नई दिल्ली (ब्यूरो): नए साल 2026 के आगमन की आहट के साथ ही आम जनता, विशेषकर वाहन चालकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अगर आप भी अपनी गाड़ी के पुराने पेंडिंग ट्रैफिक चालान (Pending Traffic Challans) से परेशान हैं और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने से डरते हैं, तो यह खबर आपके लिए किसी 'न्यू ईयर गिफ्ट' से कम नहीं है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तहत आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत 2026 (National Lok Adalat 2026) का कैलेंडर जारी कर दिया गया है।READ ALSO:-प्रकृति प्रेमियों के लिए खुशखबरी: यूपी में तैयार हो रहा 'जंगल का जन्नत', नेपाल बॉर्डर पर ट्री-हाउस से दिखेगा बाघ और मगरमच्छों का रोमांच
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हजारों रुपये के चालान को बेहद कम पैसों में निपटाने या माफ कराने का यह सबसे सुनहरा मौका होता है। आज हम आपको विस्तार से बताएंगे कि साल 2026 में कुल कितनी लोक अदालतें लगेंगी, दिल्ली वालों के लिए क्या खास इंतजाम हैं और टोकन लेने की पूरी प्रक्रिया क्या है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

साल 2026 में 4 बार लगेगी लोक अदालत

\r\n\r\n
वाहन चालकों को लोक अदालत का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस बार साल 2026 में कुल चार बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। आप अपनी सुविधा के अनुसार इन तारीखों पर अपने पेंडिंग मामलों का निपटारा कर सकते हैं।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

नोट करें ये तारीखें (Lok Adalat 2026 Schedule):

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पहली लोक अदालत: 14 मार्च 2026
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    दूसरी लोक अदालत: 9 मई 2026
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    तीसरी लोक अदालत: 12 सितंबर 2026
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    चौथी लोक अदालत: 12 दिसंबर 2026
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

खबरों के लिए ज्वाइन करें हमारा Whatsapp Channel
\r\n\r\n

दिल्ली वालों के लिए खास खबर: 10 जनवरी को विशेष अदालत

\r\n\r\n
राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए एक अतिरिक्त और महत्वपूर्ण जानकारी है। दरअसल, साल 2025 के अंत में 13 दिसंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत किन्हीं कारणों से आयोजित नहीं की गई थी। इस कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली में साल की शुरुआत में ही एक विशेष लोक अदालत लगाई जा रही है। दिल्ली वाले 10 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत में अपने चालान का निपटारा करवा सकते हैं। इसलिए अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं, तो मार्च का इंतजार करने के बजाय जनवरी में ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लोक अदालत: क्या है और क्यों है फायदेमंद?

\r\n\r\n
सरकार द्वारा आयोजित की जाने वाली लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम करना और आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना है। ट्रैफिक चालान के संदर्भ में यह बेहद लोकप्रिय है क्योंकि:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सस्ता निपटारा: यहाँ पुराने पेंडिंग चालान बहुत ही कम राशि (Compounding Amount) पर सेटल हो जाते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    माफी की संभावना: कई मामलों में अगर चालान बहुत पुराना है या उल्लंघनकर्ता की आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो मजिस्ट्रेट चालान को पूरी तरह माफ भी कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
किन मामलों की होती है सुनवाई? यह समझना बेहद जरूरी है कि लोक अदालत में हर तरह के अपराध की सुनवाई नहीं होती। यहाँ केवल 'कंपाउंडेबल ऑफेंस' (समझौता योग्य अपराध) ही सुने जाते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शामिल मामले: हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप करना, जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ी खड़ी करना, बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) के गाड़ी चलाना आदि।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    शामिल नहीं: सड़क दुर्घटना (Accident), ड्रंकन ड्राइविंग (शराब पीकर गाड़ी चलाना) या कोई गंभीर आपराधिक मामला जिसमें जेल की सजा का प्रावधान हो।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लोक अदालत जाने की प्रक्रिया: टोकन और दस्तावेज

\r\n\r\n
लोक अदालत में भीड़ से बचने और व्यवस्थित सुनवाई के लिए 'ऑनलाइन टोकन' या 'अप्वाइंटमेंट' सिस्टम लागू किया गया है। बिना टोकन के आपको सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
1. ऑनलाइन टोकन (Appointment): लोक अदालत की तारीख से कुछ दिन पहले (आमतौर पर 3-4 दिन पहले) ट्रैफिक पुलिस या विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर बुकिंग लिंक खुलता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आपको अपनी गाड़ी का नंबर या चालान नंबर डालना होता है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इसके बाद आपके पेंडिंग चालान की लिस्ट खुल जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    यहाँ आपको 'कोर्ट का नाम' (Court Complex) और 'समय' (Time Slot) चुनने का विकल्प मिलता है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
2. जरूरी दस्तावेज (Documents Required): अप्वाइंटमेंट बुक करने के बाद आपको एक पर्ची (Slip) मिलती है, जिसका प्रिंट आउट निकालना अनिवार्य है। इस पर्ची में निम्नलिखित जानकारियां होती हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    कोर्ट का नाम और कमरा नंबर।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आपका निर्धारित समय।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चालान की डिटेल्स (किस मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कटा है)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    चालान कटने का स्थान और समय।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
3. कोर्ट में उपस्थिति: जिस व्यक्ति के नाम पर टोकन जारी हुआ है, उसे ही निर्धारित समय पर कोर्ट में उपस्थित होना होता है। अपने साथ टोकन का प्रिंट आउट, गाड़ी के ओरिजिनल कागज और अपना पहचान पत्र (ID Proof) जरूर ले जाएं। मजिस्ट्रेट के सामने अपनी बात रखें, जिसके बाद वे चालान की राशि कम करने या माफ करने का आदेश देंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
महंगाई के इस दौर में अगर हजारों रुपये के चालान से राहत मिल रही है, तो लोक अदालत से बेहतर कोई विकल्प नहीं है। अगर आपकी गाड़ी पर भी कोई पुराना चालान पेंडिंग है, तो 2026 की इन तारीखों (खासकर दिल्ली वाले 10 जनवरी) को अपने कैलेंडर में मार्क कर लें। सतर्क रहें, नियमों का पालन करें और इस सरकारी सुविधा का लाभ उठाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें