नई दिल्ली: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने देश की डिजिटल पहचान को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए UIDAI आधार 2025 के तहत कई महत्वपूर्ण पहलों और नियमों में बदलाव की घोषणा की है। ये बदलाव नागरिकों के लिए आधार (Aadhaar) को अपडेट करने की प्रक्रिया को आसान बनाने, सुरक्षा को मजबूत करने और सबसे महत्वपूर्ण रूप से, बच्चों के लिए आधार-आधारित सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।READ ALSO:-PAN कार्ड नियम: दो PAN कार्ड रखने पर आजम खान को 7 साल की जेल, जानिए डुप्लीकेट PAN पर कितना जुर्माना और क्या है कानूनी सजा
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
UIDAI, जो सभी निवासियों को 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या जारी करता है, अब डीपफेक (Deepfake) जैसे उभरते खतरों से निपटने और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट करने पर जोर दे रहा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. 7 से 15 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त बायोमेट्रिक अपडेट

\r\n\r\n
बच्चों के लिए आधार अपडेट को प्रोत्साहित करने के लिए, UIDAI ने 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) की फीस को एक साल के लिए माफ कर दिया है। यह छूट 1 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    उद्देश्य और लाभ: UIDAI ने पाया है कि कई माता-पिता जागरूकता की कमी या असुविधा के कारण 7-15 वर्ष के बीच बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट में देरी करते हैं। इस देरी से बच्चों को सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति और अन्य लाभों से वंचित होना पड़ सकता है। इस छूट से लगभग 6 करोड़ बच्चों को लाभ होने की उम्मीद है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अपडेट प्रक्रिया: माता-पिता अपने बच्चे के आधार नंबर के साथ किसी भी अधिकृत आधार सेवा केंद्र पर जाकर फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटोग्राफ को मुफ्त में अपडेट करा सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

2. डीपफेक से सुरक्षा के लिए SITAA पहल

\r\n\r\n
डिजिटल धोखाधड़ी और बायोमेट्रिक स्पूफिंग के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए, UIDAI ने 'स्कीम फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी एसोसिएशन विद आधार' (SITAA) नामक एक नई पहल शुरू की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मुख्य फोकस: SITAA स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और उद्योग जगत को AI-संचालित समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित करता है। इसका मुख्य उद्देश्य रियल-टाइम फेस लाइवनेस डिटेक्शन (deepfake रोकने के लिए), प्रेजेंटेशन अटैक डिटेक्शन और स्मार्टफोन कैमरे का उपयोग करके संपर्क रहित फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण जैसी तकनीकों को विकसित करना है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    महत्व: यह पहल बायोमेट्रिक धोखाधड़ी के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करने, विदेशी तकनीक पर निर्भरता को कम करने और 'आत्मनिर्भर भारत' की भावना को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। (Internal link to related article on UIDAI AI Security)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. ऑनलाइन डेमोग्राफिक अपडेट हुआ आसान

\r\n\r\n
1 नवंबर 2025 से, आधार धारकों के लिए नाम, पता, जन्मतिथि और संपर्क नंबर जैसे व्यक्तिगत विवरणों को अपडेट करना और भी सरल हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    डेटा सत्यापन: नए नियम के तहत, इस प्रक्रिया में अब डेटा को सीधे पैन (PAN), पासपोर्ट या राशन कार्ड जैसे लिंक्ड सरकारी रिकॉर्ड के माध्यम से सत्यापित किया जाता है। इससे दस्तावेज़ अपलोड करने की आवश्यकता कम हो गई है और प्रक्रिया तेज और सुरक्षित हो गई है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    केंद्र पर जाना: डेमोग्राफिक अपडेट ऑनलाइन किए जा सकते हैं, लेकिन फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या फोटोग्राफ जैसे बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अभी भी अधिकृत आधार सेवा केंद्र पर जाना अनिवार्य होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. नया 'ई-आधार' मोबाइल ऐप लॉन्च

\r\n\r\n
UIDAI ने एक नया और बेहतर मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया है। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपने आधार कार्ड को स्मार्टफोन में सुरक्षित रूप से रखने और कई सेवाओं को आसानी से प्रबंधित करने की अनुमति देता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    उन्नत सुरक्षा: ऐप में बायोमेट्रिक सिक्योरिटी लॉक, सिलेक्टिव डेटा शेयरिंग, ऑफलाइन क्यूआर कोड वेरिफिकेशन और मल्टी-प्रोफाइल मैनेजमेंट जैसी उन्नत सुविधाएँ शामिल हैं, जो आधार प्रबंधन को आसान और सुरक्षित बनाती हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

5. ऑनलाइन दस्तावेज़ अपडेट 2026 तक मुफ्त

\r\n\r\n
UIDAI आधार 2025 के तहत, 10 साल या उससे अधिक पुराने आधार कार्ड धारकों को अपने पहचान प्रमाण (Proof of Identity) और पते के प्रमाण (Proof of Address) के दस्तावेजों को ऑनलाइन मुफ्त में अपडेट करने की सुविधा जारी रखी गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    अंतिम तिथि: यह ऑनलाइन मुफ्त दस्तावेज़ अपडेट सेवा 14 जून 2026 तक उपलब्ध रहेगी। यह नागरिकों को अपने रिकॉर्ड को सटीक और वैध रखने के लिए पर्याप्त समय देता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नए शुल्क: 14 जून 2026 के बाद, ऑनलाइन दस्तावेज़ अपडेट के लिए ₹75 का शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा, नए शुल्क के तहत डेमोग्राफिक विवरण में बदलाव के लिए ₹75 और बायोमेट्रिक अपडेट के लिए ₹125 का शुल्क निर्धारित किया गया है। (External link: Financial Express Report on Aadhaar Fees URL)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
UIDAI आधार 2025 के तहत किए गए ये पांच बड़े बदलाव आधार को और अधिक सुरक्षित, सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाते हैं। बच्चों के लिए मुफ्त बायोमेट्रिक अपडेट और डीपफेक जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए SITAA पहल शुरू करके, UIDAI ने यह सुनिश्चित किया है कि आधार देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मजबूत और विश्वसनीय आधार बना रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें