भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। आमतौर पर अप्रैल के महीने में तापमान में तेजी से वृद्धि देखी जाती है, लेकिन इस साल मौसम का मिजाज कुछ अलग ही नजर आ रहा है। एक तरफ जहां कुछ राज्यों में उमस भरी गर्मी लोगों का पसीना निकाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के आसमान पर घने काले बादलों ने अपना डेरा जमाना शुरू कर दिया है।READ ALSO:-LPG गैस संकट की अफवाहों पर इंडियन ऑयल का सबसे बड़ा बयान: "भंडार फुल है, घबराएं नहीं!" कालाबाजारियों पर कड़ा एक्शन, 855 FIR दर्ज
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IMD के अनुसार, 4 अप्रैल से एक ताकतवर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में दस्तक दे रहा है। इसका सीधा असर पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक देखने को मिलेगा। अगले 4 से 5 दिनों (7-8 अप्रैल तक) के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों में तेज हवाओं (60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ झमाझम बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना जताई गई है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि किस राज्य में मौसम कैसा रहेगा और आने वाले दिनों में आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।
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प्रमुख शहरों का तापमान (4 अप्रैल का पूर्वानुमान)
\r\n\r\nमौसम के बदलते मिजाज के बीच देश के प्रमुख महानगरों और शहरों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में) पर एक नजर:
\r\n\r\n| \r\n शहर \r\n | \r\n \r\n अधिकतम तापमान (Max Temp) \r\n | \r\n \r\n न्यूनतम तापमान (Min Temp) \r\n | \r\n
|---|---|---|
| \r\n दिल्ली \r\n | \r\n \r\n 29°C \r\n | \r\n \r\n 19°C \r\n | \r\n
| \r\n मुंबई \r\n | \r\n \r\n 30°C \r\n | \r\n \r\n 26°C \r\n | \r\n
| \r\n चेन्नई \r\n | \r\n \r\n 33°C \r\n | \r\n \r\n 27°C \r\n | \r\n
| \r\n कोलकाता \r\n | \r\n \r\n 38°C \r\n | \r\n \r\n 26°C \r\n | \r\n
| \r\n लखनऊ \r\n | \r\n \r\n 34°C \r\n | \r\n \r\n 21°C \r\n | \r\n
| \r\n पटना \r\n | \r\n \r\n 38°C \r\n | \r\n \r\n 26°C \r\n | \r\n
| \r\n रांची \r\n | \r\n \r\n 34°C \r\n | \r\n \r\n 22°C \r\n | \r\n
| \r\n भोपाल \r\n | \r\n \r\n 33°C \r\n | \r\n \r\n 21°C \r\n | \r\n
| \r\n जयपुर \r\n | \r\n \r\n 29°C \r\n | \r\n \r\n 18°C \r\n | \r\n
| \r\n शिमला \r\n | \r\n \r\n 18°C \r\n | \r\n \r\n 09°C \r\n | \r\n
| \r\n नैनीताल \r\n | \r\n \r\n 24°C \r\n | \r\n \r\n 14°C (अनुमानित)* \r\n | \r\n
(नोट: वायरल हो रहे कुछ चार्ट्स में तकनीकी त्रुटि के कारण नैनीताल का न्यूनतम तापमान 138°C दर्शाया गया है, जो कि फैक्चुअली असंभव है। पहाड़ी इलाका होने के कारण यह वास्तविकता में 13°C से 14°C के आसपास रहेगा।)
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राज्यवार मौसम का विस्तृत हाल: कहाँ बरसेगा पानी, कहाँ गिरेंगे ओले?
