खबरीलाल डेस्क रिपोर्ट: आज के डिजिटल और आधुनिक युग में भारत के हर नागरिक के लिए 'आधार कार्ड' (Aadhaar Card) सबसे अहम पहचान पत्र बन चुका है। बड़ों के साथ-साथ अब बच्चों के लिए भी आधार कार्ड उतना ही जरूरी है। इसी कड़ी में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश भर के अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।READ ALSO:-मेरठ में सेहत के दुश्मनों पर सर्जिकल स्ट्राइक: 28 क्विंटल केमिकल वाला 'जहरीला' पनीर बरामद, जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाया गया मौत का सामान
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अक्सर माता-पिता बचपन में अपने बच्चे का आधार कार्ड (जिसे 'बाल आधार' या ब्लू आधार कहा जाता है) बनवा तो लेते हैं, लेकिन उसके बाद उसे अपडेट कराना भूल जाते हैं। UIDAI ने स्पष्ट किया है कि 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी करने पर बच्चों के आधार कार्ड में 'अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट' (Mandatory Biometric Update - MBU) कराना कानूनी और व्यावहारिक रूप से अनिवार्य है। इस नियम के प्रति आम जनता और स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ और जिला प्रशासन के सहयोग से एक व्यापक महा-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसके बेहद शानदार और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
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क्या है अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) और यह क्यों जरूरी है?
\r\n\r\nदरअसल, जब कोई बच्चा 5 साल से छोटा होता है, तो आधार कार्ड बनाते समय उसके उंगलियों के निशान (Fingerprints) और आंखों की पुतलियों (Iris) का स्कैन नहीं लिया जाता है, क्योंकि उस उम्र में बच्चों के बायोमेट्रिक्स पूरी तरह से विकसित नहीं होते हैं। उस समय बच्चे का आधार माता-पिता के आधार से लिंक करके बनाया जाता है।
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लेकिन जैसे ही बच्चा 5 साल की उम्र पूरी करता है, उसके बायोमेट्रिक्स विकसित होने लगते हैं। इसी तरह, 15 साल की उम्र तक आते-आते बच्चे के चेहरे की बनावट और बायोमेट्रिक्स पूरी तरह से परिपक्व हो जाते हैं। यही कारण है कि UIDAI के नियमों के अनुसार:
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- \r\n पहली बार: बच्चे के 5 साल का होने पर उसके फिंगरप्रिंट, आईरिस और नई फोटोग्राफ का अपडेट कराना होता है।\r\n \r\n
- \r\n दूसरी बार: जब बच्चा 15 साल का हो जाता है, तो एक बार फिर से ये सभी बायोमेट्रिक्स अपडेट कराने होते हैं ताकि डेटाबेस में उसकी एक सटीक और वयस्क पहचान दर्ज हो सके।\r\n \r\n
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(नोट: बच्चों के लिए 5 और 15 साल की उम्र में होने वाला यह अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट UIDAI की तरफ से बिल्कुल मुफ्त (Free of Cost) किया जाता है।)
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सीतापुर में UIDAI का 'महा-जागरूकता अभियान' और विशेष कैंप
\r\n\r\nइस अनिवार्य प्रक्रिया को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यूपी के सीतापुर (Sitapur) जिले में एक बेहतरीन पहल की गई है। यहां के प्रतिष्ठित 'लखनऊ पब्लिक स्कूल' (Lucknow Public School) में 1 अप्रैल से एक विशेष आधार कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य स्कूल में पढ़ने वाले उन सभी बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट करना है, जिन्होंने 5 या 15 वर्ष की आयु पूरी कर ली है।
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प्रशासन की इस पहल का शानदार असर दिखा है। अब तक इस विशेष कैंप में 300 से अधिक बच्चों का सफलतापूर्वक बायोमेट्रिक अपडेट कराया जा चुका है।
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खेल-खेल में जागरूकता: पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
\r\n\r\nबच्चों के अंदर आधार अपडेट को लेकर किसी भी तरह का डर न रहे और वे इसके महत्व को समझ सकें, इसके लिए अभियान के तहत स्कूल परिसर में कई रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। बच्चों के लिए विशेष रूप से 'पेंटिंग प्रतियोगिता' और 'निबंध लेखन प्रतियोगिता' का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
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इस दौरान जिन विद्यार्थियों ने जागरूकता दिखाते हुए अपने आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) पूरा कराया, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया गया। UIDAI के उपनिदेशक (Deputy Director) श्री आदित्य प्रकाश वाजपेई और लखनऊ पब्लिक स्कूल की प्राचार्य (Principal) श्रीमती रश्मी वर्मा ने इन बच्चों को मंच पर बुलाकर प्रमाणपत्र (Certificate) देकर सम्मानित किया, जिससे अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिली।
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उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं का हुआ सम्मान
\r\n\r\nइस महा-अभियान को सफल बनाने में जिन संस्थाओं ने दिन-रात मेहनत की, उन्हें भी प्रशासन द्वारा सराहा गया। स्कूली बच्चों के शत-प्रतिशत आधार अपडेट के उत्कृष्ट सहयोग के लिए 'लखनऊ पब्लिक स्कूल' को विशेष प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
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वहीं, शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जाकर अभिभावकों और बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए प्रेरित करने वाले एक प्रमुख गैर-सरकारी संगठन (NGO) ‘आदर्श शिक्षा सदन सेवा समिति’ को भी उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह के बड़े और महत्वपूर्ण अभियानों को 100% सफल बनाने के लिए सरकारी महकमों और गैर-सरकारी क्षेत्रों (NGOs) के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।
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अगर अपडेट नहीं कराया तो बच्चों को क्या होगा नुकसान?
\r\n\r\nकई बार अभिभावक इस अपडेट को हल्के में लेते हैं, लेकिन UIDAI के अधिकारियों ने इसके गंभीर परिणामों को लेकर चेताया है। यदि आप समय रहते 5 और 15 वर्ष की आयु में बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटो) नहीं कराते हैं, तो भविष्य में आपको निम्नलिखित भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है:
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- \r\n स्कूल एडमिशन में बाधा: आज के समय में हर छोटे-बड़े स्कूल में दाखिले (Admission) के लिए बच्चे का अपडेटेड आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। मिसमैच होने पर दाखिला रुक सकता है।\r\n \r\n
- \r\n प्रतियोगी परीक्षाएं (Competitive Exams): 15 साल की उम्र के बाद बच्चे 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाएं, NEET, JEE, CUET जैसी अहम प्रतियोगी परीक्षाएं देते हैं। इन सभी में पंजीकरण (Registration) और परीक्षा केंद्र पर पहचान के लिए अपडेटेड बायोमेट्रिक्स वाला आधार ही मान्य होता है।\r\n \r\n
- \r\n छात्रवृत्ति (Scholarships): केंद्र और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में आती है। बायोमेट्रिक अपडेट न होने पर स्कॉलरशिप फॉर्म निरस्त हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाएं: यूपी सरकार द्वारा बेसिक स्कूलों में बच्चों की यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी के लिए डीबीटी (DBT) के माध्यम से अभिभावकों के खाते में पैसे भेजे जाते हैं। आधार अपडेट न होने की स्थिति में इस सरकारी लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।\r\n \r\n
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प्रशासन हुआ सख्त, सीतापुर को मिलेगी नए आधार केंद्र की सौगात
\r\n\r\nइस अभियान के तहत शिक्षा विभाग को भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS), सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) और स्कूल प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी पात्र बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
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इस अवसर पर UIDAI के उपनिदेशक आदित्य प्रकाश वाजपेई ने सीतापुर की जनता को एक बड़ी सौगात देने का भी ऐलान किया। उन्होंने बताया कि शहर के नवीन चौक के निकट अगले महीने से 16 अत्याधुनिक आधार किटों से सुसज्जित एक बिल्कुल नया और विशाल 'आधार सेवा केंद्र' शुरू किया जाएगा। इस नए केंद्र के खुलने से सीतापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को आधार से जुड़ी सभी सेवाएं (नया आधार बनवाना, अपडेट कराना आदि) एक ही छत के नीचे और अधिक सुलभ हो सकेंगी। इस मौके पर प्राधिकरण के मीडिया प्रबंधक अकरम अली और सीतापुर आधार सेवा केंद्र के संचालन प्रबंधक अनुज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
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अभिभावक कैसे और कहां कराएं बच्चों का आधार अपडेट? (Contact Details)
\r\n\r\nअगर आपने भी अब तक अपने 5 साल या 15 साल के बच्चे का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया है, तो बिना किसी देरी के इसे पूरा करें।
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- \r\n कहाँ जाएं: अभिभावक अपने बच्चों को लेकर अपने किसी भी नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra), पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक शाखा में जा सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n स्कूल कैंप के लिए संपर्क: इसके अलावा, अगर कोई स्कूल प्रबंधन अपने स्कूल परिसर में ही बच्चों के लिए आधार कैंप आयोजित कराना चाहता है, तो वे सीतापुर में स्थित मुख्य आधार सेवा केंद्र, नवीन चौक (जनता अस्पताल के पास, हरदोई रोड, सीतापुर) से सीधे संपर्क कर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n ईमेल आईडी: कैंप की बुकिंग या किसी भी जानकारी के लिए अधिकारी इन ईमेल आईडी पर भी संपर्क कर सकते हैं: pm1-rolko@uidai.net.in और aso4-rolko@uidai.net.in\r\n \r\n
- \r\n ऑनलाइन सुविधा: आपके जिले या गांव के सबसे निकटतम आधार केंद्र की सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (\r\n
uidai.gov.in) पर उपलब्ध 'Locate an Enrolment Center' सुविधा का भी आसानी से उपयोग कर सकते हैं। \r\n
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खबरीलाल की सभी अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए आज ही उनका आधार कार्ड अपडेट करवाएं।
Sabse pehle comment karne wale banein.