नई दिल्ली: भारत के हर नागरिक की पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन चुके आधार कार्ड (Aadhaar Card) को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार और यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) जल्द ही आधार कार्ड नया नियम लागू करने जा रहे हैं, जिससे आपके आधार कार्ड का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा।READ ALSO:-घर पर ताला तो वोटर लिस्ट से नाम साफ? चुनाव आयोग का नया 'SIR' नियम जान लें, वरना पछताएंगे!
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आने वाले दिनों में आपको अपने आधार कार्ड पर अपना पता (Address) और जन्मतिथि (Date of Birth) लिखी हुई नहीं मिलेगी। जी हां, UIDAI अब कार्ड पर छपी जानकारियों को हटाकर उसे पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
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क्यों किया जा रहा है इतना बड़ा बदलाव?

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इस क्रांतिकारी बदलाव की सबसे बड़ी वजह आम जनता की 'निजता' (Privacy) की सुरक्षा है। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने हाल ही में एक कार्यक्रम में इस योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अक्सर लोग आधार कार्ड की फोटोकॉपी होटल, सिम कार्ड विक्रेताओं या किसी इवेंट आयोजक को बिना सोचे-समझे दे देते हैं। कार्ड पर पता, पिता का नाम और जन्मतिथि साफ छपी होती है, जिससे डेटा चोरी और उसके गलत इस्तेमाल का खतरा बना रहता है।
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आधार कार्ड नया नियम इसी खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए लाया जा रहा है। UIDAI का मानना है कि जब कार्ड पर जानकारी छपी ही नहीं होगी, तो लोग उसे 'दस्तावेज' मानकर बांटना बंद करेंगे और वेरिफिकेशन के लिए डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल बढ़ेगा। (External link: UIDAI Official Website URL)
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अब सिर्फ फोटो और QR कोड ही पहचान

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नए स्वरूप में आधार कार्ड पर केवल दो चीजें प्रमुखता से दिखेंगी:
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    आधार धारक की फोटो
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    एक सुरक्षित QR कोड
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UIDAI के सीईओ का कहना है, "अगर कार्ड पर टेक्स्ट के रूप में डिटेल छपती रहेगी, तो लोग उसे ही सच मानेंगे और उसका दुरुपयोग होता रहेगा। इसलिए भविष्य में सिर्फ फोटो और QR कोड ही होना चाहिए।" सारी जरूरी जानकारी (नाम, पता, उम्र) उस QR कोड के भीतर एनक्रिप्टेड (सुरक्षित) रहेगी, जिसे केवल authorized स्कैनर ही पढ़ सकेंगे।
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होटल और इवेंट्स में बदलेंगे नियम: फोटोकॉपी कल्चर होगा खत्म

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हम भारतीयों की आदत है कि आईडी मांगते ही आधार की फोटोकॉपी थमा देते हैं। लेकिन आधार कार्ड नया नियम लागू होने के बाद यह 'फोटोकॉपी कल्चर' इतिहास बन जाएगा। दिसंबर महीने में इस संबंध में एक नई अधिसूचना जारी की जा सकती है। इसका मकसद ऑफलाइन वेरिफिकेशन (Offline Verification) की पुरानी प्रथा पर लगाम लगाना है।
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अब होटल में चेक-इन करना हो या सिनेमा हॉल में एंट्री, आपकी पहचान फिजिकल कार्ड देखकर नहीं, बल्कि QR कोड स्कैन करके या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए होगी। इससे डुप्लीकेट आईडी का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा। 
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mAadhaar की जगह लेगा 'सुपर ऐप'

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सिर्फ फिजिकल कार्ड ही नहीं, बल्कि आपके मोबाइल में मौजूद आधार ऐप भी बदलने वाला है। UIDAI ने बताया है कि मौजूदा mAadhaar ऐप को जल्द ही रिप्लेस किया जाएगा। इसकी जगह एक 'सुपर ऐप' लॉन्च होगा, जो डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) के मानकों पर आधारित होगा।
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नए ऐप की खासियतें:

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    फेस ऑथेंटिकेशन: मोबाइल नंबर अपडेट करने या अन्य बदलावों के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। यह काम चेहरे की पहचान (Face Authentication) से घर बैठे हो सकेगा।
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    पूरा परिवार एक साथ: जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, परिवार के ऐसे सदस्यों को भी इस ऐप में जोड़ा जा सकेगा।
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    आसान एड्रेस अपडेट: पता बदलने की प्रक्रिया को और भी सरल बनाया जाएगा।
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चेहरा ही बनेगा आपकी असली पहचान

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अब सवाल यह है कि अगर कार्ड पर पता नहीं लिखा होगा, तो वेरिफिकेशन कैसे होगा? इसका जवाब है- टेक्नोलॉजी। आधार कार्ड नया नियम के तहत 'फेस वेरिफिकेशन' सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
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प्रक्रिया कुछ इस तरह होगी:

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    आधार होल्डर अपना QR कोड वेरीफाई करने वाले के स्कैनर (OVSE स्कैनर) के सामने दिखाएगा।
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    सिस्टम तुरंत फेस वेरीफिकेशन की मांग करेगा।
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    आपका चेहरा स्कैन होते ही यह साबित हो जाएगा कि आधार कार्ड धारक खुद वहां मौजूद है।
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यह तकनीक उम्र सत्यापन (Age Verification) को भी सटीक बनाएगी, जिससे कम उम्र के बच्चे वयस्कों वाली जगहों पर फर्जी आईडी का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
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UIDAI द्वारा प्रस्तावित आधार कार्ड नया नियम भारत में डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्ड से पता और जन्मतिथि हटाने का फैसला सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह डेटा सुरक्षा के लिए वक्त की मांग है। अगले 18 महीनों में नए ऐप और इस नई व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है, जो आधार के इस्तेमाल के तरीके को हमेशा के लिए बदल देगा।
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