लखनऊ (UP VIP Number Refund): उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने राज्य के हजारों वाहन मालिकों को एक बड़ी राहत दी है। वीआईपी या मनचाहा वाहन नंबर बुक कराने की प्रक्रिया में असफल रहे 4,559 वाहन मालिकों का लगभग पौने चार करोड़ रुपये (₹3.75 करोड़) अब उनके खातों में वापस होगा। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर इस धनराशि की वापसी का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए लखनऊ के एआरटीओ (प्रशासन) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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₹3.75 करोड़ फंसा था, 4559 मालिकों को राहत
\r\n\r\nपिछले डेढ़ साल से, यानी जुलाई 2024 से नवंबर 2025 तक, वीआईपी नंबरों की बुकिंग के एवज में लगभग पौने चार करोड़ रुपये परिवहन विभाग के पास फंसे हुए थे। ये धनराशि उन आवेदकों की थी, जिन्हें नीलामी प्रक्रिया में मनचाहा या वीआईपी नंबर नहीं मिल पाया था। परिवहन विभाग से लगातार धनराशि वापसी का अनुरोध करने के बावजूद, प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब UP VIP Number Refund होना शुरू हो गया है।
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धनराशि वापसी के लिए लखनऊ के एआरटीओ (प्रशासन) प्रदीप कुमार सिंह को नोडल अफसर बनाया गया है। उन्होंने पुष्टि की है कि परिवहन आयुक्त के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू कर दी गई है और वर्तमान में उन्हें अन्य जनपदों समेत कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5 आवेदकों का भुगतान उनके खातों में किया जा चुका है।
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पैसा लौटाने के लिए विशेष नियम
\r\n\r\nनोडल अधिकारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि रिफंड के लिए एक विशेष नियम का पालन किया जा रहा है। पैसा केवल उसी बैंक खाते में लौटाया जा रहा है, जिस खाते से वह परिवहन विभाग को प्राप्त हुआ था। यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के कानूनी विवाद (Litigation) की संभावना न रहे। उन्होंने कहा, "यह पैसा गवर्नमेंट के पास अनवांटेड, अनसर्विस्ड है। इसे क्लेम प्रोसेस के बजाय सीधे खाते में लौटाया जा रहा है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिले।"
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फंसी हुई धनराशि का मासिक विवरण (जुलाई 2024 से नवंबर 2025)
\r\n\r\n| \r\n महीना \r\n | \r\n \r\n आवेदक \r\n | \r\n \r\n राशि (रुपये में) \r\n | \r\n
| \r\n जुलाई-24 \r\n | \r\n \r\n 385 \r\n | \r\n \r\n 29,27,681 \r\n | \r\n
| \r\n अक्टूबर-24 \r\n | \r\n \r\n 486 \r\n | \r\n \r\n 34,75,329 \r\n | \r\n
| \r\n मार्च-25 \r\n | \r\n \r\n 265 \r\n | \r\n \r\n 24,47,661 \r\n | \r\n
| \r\n जून-25 \r\n | \r\n \r\n 288 \r\n | \r\n \r\n 26,40,999 \r\n | \r\n
| \r\n नवंबर-25 \r\n | \r\n \r\n 286 \r\n | \r\n \r\n 20,80,350 \r\n | \r\n
| \r\n कुल \r\n | \r\n \r\n 4,559 \r\n | \r\n \r\n 3,63,71,708 \r\n | \r\n
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आरबीआई के निर्देश और ई-कुबेर सिस्टम (UP VIP Number Refund)
\r\n\r\nवीआईपी नंबर की बुकिंग का पैसा फंसने की मुख्य वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 27 मई 2024 को जारी एक गाइडलाइन थी। इस गाइडलाइन में कहा गया था कि वाहन नंबर पाने की धनराशि को आरटीओ दफ्तर के अलग खाते के बजाय आरबीआई के कोर बैंकिंग प्लेटफॉर्म 'ई-कुबेर' में जमा कराया जाए। 15 जुलाई 2024 से यह व्यवस्था लागू होने के बाद, नीलामी में असफल रहे आवेदकों का पैसा वापस करने में तकनीकी दिक्कत आने लगी।
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अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया गया है। ई-कुबेर प्रणाली के तहत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अकाउंट तैयार किया है। नई व्यवस्था के तहत, ऑनलाइन बोली में असफल आवेदकों के बैंक खाते में निर्धारित समय के बाद उनका रजिस्ट्रेशन का पैसा अपने आप ही रिफंड हो जाएगा। UP VIP Number Refund की यह प्रक्रिया अब भविष्य में किसी भी तरह की देरी को रोकेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी।
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उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग का यह कदम न केवल 4,559 वाहन मालिकों को उनकी दशकों से फंसी पूंजी वापस दिलाएगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि नई ई-कुबेर प्रणाली के तहत भविष्य में किसी भी बोलीदाता का पैसा अनावश्यक रूप से न अटके। UP Transport Department News की यह सकारात्मक पहल विभाग की ग्राहक सेवा और डिजिटल प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को मजबूत करती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.