बदलते मौसम में तेज बुखार को सामान्य वायरल या मौसमी संक्रमण समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। Scrub Typhus भी शुरुआत में सामान्य बुखार जैसा दिखाई दे सकता है, लेकिन समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह गंभीर संक्रमण में बदल सकता है।

तमिलनाडु की अन्ना यूनिवर्सिटी के 20 वर्षीय छात्र की सितंबर में Scrub Typhus से मौत ने इस बीमारी को लेकर चिंता बढ़ा दी। रिपोर्ट के मुताबिक छात्र को करीब चार दिन से तेज बुखार था। अस्पताल पहुंचने तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। उसे भ्रम और बोलने में परेशानी के साथ सांस लेने में तकलीफ थी। जांच में डेंगू निगेटिव मिला, जबकि Scrub Typhus की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। बाद में संक्रमण से सांस की गंभीर समस्या और मल्टी-ऑर्गन फेलियर हुआ।

क्या है Scrub Typhus?

Scrub Typhus एक बैक्टीरियल संक्रमण है। यह Orientia tsutsugamushi नाम के बैक्टीरिया से होता है। इसका संक्रमण संक्रमित चिगर माइट, यानी माइट के लार्वा के काटने से फैलता है। ये माइट अक्सर घास, झाड़ियों और वनस्पति वाले इलाकों में पाए जाते हैं।

भारत में यह संक्रमण खासतौर पर बारिश के बाद और कुछ क्षेत्रों में मौसमी रूप से ज्यादा देखने को मिलता है। खेत, झाड़ियां, घास और ऐसी जगहों पर जाने से संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

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शुरुआत में कैसे पहचानें?

Scrub Typhus में अचानक तेज बुखार आ सकता है। इसके साथ सिरदर्द, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और ठंड लगने जैसे लक्षण हो सकते हैं।

कुछ मरीजों में माइट के काटने वाली जगह पर काला या गहरे रंग का पपड़ी जैसा निशान, जिसे eschar कहा जाता है, दिखाई दे सकता है। हालांकि हर मरीज में यह निशान मिले, यह जरूरी नहीं है। त्वचा पर रैश और लिम्फ नोड्स में सूजन भी हो सकती है।

कब स्थिति गंभीर हो सकती है?

बीमारी का इलाज न होने पर संक्रमण शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है। गंभीर मामलों में सांस लेने में परेशानी, निमोनिया, दिमाग से जुड़ी समस्या, किडनी या लिवर फेलियर और Multiple Organ Dysfunction Syndrome जैसी स्थिति हो सकती है।

यही वजह है कि लगातार तेज बुखार को सिर्फ मौसम बदलने का असर मानकर कई दिन तक घर पर इलाज करना जोखिम भरा हो सकता है।

इलाज कैसे होता है?

Scrub Typhus का इलाज एंटीबायोटिक से किया जाता है। CDC के अनुसार Doxycycline इसका प्रमुख उपचार है और बीमारी की शुरुआत में इलाज मिलने पर परिणाम बेहतर होते हैं। बीमारी का संदेह होने पर डॉक्टर लक्षणों और जांच के आधार पर इलाज तय करते हैं।

बुखार के कई कारण हो सकते हैं, इसलिए खुद से एंटीबायोटिक लेना सही नहीं है। लगातार बुखार, सांस लेने में परेशानी, भ्रम, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव के लिए क्या करें?

घास, झाड़ियों और ज्यादा वनस्पति वाले क्षेत्रों में जाते समय शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना मददगार हो सकता है। डॉक्टर/स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के अनुसार उपयुक्त insect repellent का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

सबसे जरूरी बात: हर तेज बुखार Scrub Typhus नहीं होता, लेकिन लगातार बुखार के साथ हालत बिगड़ रही हो तो इसे केवल सामान्य वायरल बुखार मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

 

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