पिछले 24 घंटों में दिल्ली की सड़कों पर जो हुआ, उसने नियम तोड़ने वालों के पसीने छुड़ा दिए हैं। एनफोर्समेंट एजेंसियों ने पूरी दिल्ली में एक साथ 'सघन चेकिंग अभियान' (Intensive Checking Drive) चलाया, जिसमें हजारों गाड़ियों की जांच की गई और बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई। सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि फर्जीवाड़ा करने वाले प्रदूषण जांच केंद्रों (PUC Centers) पर भी गाज गिरी है।READ ALSO:-UP Gas Chamber Alert: कड़ाके की ठंड में 'जहरीली' हुई सांसें; नोएडा-गाजियाबाद में AQI 400 पार, डॉक्टर बोले- सिर्फ खांसी नहीं, अब ब्रेन स्ट्रोक और स्किन कैंसर का भी खतरा
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परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की हवा को साफ रखना उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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24 घंटे का 'मेगा एक्शन': आंकड़ों की जुबानी

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दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर जो कार्रवाई की है, उसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यह कार्रवाई बताती है कि दिल्ली की सड़कों पर अभी भी बड़ी संख्या में प्रदूषण फैलाने वाले वाहन दौड़ रहे हैं।
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चेकिंग और चालान का रिपोर्ट कार्ड:

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    कुल गाड़ियों की जांच: महज 24 घंटे के भीतर एनफोर्समेंट टीमों ने 4,927 वाहनों की सख्ती से जांच की।
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    PUCC चालान (ट्रैफिक पुलिस): दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने प्रदूषण नियंत्रण सर्टिफिकेट (PUCC) न होने पर 2,390 चालान काटे।
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    PUCC चालान (ट्रांसपोर्ट विभाग): ट्रांसपोर्ट एनफोर्समेंट विंग ने PUCC उल्लंघन के लिए 285 चालान जारी किए।
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    ANPR कैमरों का कमाल: ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों ने भी 1,114 उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा और चालान घर भेजा।
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    GRAP उल्लंघन: ग्रैप (GRAP - Graded Response Action Plan) नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 11 वाहनों पर ट्रांसपोर्ट विभाग ने और 170 वाहनों पर ट्रैफिक पुलिस ने जुर्माना लगाया।
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इसके अलावा, जांच के दौरान 238 वाहनों को सख्त हिदायत और अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ वापस भेजा गया।
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बसों पर बड़ी कार्रवाई: 100 बसें जब्त

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प्रदूषण में भारी वाहनों, खासकर बसों की भूमिका को देखते हुए विभाग ने विशेष अभियान चलाया है।
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    एक दिन का हाल: सिर्फ एक दिन में इंटरस्टेट (अंतरराज्यीय) और सामान ले जा रही 28 बसों को जब्त (Impound) किया गया है।
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    दिसंबर का आंकड़ा: 1 दिसंबर से लेकर अब तक प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने पर लगभग 100 बसों को जब्त कर कार्रवाई की गई है। ये बसें न सिर्फ नियमों को तोड़ रही थीं, बल्कि दिल्ली की हवा में जहर भी घोल रही थीं।
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फर्जी PUC सेंटर्स का भंडाफोड़: 28 सस्पेंड, 2 कैंसिल

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सिर्फ वाहन मालिकों पर ही नहीं, बल्कि उन प्रदूषण जांच केंद्रों (PUC Centers) पर भी शिकंजा कसा गया है जो चंद पैसों के लिए फर्जी सर्टिफिकेट बांट रहे थे या मशीनों में छेड़छाड़ कर रहे थे।
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    सस्पेंशन: अनियमितता बरतने वाले 28 PUC सेंटर्स को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
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    लाइसेंस रद्द: गंभीर गड़बड़ी पाए जाने पर 2 सेंटर्स का लाइसेंस हमेशा के लिए कैंसिल (Cancel) कर दिया गया है।
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    FIR दर्ज: गोकुलपुरी (Gokalpuri) थाने में एक PUC सेंटर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है। उस पर आरोप है कि वह पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने में बड़ी धांधली कर रहा था।
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    निगरानी: दो अन्य सेंटर्स के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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मंत्री का निर्देश: 'अधिकारी खुद फील्ड में उतरें'

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दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इस अभियान की कमान खुद संभाल ली है। उन्होंने एसी कमरों में बैठे अधिकारियों को सड़कों पर उतरने का निर्देश दिया है।
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मंत्री के 3 बड़े निर्देश:

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    निजी दौरा: ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के वरिष्ठ अधिकारी पूरी दिल्ली के PUC सेंटर्स का व्यक्तिगत रूप से (Personally) दौरा करें और वहां की कार्यप्रणाली देखें।
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    जनता को न हो परेशानी: अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि ईमानदार वाहन मालिकों को PUC सर्टिफिकेट बनवाने में लंबी लाइनों या किसी अन्य परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
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    त्वरित रिपोर्टिंग: अगर कहीं कोई कमी या गड़बड़ी मिलती है, तो उसकी सूचना तुरंत मंत्री कार्यालय को दी जाए ताकि 'ऑन द स्पॉट' एक्शन लिया जा सके।
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डॉ. पंकज कुमार सिंह का बयान:

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"प्रदूषण के खिलाफ हमारी लड़ाई में प्रवर्तन (Enforcement) की सख्ती जरूरी है, लेकिन नागरिकों की सुविधा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि दिल्ली को साफ हवा मिले और लोगों को सरकारी सेवाएं बिना किसी रिश्वत या परेशानी के मिलें। यह हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
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पड़ोसी राज्यों से अपील: 'फर्जीवाड़ा रोकें'

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दिल्ली सरकार ने पाया है कि दूसरे राज्यों (विशेषकर यूपी और हरियाणा) से आने वाली गाड़ियों के पास अक्सर फर्जी पीयूसीसी (Fake PUCC) होते हैं।
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    अपील: दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के परिवहन विभागों से अपील की है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में ऐसे फर्जी सेंटर्स और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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    साझा अभियान: दिल्ली परिवहन विभाग ने दोहराया है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर GRAP नियमों के तहत यह संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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दिल्ली सरकार का यह आक्रामक रुख बताता है कि प्रदूषण अब सिर्फ एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक चुनौती बन गया है। 4900 गाड़ियों की जांच और 100 बसों की जब्ती यह संकेत देती है कि नियम तोड़ने वालों के लिए अब दिल्ली की सड़कों पर कोई जगह नहीं है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पड़ोसी राज्य इस मुहिम में दिल्ली का कितना साथ देते हैं, क्योंकि हवा सरहदों को नहीं मानती।
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