नई दिल्ली/गाजियाबाद/नोएडा: देश की राजधानी दिल्ली और पूरा एनसीआर (NCR) इस समय कुदरत के 'शीत प्रहार' से जूझ रहा है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिख रहा है। हालत यह है कि दिल्ली की रातें अब 'सजा' बन गई हैं और सुबह की शुरुआत 'बर्फीली हवाओं' के साथ हो रही है। सोमवार को दिल्ली का न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसने पिछले दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं, एनसीआर के रेवाड़ी में तो ठंड ने ऐसा कहर बरपाया कि पारा माइनस 0.6 डिग्री (शून्य से नीचे) दर्ज किया गया।READ ALSO:-मुरादाबाद EXCLUSIVE: रशियन बार-बालाएं, शराब का समंदर और 'मंत्रमुग्ध' माननीय... वायरल वीडियो ने उधेड़ दी शहर के 'सफेदपोशों' की बखिया
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम विभाग (IMD) ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। लोग अलाव और हीटर के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं कि दिल्ली में सर्दी का यह सितम कब तक जारी रहेगा और मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी क्या है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3 डिग्री का टॉर्चर: कांप उठी दिल्ली, आयानगर रहा सबसे ठंडा

\r\n\r\n
सोमवार की सुबह दिल्लीवालों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं थी। जब लोग सोकर उठे, तो बाहर का मंजर किसी हिल स्टेशन जैसा था।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सफदरजंग: दिल्ली के मानक मौसम केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है और सामान्य से लगभग 4 डिग्री कम है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आयानगर: दिल्ली का आयानगर इलाका सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 2.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रिग और पालम: पालम और रिज क्षेत्र में भी तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया, जिससे भीषण शीतलहर की स्थिति बनी रही।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है, तो उसे भीषण शीतलहर (Severe Cold Wave) की श्रेणी में रखा जाता है। दिल्ली में यह लगातार दूसरा दिन है जब 'कोल्ड वेव' दर्ज की गई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

NCR का हाल: रेवाड़ी में जम गया पानी, पारा माइनस में

\r\n\r\n
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि आसपास के एनसीआर के इलाकों में भी ठंड ने विकराल रूप धारण कर लिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    हरियाणा से सटे रेवाड़ी में ठंड का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिला। यहां न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री (-0.6°C) दर्ज किया गया। खेतों में ओस की बूंदें बर्फ बन गईं और गाड़ियों की विंडशील्ड पर पाले की सफेद चादर बिछी नजर आई।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री के बीच बना हुआ है। गलन इतनी ज्यादा है कि दिन में धूप निकलने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

हवा में नमी 100%, गलन ने बढ़ाई मुश्किलें

\r\n\r\n
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को हवा में नमी का स्तर 100 प्रतिशत से 53 प्रतिशत के बीच रिकॉर्ड किया गया। हवा में ज्यादा नमी और कम तापमान का यह कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक होता है। इसी वजह से 'विजिबिलिटी' (दृश्यता) कम हो रही है और कोहरा घना होता जा रहा है। सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं, वहीं ट्रेनों और उड़ानों पर भी इसका असर पड़ना शुरू हो गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पहाड़ों की बर्फबारी ने बढ़ाई मैदानी इलाकों की मुसीबत

\r\n\r\n
दिल्ली में इस 'हड्डी तोड़' ठंड की मुख्य वजह उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    उत्तराखंड और हिमाचल: इन राज्यों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ, बद्रीनाथ, औली, मनाली और शिमला सफेद चादर में लिपटे हुए हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    बर्फीली हवाएं: वहां से होकर आने वाली उत्तर-पश्चिमी (North-Westerly) हवाएं सीधी दिल्ली और एनसीआर की तरफ आ रही हैं। ये हवाएं अपने साथ पहाड़ों की ठंडक लेकर आ रही हैं, जिससे मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिर रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इतिहास के पन्नों में दिल्ली की सर्दी: जब जम गई थी राजधानी

\r\n\r\n
दिल्ली की सर्दी का इतिहास भी काफी रोचक और डरावना रहा है। सोमवार को सफदरजंग में दर्ज 3 डिग्री तापमान ने पिछले दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है, लेकिन इतिहास में इससे भी भयंकर ठंड पड़ चुकी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पालम का रिकॉर्ड (1967 में माइनस 2.2 डिग्री)

