जुलाई 2026 का महीना इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदारों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। केंद्र सरकार के नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (ई-स्कूटर/ई-बाइक) पर मिलने वाली 5 हजार रुपए की केंद्र सरकार की सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। इस फैसले के बाद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना थोड़ा महंगा हो सकता है। हालांकि, उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि राज्य सरकार की अपनी यूपी ईवी सब्सिडी योजना बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। यूपी में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और कॉमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों पर राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली छूट और सुविधाएं आगे भी मिलती रहेंगी।READ ALSO:-FSSAI नए नियम: फूड बिजनेस वालों की खुली किस्मत, अब दुकानदारों को नहीं रखना होगा डेली स्टॉक का रिकॉर्ड और खत्म हुआ लाइसेंस रिन्यूअल का झंझट
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सब्सिडी का गणित: यूपी में अब भी है बड़ा फायदा

\r\n\r\n
भले ही केंद्र सरकार की सब्सिडी 31 जुलाई के बाद बंद हो रही है, लेकिन यूपी सरकार की नीतियां राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उत्तर प्रदेश में एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर मिलने वाले फायदों का गणित कुछ इस प्रकार है:
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    यूपी सरकार सब्सिडी: ₹5,000
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रोड टैक्स में छूट: करीब ₹7,000
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रजिस्ट्रेशन फीस में छूट: करीब ₹300
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्मार्ट कार्ड RC फीस छूट: ₹200
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    HSRP नंबर प्लेट फीस छूट: ₹400 से ₹600
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस प्रकार, एक खरीदार को कुल मिलाकर लगभग ₹17,900 से ₹18,100 तक की बचत हो सकती है। 31 जुलाई के बाद केंद्र की सब्सिडी हटने से कुल बचत में ₹5,000 की कमी जरूर आएगी, लेकिन राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली करीब ₹13,000 की बचत का लाभ तब भी बना रहेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यूपी ईवी सब्सिडी के लिए जरूरी शर्तें

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ नियम और शर्तें तय की गई हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    पंजीकरण की तारीख: लाभ उसी गाड़ी को मिलेगा जो 14 अक्टूबर, 2022 के बाद खरीदी गई हो और उत्तर प्रदेश में ही पंजीकृत (Registered) हो।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    बैटरी की शर्त: यदि कोई गाड़ी बिना बैटरी के खरीदी जाती है (जैसे स्वैपेबल बैटरी मॉडल), तो उस स्थिति में केवल 50% सब्सिडी ही देय होगी।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    लिमिट: पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि एक व्यक्ति अपनी आईडी पर केवल एक ही EV (चाहे वह 2-व्हीलर, 3-व्हीलर या 4-व्हीलर हो) के लिए सब्सिडी का दावा कर सकता है।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सब्सिडी पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

\r\n\r\n
सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सबसे पहले आधिकारिक यूपी ईवी सब्सिडी पोर्टल (upevsubsidy.in) पर जाएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    'Apply Online' विकल्प पर क्लिक करें और डिस्क्लेमर स्वीकार करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंकों का उपयोग करके अपना यूजर आईडी और पासवर्ड बनाएं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लॉगिन करने के बाद गाड़ी का विवरण 'वाहन पोर्टल' से स्वतः अपलोड हो जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अपनी बैंक अकाउंट डिटेल्स ध्यानपूर्वक भरें और गाड़ी के पंजीकरण के समय उपयोग किए गए डिजिटल साइन और फोटो अपलोड करें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अंत में, बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए कैंसिल चेक या पासबुक की प्रति अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
महत्वपूर्ण निर्देश: सबमिट करने से पहले आवेदन की दोबारा जांच जरूर कर लें, क्योंकि बैंक खाता गाड़ी मालिक के नाम पर होना चाहिए। गलत बैंक विवरण आवेदन को तुरंत कैंसिल करा सकता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

यूपी में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार

\r\n\r\n
उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 15.35 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन सड़क पर हैं। सरकार ने इस संख्या को देखते हुए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क को मजबूत करने का बीड़ा उठाया है। वर्तमान में राज्य में 3284 पब्लिक EV चार्जिंग स्टेशन हैं, जिनमें से 2893 पूरी तरह चालू स्थिति में हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सरकार का आगामी लक्ष्य अगले एक साल में 1500 से अधिक नए चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित करना है। इसके लिए प्रमुख एक्सप्रेसवे जैसे यमुना, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा और पेट्रोल पंपों पर 'लेवल 3 DC फास्ट चार्जर' लगाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, प्राइवेट ऑपरेटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए ट्रांसफॉर्मर और केबलिंग पर 80% तक की 'अपस्ट्रीम सब्सिडी' दी जा रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर झुकाव पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत दोनों के लिए आवश्यक है। केंद्र सरकार की सब्सिडी में बदलाव के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार की यूपी ईवी सब्सिडी नीति राज्य के नागरिकों के लिए एक बड़ा सहारा बनी हुई है। यदि आप भी EV खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो राज्य सरकार द्वारा दी जा रही छूट का लाभ उठाएं और आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें। यूपी में चार्जिंग नेटवर्क का बढ़ता दायरा यह सुनिश्चित कर रहा है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहन चलाना और भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
केंद्र सरकार 31 जुलाई से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर मिलने वाली ₹5,000 की सब्सिडी बंद करने जा रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार की सब्सिडी योजना जारी रहेगी। यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस की छूट से खरीदारों को अब भी ₹13,000 से अधिक का फायदा मिल रहा है। सब्सिडी के लिए पात्र नागरिक यूपी ईवी सब्सिडी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार आने वाले समय में 1500 से ज्यादा नए चार्जिंग स्टेशन लगाकर बुनियादी ढांचे को और मजबूत कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें