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\r\n\r\n\r\n\r\nदिनांक 05/05/2026 को कमिश्नरेट गाजियाबाद पर
\r\n— Ghaziabad Fire & Emergency Services (@ghaziabadfire) May 5, 2026
\r\nनीतिखण्ड-2 इन्द्रापुरम फ्लैट में लगी आग पर फायर सर्विस यूनिट के द्वारा त्वरित कार्यवाही कर आग को 04 गाड़ियो से को शांत करने की कार्यवाही प्रचलित है और कुल 07 लोगों रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया pic.twitter.com/5XgZCdd6Zo
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1. आग लगने का मुख्य कारण: बेसमेंट में खाना और गैस लीकेज
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- \r\n चौकीदार की लापरवाही: घटना के समय इमारत के बेसमेंट में बने एक छोटे से कमरे में बिल्डिंग का चौकीदार अपने लिए खाना बना रहा था।\r\n \r\n
- \r\n गैस लीकेज (Gas Leakage): खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के पाइप या रेगुलेटर से अचानक गैस का रिसाव (Leakage) शुरू हो गया। जब तक चौकीदार कुछ समझ पाता, गैस ने आग पकड़ ली।\r\n \r\n
- \r\n जान बचाकर भागा चौकीदार: आग की लपटें तेजी से उठने लगीं। स्थिति को बेकाबू होता देख चौकीदार अपनी जान बचाने के लिए बेसमेंट से बाहर की ओर भाग खड़ा हुआ, लेकिन पीछे वह आग का एक बहुत बड़ा बवंडर छोड़ गया।\r\n \r\n
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2. दहशत का मंजर: जब एक के बाद एक फटे 3 सिलेंडर
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- \r\n बेसमेंट में रखे थे 5 सिलेंडर: पुलिस और दमकल विभाग की जांच में पता चला कि उस छोटे से बेसमेंट में कुल 5 एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर रखे हुए थे। आग ने जल्द ही इन सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया।\r\n \r\n
- \r\n जोरदार धमाका: अत्यधिक गर्मी और दबाव के कारण 5 में से 3 सिलेंडर (2 छोटे सिलेंडर और 1 बड़ा कमर्शियल/घरेलू सिलेंडर) जोरदार धमाके के साथ फट गए।\r\n \r\n
- \r\n अफरातफरी और चीख-पुकार: धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की इमारतों के लोग भी घरों से बाहर निकल आए। सिलेंडर फटने से आग ने बेहद विकराल रूप धारण कर लिया और काला, दमघोंटू धुआं सीढ़ियों के रास्ते इमारत की ऊपरी मंजिलों तक भर गया। ऊपरी मंजिलों पर रह रहे निवासियों में अफरातफरी मच गई; उनके लिए बाहर निकलने के सभी रास्ते धुएं और आग के कारण बंद हो चुके थे।\r\n \r\n

3. 'ऑपरेशन जिंदगी': दमकल विभाग का त्वरित एक्शन
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- \r\n दोपहर 1:30 बजे मिली सूचना: फायर कंट्रोल रूम को सोमवार दोपहर लगभग 1:30 बजे इस भयानक आग की सूचना मिली।\r\n \r\n
- \r\n फायर टेंडर्स की रवानगी: समय की नजाकत को समझते हुए तत्काल वैशाली फायर स्टेशन (Vaishali Fire Station) से दमकल की 4 भारी गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। बैकअप और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए साहिबाबाद फायर स्टेशन (Sahibabad Fire Station) से भी एक अतिरिक्त गाड़ी को मौके पर बुलाया गया।\r\n \r\n
- \r\n 40 मिनट की कड़ी मशक्कत: मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला। एक तरफ पानी की बौछार से आग की लपटों को शांत करने का काम शुरू हुआ, तो दूसरी तरफ ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को निकालने की रणनीति बनाई गई। करीब 40 मिनट की अथक मेहनत के बाद दमकल कर्मियों ने इस भयानक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।\r\n \r\n
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4. रेस्क्यू ऑपरेशन: जाल तोड़कर निकाली गईं 9 जानें
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- \r\n लोहे का जाल काटा गया: लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दमकल कर्मियों को बिल्डिंग में लगे सुरक्षा के लोहे के जाल (Grille) को भारी कटर और उपकरणों की मदद से काटना और तोड़ना पड़ा।\r\n \r\n
- \r\n इन्हें बचाया गया: सीढ़ी और रस्सियों की मदद से टीम ने एक-एक करके 9 लोगों को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाला। दमकल विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार, रेस्क्यू किए गए लोगों में शामिल हैं:\r\n\r\n
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- \r\n सनी (Sunny)\r\n \r\n
- \r\n कार्वीक (Carvik)\r\n \r\n
- \r\n गुन्नू (Gunnu)\r\n \r\n
- \r\n पूजा गुप्ता (Pooja Gupta)\r\n \r\n
- \r\n नेहा गुप्ता (Neha Gupta)\r\n \r\n
- \r\n सीमा (Seema)\r\n \r\n
- \r\n जेपी गुप्ता (JP Gupta)\r\n \r\n
- \r\n प्रभा गुप्ता (Prabha Gupta)\r\n \r\n
- \r\n शरद (Sharad)\r\n \r\n
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5. अधिकारियों का बयान और जांच
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सबक: बेसमेंट में आग के खतरे और हमारी जिम्मेदारी
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- \r\n बेसमेंट का सही उपयोग: बेसमेंट का इस्तेमाल कभी भी किचन या ज्वलनशील पदार्थों (जैसे गैस सिलेंडर, पेट्रोल, पेंट) के भंडारण के लिए नहीं किया जाना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n हवा की निकासी: बेसमेंट में वेंटिलेशन (हवा की निकासी) की उचित व्यवस्था होनी चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n फायर एक्सटिंग्विशर: इमारत के हर फ्लोर और विशेषकर बेसमेंट में चालू हालत में अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) जरूर होने चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n लीकेज पर तुरंत एक्शन: गैस की हल्की सी भी गंध आने पर तुरंत रेगुलेटर बंद करें, खिड़कियां खोल दें और किसी भी तरह का इलेक्ट्रिक स्विच चालू या बंद न करें।\r\n \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.