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    बीते रविवार को पालम में 3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ, जो पिछले 13 सालों में सबसे कम था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इससे पहले 7 जनवरी 2013 को पालम में 2.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अगर इतिहास के पन्नों को पलटें, तो 11 जनवरी 1967 को पालम में तापमान माइनस 2.2 डिग्री (-2.2°C) तक गिर गया था, जो अब तक का सर्वकालिक रिकॉर्ड है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सफदरजंग का रिकॉर्ड (1935 में माइनस 0.6 डिग्री)

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सफदरजंग केंद्र पर 16 जनवरी 1935 को न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री दर्ज किया गया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मौसम विभाग का कहना है कि अगर हवाओं की दिशा नहीं बदली, तो आने वाले दिनों में हम फिर से ऐसे रिकॉर्ड के करीब पहुंच सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कब मिलेगी राहत? मौसम विभाग की बड़ी भविष्यवाणी

\r\n\r\n
ठंड से ठिठुर रहे लोगों के मन में बस एक ही सवाल है- "आखिर यह ठंड कब जाएगी?" मौसम विभाग (IMD) ने इसको लेकर एक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
अगले 2-3 दिन: अगले दो से तीन दिनों तक (मंगलवार और बुधवार) दिल्लीवासियों को राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी तापमान 3 से 4 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा। शीतलहर जारी रहेगी और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। मंगलवार को सफदरजंग में तापमान 3 डिग्री या उससे भी नीचे जा सकता है, जिससे शीतलहर की 'हैट्रिक' पूरी हो जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
16-17 जनवरी से मिलेगी राहत: मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 16 और 17 जनवरी के आसपास मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है। इसके असर से हवाओं की दिशा बदलेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    हवा की दिशा: अभी चल रही बर्फीली उत्तर-पश्चिमी हवाओं की जगह दक्षिण-पूर्वी हवाएं ले सकती हैं। ये हवाएं अपेक्षाकृत गर्म होती हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इससे न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी और शीतलहर का प्रकोप कम होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ठंड खत्म हो जाएगी, लेकिन 'प्रचंड ठंड' से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

डॉक्टर्स की चेतावनी: 'हार्ट और बीपी' के मरीज रहें सावधान

\r\n\r\n
भीषण ठंड को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टर्स ने हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। 3 डिग्री तापमान शरीर के लिए, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए घातक हो सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा: कड़ाके की ठंड में नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। इससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एम्स (AIIMS) और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर्स ने बुजुर्गों को सुबह की सैर (Morning Walk) से बचने की सलाह दी है।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    हाइपोथर्मिया: अगर शरीर का तापमान सामान्य से बहुत कम हो जाए तो हाइपोथर्मिया हो सकता है। इसमें कंपकंपी, सांस लेने में दिक्कत और बेहोशी आ सकती है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    खान-पान: शरीर को गर्म रखने के लिए गुड़, तिल, मूंगफली, ड्राई फ्रूट्स और गर्म सूप का सेवन करें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

जनजीवन अस्त-व्यस्त: रैन बसेरों में भीड़, सड़कों पर सन्नाटा

\r\n\r\n
शीतलहर का सबसे बुरा असर बेघर और गरीब लोगों पर पड़ रहा है। दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए रैन बसेरों (Shelter Homes) में भीड़ बढ़ गई है। सड़कों के किनारे सोने वाले लोग अलाव के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों को कंबल बांटने और अलाव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है, और कई प्राइवेट स्कूलों ने छोटे बच्चों के लिए विंटर ब्रेक को आगे बढ़ा दिया है। बाजारों में भी शाम होते ही सन्नाटा पसरने लगा है। लोग जल्दी घर लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अभी और सताएगी सर्दी

\r\n\r\n
कुल मिलाकर, दिल्ली और एनसीआर वालों को अभी कुछ दिन और 'दांत किटकिटाने' वाली सर्दी का सामना करना पड़ेगा। यह मौसम का वह दौर है जब आपको अपनी सेहत का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत है। गर्म कपड़े पहनें, जरूरत हो तभी बाहर निकलें और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर बनाए रखें।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
ख़बरीलाल की टीम मौसम के हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई नया अलर्ट आएगा, हम आप तक पहुंचाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें