हर साल की तरह, इस बार भी दिवाली के पावन अवसर पर भारतीय शेयर बाजार (BSE और NSE) एक विशेष सत्र के लिए खुलेगा, जिसे Diwali Muhurat Trading कहा जाता है। यह एक घंटे का विशेष ट्रेडिंग सत्र न केवल हिंदू कैलेंडर के अनुसार नए वित्तीय वर्ष 'विक्रम संवत 2082' की शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि यह परंपरा भारतीय संस्कृति में धन की देवी लक्ष्मी के प्रति सम्मान और समृद्धि की कामना को भी दर्शाती है।READ ALSO:-महाभारत का एक और सितारा अस्त: 'दानवीर कर्ण' का किरदार अमर करने वाले पंकज धीर का 68 साल की उम्र में निधन
\r\n\r\n\r\nइस साल मुहूर्त ट्रेडिंग की तारीख 21 अक्टूबर 2025 तय की गई है, लेकिन समय को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। निवेशकों के लिए यह सिर्फ निवेश का नहीं, बल्कि शुभ शुरुआत का मौका है।
\r\nमहत्व और परंपरा: क्यों है यह सत्र इतना खास?
\r\n'मुहूर्त' शब्द का अर्थ है 'शुभ समय'। भारतीय व्यापारिक समुदायों, विशेषकर गुजराती और मारवाड़ी परंपराओं में, दिवाली को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत माना जाता है। इसी दिन व्यापारी 'चोपड़ा पूजन' (खाता पुस्तकों की पूजा) करके अपने नए बही-खाते खोलते हैं।
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- समृद्धि का प्रतीक: मान्यता है कि इस शुभ मुहूर्त में किया गया छोटा सा निवेश या व्यापार पूरे साल सौभाग्य और समृद्धि लाता है। \r\n
- ऐतिहासिक शुरुआत: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में इस परंपरा की शुरुआत 1957 में हुई थी, जिसे बाद में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भी अपनाया। यह सत्र वित्तीय बाजार में आस्था और परंपरा के मिश्रण को दर्शाता है। \r\n
- सांकेतिक निवेश: अधिकतर निवेशक इस दौरान दीर्घकालिक, मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में सांकेतिक (Token) खरीदारी करते हैं, ताकि पूरे साल उनका निवेश सकारात्मक रहे। \r\n
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Diwali Muhurat Trading 2025: तिथि और समय
\r\nइस साल Muhurat Trading 2025 की तारीख और समय में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। वर्षों से शाम को होने वाला यह सत्र इस बार दोपहर में आयोजित किया जा रहा है, ताकि लक्ष्मी पूजन के शुभ काल से पहले यह समाप्त हो सके।
\r\n\r\n\r\nइस साल Muhurat Trading 2025 की तारीख और समय में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। वर्षों से शाम को होने वाला यह सत्र इस बार दोपहर में आयोजित किया जा रहा है, ताकि लक्ष्मी पूजन के शुभ काल से पहले यह समाप्त हो सके।
ट्रेडिंग चरण तारीख समय (IST)
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- प्री-ओपन सत्र मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 दोपहर 1:30 बजे से 1:45 बजे तक \r\n
- सामान्य मुहूर्त ट्रेडिंग मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक \r\n
- क्लोजिंग सत्र मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 दोपहर 2:55 बजे से 3:05 बजे तक \r\n
जानें दिवाली और बाजार की छुट्टियां
\r\nदिवाली (लक्ष्मी पूजन) का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि रहेगी। हालांकि, Muhurat Trading अगले दिन, यानी 21 अक्टूबर को आयोजित होगी।
\r\n\r\n\r\nदिवाली (लक्ष्मी पूजन) का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन प्रदोष व्यापिनी अमावस्या तिथि रहेगी। हालांकि, Muhurat Trading अगले दिन, यानी 21 अक्टूबर को आयोजित होगी।
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- 21 अक्टूबर (मंगलवार): दिवाली लक्ष्मी पूजन (नियमित कारोबार बंद, सिर्फ 1 घंटे के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग) \r\n
- 22 अक्टूबर (बुधवार): बलिप्रतिपदा/दिवाली ब्रेक (पूरे दिन बाजार बंद) \r\n
- 18, 19 अक्टूबर: शनिवार और रविवार के कारण भी बाजार बंद रहेंगे, इस प्रकार निवेशकों को एक लंबा वीकेंड मिलेगा। \r\n
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निवेशकों की प्रतिक्रिया और रिवाज
\r\nइस विशेष सत्र को लेकर ट्रेडर्स और निवेशकों में उत्साह रहता है। नए निवेशक अक्सर इसे शेयर बाजार में अपनी पहली खरीदारी करने के लिए एक 'शुभ एंट्री पॉइंट' मानते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस सत्र में आमतौर पर खरीदारी का रुझान अधिक होता है, जिससे बाजार में थोड़ी तेज़ी बनी रहती है। यह सत्र एक सकारात्मक बाज़ार दृष्टिकोण (Positive Market Outlook) को बढ़ावा देता है।
\r\n\r\n\r\nइस विशेष सत्र को लेकर ट्रेडर्स और निवेशकों में उत्साह रहता है। नए निवेशक अक्सर इसे शेयर बाजार में अपनी पहली खरीदारी करने के लिए एक 'शुभ एंट्री पॉइंट' मानते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस सत्र में आमतौर पर खरीदारी का रुझान अधिक होता है, जिससे बाजार में थोड़ी तेज़ी बनी रहती है। यह सत्र एक सकारात्मक बाज़ार दृष्टिकोण (Positive Market Outlook) को बढ़ावा देता है।
\r\nअगला महत्वपूर्ण आयोजन
\r\nDiwali Muhurat Trading सत्र के बाद, बाजार 22 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा के लिए बंद रहेगा। इसके बाद, निवेशक पूरे संवत 2082 के लिए अपनी दीर्घकालिक निवेश रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.