आज (1 नवंबर 2025) से केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम कारोबारियों (SMEs) के लिए GST (गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नई स्कीम शुरू की है। इसके साथ ही, GST कलेक्शन के नवीनतम आँकड़े भी जारी किए गए हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।READ ALSO:-आपके नाम पर तो नहीं चल रही कोई 'फर्जी सिम'? 1 मिनट में घर बैठे चेक करें, इस एक गलती से फंस सकते हैं कानूनी पचड़े में
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1. GST रजिस्ट्रेशन स्कीम: 3 दिन में मिलेगा रजिस्ट्रेशन
\r\n\r\nकेंद्र सरकार ने 'सिंपलीफाइड GST रजिस्ट्रेशन स्कीम' (Simplified GST Registration Scheme) शुरू की है। इस नई प्रक्रिया से छोटे कारोबारियों को रजिस्ट्रेशन में लगने वाली लंबी देरी और अड़चनों से राहत मिलेगी।
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नई स्कीम के मुख्य बिंदु
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- \r\n फास्ट ट्रैक रजिस्ट्रेशन: लो-रिस्क (कम जोखिम वाले) कारोबारियों के लिए अब GST रजिस्ट्रेशन केवल 3 कारोबारी दिन में पूरा हो जाएगा। पहले इस प्रक्रिया में हफ्तों लग जाते थे।\r\n \r\n
- \r\n पात्रता का मापदंड: इस स्कीम का फायदा उन व्यापारियों को मिलेगा जिनका मासिक GST आउटपुट टैक्स लायबिलिटी (CGST, SGST/UTGST और IGST सहित सभी टैक्स) ₹2.5 लाख रुपए से कम होता है।\r\n \r\n
- \r\n सेल्फ-डिक्लेरेशन: पात्र आवेदक को केवल सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा) देनी होगी कि वह लो-रिस्क श्रेणी में आता है, या GST सिस्टम खुद उनके डेटा एनालिसिस के आधार पर उन्हें इस कैटेगरी में रखेगा।\r\n \r\n
- \r\n लाभार्थियों की संख्या: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गाजियाबाद में CGST भवन के उद्घाटन के दौरान कहा कि यह नई योजना लगभग 96% नए आवेदकों को फायदा पहुंचाएगी।\r\n \r\n
- \r\n अप्लाई करने का तरीका: आवेदक GST पोर्टल पर जाकर 'लो-रिस्क रूट' चुन सकते हैं और सेल्फ-डिक्लेरेशन दे सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n स्वैच्छिक योजना: यह एक स्वैच्छिक योजना है। कारोबारी इसे अपनी इच्छा से अपना सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इससे बाहर भी निकल सकते हैं।\r\n \r\n
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\r\n\r\n\r\nमहत्व: PAN-Based यह 3-दिन का रजिस्ट्रेशन छोटे दुकानदारों, स्टार्टअप्स और नए आवेदकों के लिए प्रक्रिया को तेज और आसान बनाएगा, जिससे व्यापार शुरू करने में होने वाली देरी दूर होगी।\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n
2. अक्टूबर GST कलेक्शन: ₹1.96 लाख करोड़ का कलेक्शन
\r\n\r\nकेंद्र सरकार द्वारा आज जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने में GST कलेक्शन मजबूत बना हुआ है।
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- \r\n अक्टूबर कलेक्शन: अक्टूबर 2025 में कुल ₹1.96 लाख करोड़ का GST कलेक्शन हुआ।\r\n \r\n
- \r\n सालाना वृद्धि: यह कलेक्शन पिछले साल (अक्टूबर 2024 में ₹1.87 लाख करोड़) के मुकाबले 4.6% अधिक है।\r\n \r\n
- \r\n तिमाही रुझान: पिछले महीने (सितंबर) के ₹1.89 लाख करोड़ कलेक्शन की तुलना में अक्टूबर में 3 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है।\r\n \r\n
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| \r\n महीना \r\n | \r\n \r\n GST कलेक्शन (₹ करोड़) \r\n | \r\n \r\n सालाना वृद्धि (YoY) \r\n | \r\n
| \r\n अप्रैल 2025 \r\n | \r\n \r\n ₹2.37 लाख करोड़ \r\n | \r\n \r\n (अब तक का रिकॉर्ड) \r\n | \r\n
| \r\n मई 2025 \r\n | \r\n \r\n ₹2.01 लाख करोड़ \r\n | \r\n \r\n - \r\n | \r\n
| \r\n सितंबर 2025 \r\n | \r\n \r\n ₹1.89 लाख करोड़ \r\n | \r\n \r\n ↑ 9.1% \r\n | \r\n
| \r\n अक्टूबर 2025 \r\n | \r\n \r\n ₹1.96 लाख करोड़ \r\n | \r\n \r\n ↑ 4.6% \r\n | \r\n
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\r\n\r\n\r\nसंकेतक: GST कलेक्शन इकोनॉमी की हेल्थ का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। उच्च कलेक्शन मजबूत उपभोक्ता खर्च और प्रभावी कर अनुपालन को दर्शाता है।\r\n
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3. GST: एक नज़र में (GST: An Overview)
\r\n\r\nGST एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है जिसे 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू किया गया था। इसने केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को प्रतिस्थापित (Replace) किया है।
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| \r\n विशेषता \r\n | \r\n \r\n विवरण \r\n | \r\n
| \r\n लागू तिथि \r\n | \r\n \r\n 1 जुलाई 2017 (GST के 7 साल पूरे) \r\n | \r\n
| \r\n स्लैब \r\n | \r\n \r\n 5%, 12%, 18% और 28% (4 स्लैब) \r\n | \r\n
| \r\n हालिया बदलाव \r\n | \r\n \r\n 22 सितंबर से कुछ वस्तुओं पर स्लैब को केवल 5% और 18% में सीमित किया गया। \r\n | \r\n
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GST के चार हिस्से:
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- \r\n CGST (केंद्रीय GST): केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n SGST (राज्य GST): राज्य सरकारों द्वारा एकत्र किया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n IGST (एकीकृत GST): अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात पर लागू, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभाजित होता है।\r\n \r\n
- \r\n उपकर (Cess): विशिष्ट उद्देश्यों के लिए फंड जुटाने हेतु लग्जरी आइटम्स या तंबाकू जैसे स्पेसिफिक गुड्स पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.