\n मान्य पहचान पत्र \r\n | \r\n
| \r\n 1 \r\n | \r\n \r\n पासपोर्ट \r\n | \r\n
| \r\n 2 \r\n | \r\n \r\n ड्राइविंग लाइसेंस \r\n | \r\n
| \r\n 3 \r\n | \r\n \r\n सरकारी कर्मचारियों को जारी फोटो सहित सर्विस आईडी \r\n | \r\n
| \r\n 4 \r\n | \r\n \r\n बैंक या पोस्ट ऑफिस की फोटो वाली पासबुक \r\n | \r\n
| \r\n 5 \r\n | \r\n \r\n पैन कार्ड (PAN Card) \r\n | \r\n
| \r\n 6 \r\n | \r\n \r\n एनपीआर (NPR) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड \r\n | \r\n
| \r\n 7 \r\n | \r\n \r\n मनरेगा जॉब कार्ड (फोटो सहित) \r\n | \r\n
| \r\n 8 \r\n | \r\n \r\n श्रम मंत्रालय की योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कार्ड \r\n | \r\n
| \r\n 9 \r\n | \r\n \r\n पेंशन दस्तावेज (फोटो सहित) \r\n | \r\n
| \r\n 10 \r\n | \r\n \r\n सांसद (MP), विधायक (MLA) या विधान परिषद सदस्य (MLC) का सरकारी पहचान पत्र \r\n | \r\n
| \r\n 11 \r\n | \r\n \r\n आधार कार्ड \r\n | \r\n
| \r\n 12 \r\n | \r\n \r\n वोटर आईडी कार्ड (EPIC) \r\n | \r\n
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फोटो स्लिप अकेले मान्य नहीं
\r\n\r\nचुनाव आयोग ने यह साफ किया है कि अकेले फोटो वोटर स्लिप को पहचान के आधार पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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- \r\n स्पष्टता: इसका अर्थ है कि फोटो स्लिप अकेले मतदान करने का अधिकार नहीं देती। इसे साथ रखना सहायक है, लेकिन असली पहचान पत्र साथ होना आवश्यक है।\r\n \r\n
- \r\n पारदर्शिता और सुरक्षा: इस बार चुनाव आयोग मतदान को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए बूथों पर तकनीकी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी और डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर रहेगा।\r\n \r\n
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बिहार चुनाव और आगे की राह
\r\n\r\nबिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिनमें से 40 सीटें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। नई विधानसभा का गठन 22 नवंबर 2025 से पहले होना जरूरी है।
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- \r\n मतदान प्रक्रिया: आयोग का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोग घरों से बाहर निकलकर मतदान करें। इसीलिए, पहचान पत्रों के विकल्प बढ़ाए गए हैं ताकि पहचान संबंधी छोटी-मोटी समस्याओं के कारण कोई भी मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.