नई दिल्ली/नोएडा (Delhi NCR Pollution News): देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर (NCR) के इलाकों में रहने वाले करोड़ों लोगों की सांसों पर एक बार फिर संकट गहरा गया है। रविवार को दिल्ली में प्रदूषण के स्तर ने इस सीजन के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिससे शहर एक वास्तविक 'गैस चैंबर' (Gas Chamber) में तब्दील हो गया है।READ ALSO:-दिल्ली के रामलीला मैदान से कांग्रेस का शंखनाद: 'वोट चोर गद्दी छोड़' रैली में राहुल गांधी ने भरी हुंकार, बोले- 'चुनाव आयोग अब बीजेपी का सहयोगी'
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बढ़ती ठंड और धीमी हवा की गति ने प्रदूषकों को वायुमंडल में जकड़ लिया है, जिससे दिल्ली का AQI (Air Quality Index) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। हालात इतने बदतर हैं कि रविवार को दिल्ली देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जबकि एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे ज्यादा जहरीली दर्ज की गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

वजीरपुर में मीटर 500 के पार, सांस लेना हुआ दूभर

\r\n\r\n
रविवार को दिल्ली वालों की सुबह घनी धुंध और स्मॉग (Smog) की चादर के साथ हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 461 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' (Severe) श्रेणी में आता है। यह शनिवार की तुलना में 30 अंकों की भारी उछाल है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
शहर के कई हॉटस्पॉट्स पर स्थिति भयावह रही। वजीरपुर जैसे इलाके में एक्यूआई का मीटर 500 के अधिकतम स्तर को छू गया। इसके अलावा रोहिणी, बवाना और आनंद विहार में भी हवा सांस लेने लायक नहीं बची है। दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। सफदरजंग एयरपोर्ट पर सुबह दृश्यता 200 मीटर और पालम एयरपोर्ट पर 350 मीटर दर्ज की गई।
\r\n\r\n

 

खबरों के लिए ज्वाइन करें हमारा Whatsapp Channel
\r\n\r\n

नोएडा की हवा सबसे ज्यादा जहरीली

\r\n\r\n
अगर दिल्ली की हालत खराब है, तो एनसीआर के शहरों की स्थिति और भी डरावनी है। आंकड़ों के अनुसार, नोएडा (Noida Pollution) पूरे एनसीआर में सबसे प्रदूषित शहर बनकर उभरा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    नोएडा AQI: 466 (गंभीर श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दिल्ली AQI: 461 (गंभीर श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गाजियाबाद AQI: 459 (गंभीर श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ग्रेटर नोएडा AQI: 435 (गंभीर श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गुरुग्राम AQI: 291 (खराब श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फरीदाबाद AQI: 218 (खराब श्रेणी)
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फरीदाबाद को छोड़कर बाकी सभी प्रमुख एनसीआर शहरों में हवा 'गंभीर' श्रेणी में बनी हुई है। लोग जहरीली हवा से बचने के लिए N95 मास्क का सहारा ले रहे हैं। अस्पतालों में आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली AQI के अचानक बढ़ने के पीछे मुख्य कारण मौसम का बदलता मिजाज है। स्काईमेट (Skymet) के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण हवा की गति बेहद कम हो गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    धीमी हवा: रविवार को हवा पश्चिमी दिशा से महज 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। इतनी कम गति प्रदूषकों को उड़ा ले जाने के लिए काफी नहीं है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    तापमान में गिरावट: ठंड बढ़ने से वातावरण में नमी बढ़ी है। ठंडी हवा भारी होती है, जिससे वाहनों का धुआं और धूल कण (PM 2.5 और PM 10) ऊपर उठने के बजाय जमीन की सतह के पास ही फंस गए हैं। इसे 'तापमान व्युत्क्रमण' (Temperature Inversion) भी कहा जाता है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    मिक्सिंग हाइट: रविवार को अनुमानित मिक्सिंग गहराई (Mixing Depth) केवल 800 मीटर रही, जिससे प्रदूषकों को फैलने की जगह नहीं मिली।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अगले दो दिन बेहद भारी, नहीं मिलेगी राहत

\r\n\r\n
मौसम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का पूर्वानुमान डराने वाला है। सीपीसीबी के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार को भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में बनी रहने की आशंका है। हवा में PM10 की मात्रा 448.2 और PM2.5 की मात्रा 294.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई है, जो मानक से कई गुना ज्यादा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों तक हवा की गति में कोई खास सुधार होने की उम्मीद नहीं है, जिसका मतलब है कि दिल्लीवासियों को फिलहाल इस जहरीली हवा से राहत नहीं मिलने वाली।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्वास्थ्य चेतावनी (Health Advisory)

\r\n\r\n
प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एडवाइजरी जारी की है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा के मरीजों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सुबह और शाम की सैर (Morning Walk) फिलहाल बंद कर दें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क जरूर पहनें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और खिड़कियां बंद रखें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दिल्ली में प्रदूषण अब एक वार्षिक आपदा बन चुका है, लेकिन इस साल दिसंबर के मध्य में स्थिति अप्रत्याशित रूप से गंभीर हो गई है। 'गैस चैंबर' बनी दिल्ली और नोएडा की जहरीली हवा प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। आने वाले दो दिन स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं, इसलिए नागरिकों को खुद अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
नोट: यह रिपोर्ट केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों और मौसम विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें