उत्तर प्रदेश: साइबर क्रिमिनल्स लगातार नए-नए तरीकों से आम जनता को निशाना बना रहे हैं। ताज़े मामले में, जालसाजों ने SIR KYC अपडेट स्कैम का सहारा लिया है। साइबर क्रिमिनल एसआईआर केवाईसी अपडेट के नाम पर लोगों के मोबाइल पर एपीके (APK) लिंक भेजकर ठगी कर रहे हैं। आगरा में ऐसे कई लोगों के मोबाइल पर ये लिंक भेजे गए हैं, जिसके बाद आगरा पुलिस कमिश्नरेट और साइबर क्राइम टीम अलर्ट हो गई है।READ ALSO:-एक्टर धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन: पत्नी हेमा, बेटी ईशा विले पार्ले श्मशान घाट पहुंचे, अमिताभ-अभिषेक और आमिर खान ने दी अंतिम विदाई
\r\n\r\n\r\n\r\n
आगरा पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम एक्सपर्ट व एडीसीपी आदित्य कुमार ने लोगों को इस नए फ्रॉड से विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है SIR KYC अपडेट स्कैम?
\r\n\r\nएडीसीपी आदित्य कुमार के मुताबिक, साइबर क्रिमिनल हमेशा समाज की रीतियों और बदलावों का फायदा उठाकर ठगी करते हैं। शादियों के सीजन में अपराधी 'डिजिटल निमंत्रण कार्ड' के नाम पर एपीके फाइल के लिंक भेज रहे थे। अब उन्होंने ठगी का नया तरीका SIR KYC अपडेट स्कैम शुरू किया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस फ्रॉड में साइबर क्रिमिनल लोगों के मोबाइल पर SIR केवाईसी अपडेट करने के लिए फर्जी लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति अनजाने में इस लिंक पर क्लिक करके अज्ञात एपीके फाइल (Android Package Kit) को इंस्टॉल करता है, जालसाजों को उसके मोबाइल का पूरा एक्सेस मिल जाता है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
APK फाइल कैसे लेती है मोबाइल का एक्सेस?
\r\n\r\nसाइबर एक्सपर्ट आदित्य कुमार ने समझाया कि साइबर क्रिमिनल द्वारा भेजे गए लिंक से इंस्टॉल की गई एपीके फाइल आम ऐप की तरह दिखती है, लेकिन यह मोबाइल के बैकग्राउंड में एक्टिव हो जाती है। यह फाइल मोबाइल का पूरा एक्सेस ले लेती है और थर्ड पार्टी या साइबर क्रिमिनल को डेटा शेयर करने लगती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक बार एक्सेस मिलने के बाद:
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n साइबर क्रिमिनल को मोबाइल के सभी ऐप्स, स्क्रीन, कैमरा, कॉल, मैसेज और सबसे महत्वपूर्ण, बैंकिंग ऐप्स का पूरा कंट्रोल मिल जाता है।\r\n \r\n
- \r\n वे आसानी से निजी डेटा, ओटीपी या पासवर्ड चुराकर खातों से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी ठगी
\r\n\r\nआगरा में कई लोगों की सतर्कता के कारण अभी तक किसी बड़ी ठगी का मामला सामने नहीं आया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी राजेश अग्रवाल के मोबाइल पर जब SIR KYC अपडेट स्कैम का लिंक आया, तो उन्होंने उसे खोला नहीं और तुरंत पड़ोसी पुलिसकर्मी से साझा किया।\r\n \r\n
- \r\n दयालबाग निवासी कारोबारी अर्पित सिंघल ने भी तुरंत पुलिस को लिंक की जानकारी दी।\r\n \r\n
\r\n\r\n
साइबर क्राइम थाना की प्रभारी निरीक्षक रीता यादव ने बताया कि लोगों की सतर्कता की वजह से अभीतक SIR KYC अपडेट स्कैम में ठगी को कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
साइबर फ्रॉड से बचने के 3 तरीके
\r\n\r\nएडीसीपी आदित्य कुमार ने जनता को साइबर ठगी से बचने के लिए तीन महत्वपूर्ण तरीके बताए हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n जागरूकता: अपराध होने से पहले ही जागरूक रहें। किसी भी अज्ञात लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें, खासकर जब वह किसी निमंत्रण कार्ड या केवाईसी अपडेट के नाम पर आए।\r\n \r\n
- \r\n तत्काल रिपोर्ट: साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित एजेंसी को रिपोर्ट दर्ज कराएं। (Internal link to article on how to file online cyber crime report)\r\n \r\n
- \r\n डरें नहीं, छुपाएं नहीं: अगर आपके साथ साइबर ठगी हो गई है, तो पुलिस या अन्य जांच एजेंसी से कोई भी डिटेल्स न छुपाएं। किसी के लालच या डराने से डरें नहीं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
साइबर क्रिमिनल अब निमंत्रण कार्डों के साथ-साथ एसआईआर जैसे जरूरी लगने वाले अपडेट का सहारा ले रहे हैं, इसलिए जनता को हर अनजान लिंक के प्रति अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आगरा में साइबर क्रिमिनल्स SIR KYC अपडेट स्कैम के तहत लोगों को APK फाइल भेजकर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों को किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने की सख्त हिदायत दी है, क्योंकि इससे मोबाइल का पूरा एक्सेस जालसाजों के हाथ में जा सकता है। लोगों की सतर्कता से अब तक ठगी के मामले टले हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.