नई दिल्ली (एनवायरनमेंट डेस्क): देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) की हवा इन दिनों 'जहरीली' नहीं, बल्कि जानलेवा हो चुकी है। हालात इतने गंभीर हैं कि सुबह की शुरुआत सूरज की किरणों से नहीं, बल्कि एक्यूआई (AQI) के खतरनाक आंकड़ों के साथ हो रही है। हवा में ऑक्सीजन कम और जहर ज्यादा घुल चुका है, जिससे लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ बढ़ गई है। इस 'सीरियस' स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदूषण के खिलाफ जंग में आज से दिल्ली में बहुत कुछ बदल गया है।READ ALSO:-मेरठ में वोटर लिस्ट पर बड़ी कार्रवाई: 6.48 लाख 'संदिग्ध' नामों की क्रास चेकिंग शुरू, गड़बड़ी मिलने पर अधिकारियों पर गिरेगी गाज
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प्रशासन ने ग्रेप-4 (GRAP-4) की पाबंदियों के बीच कई ऐसे कड़े फैसले लागू किए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की दिनचर्या, ऑफिस जाने वाले लोगों और वाहन चालकों पर पड़ेगा।
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आज से बदल गए ये बड़े नियम: घर से निकलें तो ध्यान दें
\r\n\r\n1. 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) अनिवार्य प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों की संख्या घटाना सबसे जरूरी है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आज से दिल्ली में आवश्यक सेवाओं (Essential Services) को छोड़कर बाकी सभी सरकारी और निजी संस्थानों के लिए 50% वर्क फोर्स के साथ ऑफिस से काम करना और बाकी 50% कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाएगा, उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम करना है।
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2. बिना PUC सर्टिफिकेट के नहीं मिलेगा फ्यूल अगर आप दिल्ली में गाड़ी चला रहे हैं और आपके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC Certificate) नहीं है, तो आपकी गाड़ी का टैंक खाली रह सकता है। सरकार ने पेट्रोल पंप मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वैध पीयूसी के बिना किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी न दी जाए।
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- \r\n जांच कैसे होगी? सरकार ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर निगरानी रखने के लिए विशेष 'इंफोर्समेंट टीमें' तैनात की गई हैं। ये टीमें सुनिश्चित करेंगी कि बिना सर्टिफिकेट के किसी को ईंधन न मिले और पेट्रोल पंप पर विवाद की स्थिति न बने।\r\n \r\n
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3. वाहनों की एंट्री पर सख्त प्रतिबंध (BS-VI Rule) दिल्ली की सीमाओं पर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। दूसरे राज्यों से आने वाले ऐसे वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा जो बीएस-6 (BS-VI) मानक से कम के हैं।
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- \r\n केवल BS-VI मानक वाली डीजल/पेट्रोल गाड़ियों को ही एंट्री मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n हालांकि, दिल्ली में पहले से रजिस्टर्ड बीएस-6 से कम मानक वाली गाड़ियों पर फिलहाल यह एंट्री बैन लागू नहीं है, लेकिन बॉर्डर क्रॉसिंग पर सख्ती रहेगी।\r\n \r\n
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4. कंस्ट्रक्शन सामग्री वाले ट्रकों पर बैन धूल (Dust Pollution) को कम करने के लिए रेता, बजरी और बदरपुर ढोने वाले ट्रकों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे वाहन अगर सड़कों पर दौड़ते पाए गए, तो उन्हें तुरंत जब्त (Seize) कर लिया जाएगा।
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बॉर्डर पर 'किला बंदी' और निगरानी इन नियमों का पालन कराने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर कड़ा पहरा है। कोंडली, टिकरी, कालिंदी कुंज, कापसहेड़ा, रजोकरी और आया नगर जैसे प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की टीमें तैनात हैं। परिवहन विभाग ने कुल 7880 प्रवर्तन दल (Enforcement Teams) गठित किए हैं जो बॉर्डर और बड़े टोल प्लाजा पर 24 घंटे निगरानी रखेंगे।
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मजदूरों के लिए मरहम: मिलेंगे 10,000 रुपये प्रदूषण की मार सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ती है। निर्माण कार्य बंद होने से हजारों मजदूरों की रोजी-रोटी छिन गई है। श्रम विभाग ने फैसला लिया है कि ग्रेप-3 के दौरान 16 दिन काम बंद रहा और अब ग्रेप-4 लागू है। ऐसे में दिल्ली में रजिस्टर्ड निर्माण मजदूरों के बैंक खातों में सरकार सीधे 10,000 रुपये की सहायता राशि भेजेगी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रतिबंध हटने के बाद भी स्थिति के अनुसार मदद जारी रहेगी।
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सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी: 'सब कुछ फेल हो गया' प्रदूषण के मुद्दे पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को जमकर फटकार लगाई।
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- \r\n नाकामी पर सवाल: कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा, "अब तक प्रदूषण रोकने के लिए उठाए गए सभी कदम नाकाम साबित हुए हैं। सिर्फ नियम बनाने से काम नहीं चलेगा, उन्हें असरदार तरीके से लागू करना होगा।"\r\n \r\n
- \r\n टोल प्लाजा पर सुझाव: कोर्ट ने सुझाव दिया कि दिल्ली बॉर्डर पर बने 9 टोल प्लाजा या तो बंद किए जाएं या उन्हें कहीं और शिफ्ट किया जाए, क्योंकि वहां लगने वाला जाम प्रदूषण का बड़ा कारण है।\r\n \r\n
- \r\n लॉन्ग टर्म प्लान: कोर्ट ने कहा कि शॉर्ट टर्म उपाय सिर्फ बच्चों और बुजुर्गों को कुछ समय की राहत दे सकते हैं। हमें अगले साल के लिए अभी से तय करना होगा कि 1 अक्टूबर से 31 जनवरी तक कोई टोल टैक्स न लिया जाए ताकि गाड़ियां जल्दी पास हों।\r\n \r\n
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आंकड़े जो डराते हैं: पिछले 5 दिन का हाल सुप्रीम कोर्ट की चिंता जायज है क्योंकि एक्यूआई के आंकड़े भयावह हैं:
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- \r\n 12 दिसंबर: 305 (खराब)\r\n \r\n
- \r\n 13 दिसंबर: 350 (खराब)\r\n \r\n
- \r\n 14 दिसंबर: 461 (बहुत खराब)\r\n \r\n
- \r\n 15 दिसंबर: 500 (खतरनाक/Severe)\r\n \r\n
- \r\n 16 दिसंबर: 378 (खराब)\r\n \r\n
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सरकार की अपील: कारपूलिंग अपनाएं दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का मोह छोड़ें और 'कारपूलिंग' (Carpooling) को अपनाएं। सरकार इसके लिए एक विशेष ऐप पर भी काम कर रही है। साथ ही, पेड़ों पर जमी धूल को हटाने के लिए पानी का छिड़काव बढ़ाया जा रहा है क्योंकि धूल के कारण पेड़ों से ऑक्सीजन का उत्सर्जन 5% तक घट जाता है।
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दिल्ली में लागू हुए ये नियम बताते हैं कि स्थिति 'हेल्थ इमरजेंसी' जैसी है। प्रशासन अपनी तरफ से सख्ती कर रहा है, लेकिन जब तक मौसम साथ नहीं देता और लॉन्ग टर्म पॉलिसी नहीं बनती, दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से पूरी तरह राहत मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
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ब्यूरो रिपोर्ट, दिल्ली (प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें और अनावश्यक घर से बाहर निकलने से बचें)
Sabse pehle comment karne wale banein.