New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण (Air Pollution) की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार अब 'फुल एक्शन मोड' में आ गई है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को एक 'इमरजेंसी मिशन' घोषित करते हुए लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और विभागों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।READ ALSO:-संचार साथी एप अब फोन में जरूरी नहीं: सरकार ने वापस लिया फैसला; सिंधिया बोले- इससे जासूसी संभव नहीं, विपक्ष ने बताया था निजता पर हमला
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बुधवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने साफ कर दिया कि Delhi Pollution Control (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण) में किसी भी तरह की कोताही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि अगर कोई सरकारी विभाग नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि एफआईआर (FIR) भी दर्ज होगी।
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72 घंटे का अल्टीमेटम: तुरंत भरें सड़कों के गड्ढे

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मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और एमसीडी (MCD) को सख्त निर्देश दिए हैं कि अगले 72 घंटों के भीतर दिल्ली की सड़कों के सभी गड्ढों (Potholes) की पहचान कर उन्हें भरा जाए। सरकार का मानना है कि सड़कों की धूल प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।
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    PWD: अपने अधीन आने वाली 1400 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त करेगा।
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    MCD: अपनी 8000 किलोमीटर सड़कों को डस्ट-फ्री और पॉट-होल फ्री बनाएगा।
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    डेडलाइन: अधिकारियों को ऐप के माध्यम से काम से पहले और बाद की (Before and After) तस्वीरें अपलोड करनी होंगी।
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"सरकारी हो या प्राइवेट, लापरवाही पर होगी FIR"

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समीक्षा बैठक के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में फेल साबित हो रहे हैं। उन्होंने दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी (DPCC) को आदेश दिया कि:
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    बिना इजाजत रोड कटिंग करने वाले और काम के बाद सड़क को खुला छोड़ने वाले विभागों पर तुरंत FIR दर्ज हो।
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    प्रदूषण फैलाने और सफाई में लापरवाही बरतने वाले सरकारी संस्थानों का चालान काटा जाए।
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    इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर विभागाध्यक्ष (HOD) को जिम्मेदार माना जाएगा।
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मेट्रो को निर्देश और ग्रीन वॉर रूम

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बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को भी दो टूक कहा गया कि एलिवेटिड लाइनों के नीचे की टूटी सड़कों को तुरंत ठीक किया जाए। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (Manjinder Singh Sirsa) ने बताया कि Delhi Pollution Control के लिए '311 ग्रीन ऐप' को नोडल प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है। इसके जरिए ग्रीन वॉर रूम से डस्ट हॉटस्पॉट्स की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।
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सिरसा ने कहा, "धूल को रोकने के लिए मिस्ट स्प्रे सिस्टम (Mist Spray System) के अच्छे नतीजे मिले हैं। अब इसे पूरी दिल्ली में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, अगले 45 दिनों में 1000 वैक्यूम बेस्ड लिटर पिकर्स और 100 मैकेनिकल रोड स्वीपर्स सड़कों पर उतारे जाएंगे।"
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IIT एक्सपर्ट्स की कमेटी करेगी निगरानी

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सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई को वैज्ञानिक आधार देने के लिए एक उच्चस्तरीय एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है। इसमें सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आईआईटी (IIT) और पर्यावरण विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस कमेटी को विशेष अधिकार दिए गए हैं ताकि वे कड़े फैसले ले सकें।
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ई-ऑटो और बीएस-IV वाहनों पर सख्ती

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प्रदूषण कम करने के लिए 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' पर भी जोर दिया जा रहा है। सीएम की पहल पर ई-ऑटो (E-Autos) को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि लोग निजी वाहनों की जगह मेट्रो का इस्तेमाल ज्यादा करें। साथ ही, बीएस-IV (BS-IV) से नीचे के पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सीएम रेखा गुप्ता के 'FIR और जुर्माने' वाले आदेश से प्रशासनिक अमले में हड़कंप है। 72 घंटे का अल्टीमेटम और एक्सपर्ट कमेटी का गठन यह दर्शाता है कि सरकार Delhi Pollution Control को लेकर अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती।
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