नई दिल्ली: देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य जारी है। इस दौरान, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र (Enumeration Form) भरवा रहे हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया में शादीशुदा महिलाओं के बीच एक आम और महत्वपूर्ण दुविधा सामने आई है: मतदाता फॉर्म में अभिभावक (Guardian) के कॉलम में किसका नाम लिखा जाए—पति का या पिता का?
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चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, जिससे इस कन्फ्यूजन को दूर किया जा सके। आइए जानते हैं कि मतदाता सूची फॉर्म में पति या पिता का नाम भरने को लेकर आयोग की गाइडलाइन क्या कहती है।
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गणना प्रपत्र की प्रिंटेड जानकारी
\r\n\r\nचुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए गणना प्रपत्र के पहले पैराग्राफ में बीएलओ का नाम, मोबाइल नंबर और मतदाता की प्रिंटेड डिटेल्स होती हैं। इस प्रपत्र में मतदाता का नाम, एपिक (EPIC) नंबर, एड्रेस, वोटर का सीरियल नंबर और मतदान केंद्र का विवरण शामिल होता है। इसमें क्यूआर कोड के साथ मतदाता की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर होती है, जिसके पास कलर फोटोग्राफ लगाने के लिए खाली जगह होती है।
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अभिभावक के कॉलम में किसका नाम लिखें?
\r\n\r\nचुनाव आयोग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, शादीशुदा महिलाओं को अभिभावक के कॉलम में किसका नाम लिखना है, इसकी स्पष्ट जानकारी दी गई है:
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- \r\n पिता का नाम अनिवार्य: आयोग के निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि मतदाता, चाहे वे शादीशुदा हों या नहीं, अभिभावक या पिता के नाम वाले कॉलम में अपने पिता का नाम लिखें।\r\n \r\n
- \r\n माता-पिता की अन्य जानकारी: इसके नीचे के कॉलम में पिता के एपिक कार्ड का नंबर, फिर माता का नाम और उनका एपिक नंबर भी लिखना होगा।\r\n \r\n
- \r\n पति का अलग कॉलम: गणना प्रपत्र में पति (Husband) का विवरण देने के लिए एक अलग कॉलम दिया गया है। शादीशुदा महिलाएं इस कॉलम में अपने पति का नाम लिखें और उसके नीचे के कॉलम में पति के वोटर कार्ड का एपिक नंबर लिखें।\r\n \r\n
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चुनाव आयोग ने साफ किया है कि महिला की शादी हो गई है, तो भी उसे अपने माता-पिता दोनों की डिटेल देना अनिवार्य है।
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अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
\r\n\r\nप्रपत्र भरने के संबंध में आयोग ने कुछ अन्य निर्देश भी जारी किए हैं, जिनका पालन करना जरूरी है:
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- \r\n गैर-मौजूद सदस्य: यदि परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर रहता है लेकिन मतदाता यहीं का है और वर्तमान में वह मौजूद नहीं है, तो उसका प्रपत्र अभिभावक भरकर जमा कर सकते हैं, बशर्ते उसमें उसका जिक्र किया गया हो।\r\n \r\n
- \r\n आधार और मोबाइल नंबर: मतदाता को अपनी जन्म की तारीख, आधार नंबर और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से भरना होगा।\r\n \r\n
- \r\n पिछले SIR की डिटेल्स: गणना प्रपत्र में दो कॉलम पिछले SIR (2002-2003) की मतदाता सूची से संबंधित हैं।\r\n\r\n
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- \r\n यदि मतदाता का नाम 2002-2003 की मतदाता सूची में है, तो उन्हें नाम, एपिक नंबर, संबंध, जिला, राज्य, विधानसभा केंद्र, सीरियल नंबर और पार्ट नंबर का विवरण भरना होगा।\r\n \r\n
- \r\n यदि मतदाता का नाम पिछली सूची में नहीं है, तो उन्हें अपने माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का विवरण (विधानसभा केंद्र, सीरियर नंबर, पार्ट नंबर) लिखना होगा और विवरण लिखे गए व्यक्ति की प्रति फॉर्म के साथ अटैच करनी होगी।\r\n \r\n
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पावती और सत्यापन: बीएलओ मतदाताओं को दो फॉर्म देंगे, जिसमें से एक जमा करने के बाद दूसरा फॉर्म पावती (Acknowledgment) के रूप में हस्ताक्षर करके वापस किया जाएगा। यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं है लेकिन वर्तमान सूची में है, तो वह भी फॉर्म भरकर जमा दे सकता है। 2003 की SIR लिस्ट से माता-पिता या दादा-दादी के नाम के आधार पर मैपिंग की जाएगी। मैपिंग न होने पर, 9 दिसंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होने के बाद मतदाता को 11 वैध पहचान पत्रों (ID) के साथ सत्यापन के लिए पेश होना होगा।
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मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) फॉर्म भरते समय, चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शादीशुदा महिलाएं भी अभिभावक के कॉलम में अपने पिता का नाम और एक अलग कॉलम में अपने पति का नाम भरेंगी। यह स्पष्टीकरण मतदाता सूची फॉर्म में पति या पिता का नाम भरने की दुविधा को समाप्त करता है और मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने में सहायक है।
Sabse pehle comment karne wale banein.