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1. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi-NCR) का हाल
\r\n\r\nदिल्लीवासियों को एक बार फिर छतरी और रेनकोट निकालने की जरूरत पड़ने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में मौसम पूरी तरह से बदल जाएगा। आसमान में काले बादल छाए रहेंगे और तेज हवा के झोंकों (Gusty Winds) के साथ बारिश होगी। कुछ इलाकों में ओले (Hailstorm) गिरने की भी पूरी संभावना है। इस बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिल्ली के अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट देखी जा सकती है, जिससे फौरी तौर पर गर्मी से राहत मिलेगी।
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2. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 3 दिन का अलर्ट
\r\n\r\nसबसे ज्यादा असर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। IMD ने यूपी में 4 से 6 अप्रैल तक के लिए मौसम का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक मौसम बिगड़ा रहेगा।
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- \r\n प्रभावित जिले: सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, महोबा, झांसी, जालौन, हाथरस (महामायानगर), हमीरपुर, हरदोई, कानपुर और राजधानी लखनऊ।\r\n \r\n
- \r\n इन सभी जिलों में भारी बारिश, तेज गरज-चमक और आंधी का अलर्ट है। लखनऊ में भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और मौसम सुहावना लेकिन तूफानी बना रहेगा।\r\n \r\n
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3. बिहार और झारखंड (Bihar & Jharkhand)
\r\n\r\nपूर्वी भारत में मौसम का यह बदलाव काफी हिंसक हो सकता है।
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- \r\n बिहार: यहां 5 से 8 अप्रैल तक बारिश के आसार हैं। पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, गया, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सबसे बड़ा खतरा यहां आसमान से गिरने वाली बिजली (वज्रपात) का है। किसानों और आम लोगों को खुले में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n झारखंड: 4 से 7 अप्रैल के बीच मूसलाधार बारिश के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जिससे कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है।\r\n \r\n
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4. पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश
\r\n\r\nपहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा और सीधा होता है।
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- \r\n उत्तराखंड: देवभूमि में 4 से 7 अप्रैल तक भारी बारिश का अलर्ट है। नैनीताल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, चंपावत, उधम सिंह नगर और टिहरी गढ़वाल में मूसलाधार बारिश के साथ 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी।\r\n \r\n
- \r\n हिमाचल प्रदेश: 4 और 5 अप्रैल को शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, किन्नौर, चंबा और सिरमौर में बारिश का 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया गया है। कई ऊंचाई वाले जिलों में भारी ओलावृष्टि की भी चेतावनी है, जिससे सेब के बागानों को नुकसान पहुंच सकता है।\r\n \r\n
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5. पंजाब और हरियाणा (Punjab & Haryana)
\r\n\r\nकृषि प्रधान इन दोनों राज्यों में आंधी और बारिश किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रही है।
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- \r\n हरियाणा: यमुना नगर, अंबाला, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और चरखी दादरी में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की खतरनाक स्पीड से आंधी चलने और बारिश होने का पूर्वानुमान है।\r\n \r\n
- \r\n पंजाब: 4-6 अप्रैल तक चंडीगढ़, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और अमृतसर में भारी बारिश, तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट है।\r\n \r\n
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6. मध्य प्रदेश और राजस्थान (MP & Rajasthan)
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- \r\n मध्य प्रदेश: 4 से 7 अप्रैल के बीच पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश दोनों जगह भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल, सतना, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर, मुरैना, निवाड़ी और बैतूल में भारी बारिश के साथ 20 से 30 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 4 अप्रैल को पूर्वी एमपी में ओले भी गिर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n राजस्थान: रेगिस्तानी राज्य में भी मौसम पलटी मार रहा है। जयपुर, उदयपुर, अलवर, चित्तौड़गढ़, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा और प्रतापगढ़ में मध्यम से तेज बारिश और 30 से 50 किमी/घंटे की धूल भरी आंधी का अलर्ट है।\r\n \r\n
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7. पश्चिम और दक्षिण भारत (West & South India)
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- \r\n महाराष्ट्र और गुजरात: मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 4 अप्रैल को और गुजरात में 5 अप्रैल को छिटपुट हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मराठवाड़ा में ओलावृष्टि का भी खतरा है।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी तट: ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मौसम सबसे ज्यादा रौद्र रूप दिखाएगा। ओडिशा में अगले 5 दिनों तक 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाओं के साथ भयंकर बारिश का अलर्ट है। बंगाल और सिक्किम में भी 5-8 अप्रैल के बीच आंधी-बारिश की चेतावनी है।\r\n \r\n
- \r\n दक्षिण भारत: केरल, माहे, तेलंगाना, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई हिस्सों में 4 से 7 अप्रैल के बीच बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।\r\n \r\n
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कृषि पर मंडराता खतरा: किसानों के लिए क्या है एडवाइजरी?
\r\n\r\nयह बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ऐसे समय में हो रही है जब खेतों में 'रबी की फसल' (विशेषकर गेहूं, सरसों और चना) पककर पूरी तरह से तैयार है या कटाई के चरण में है। तेज़ हवाओं से जहां गेहूं की फसल खेतों में बिछ (गिर) सकती है, वहीं ओलावृष्टि से दानों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। पूर्वी भारत में बिजली और वज्रपात से भी खेतों में काम कर रहे किसानों की जान और माल दोनों पर खतरा है।
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किसानों के लिए जरूरी सलाह:
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- \r\n कटाई में तेजी: जो फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं, किसान भाई मौसम साफ रहने पर जल्द से जल्द उनकी कटाई कर लें।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षित भंडारण: कटी हुई फसल को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय उसे पॉलीथिन शीट या तिरपाल से अच्छी तरह ढक दें या सुरक्षित गोदामों में पहुंचा दें।\r\n \r\n
- \r\n सिंचाई रोकें: आने वाले दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में अभी सिंचाई और किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें।\r\n \r\n
- \r\n खुद को सुरक्षित रखें: बारिश और आंधी के समय पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों। वज्रपात (Lightning) के समय पक्के मकानों में आश्रय लें।\r\n \r\n
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4 से 7 अप्रैल के बीच मौसम का यह पश्चिमी विक्षोभ पूरे देश के मौसम तंत्र को प्रभावित करेगा। एक ओर जहां यह गर्मी और बढ़ते तापमान से फौरी तौर पर एक बड़ी राहत लेकर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर फसलों और कच्चे निर्माण कार्यों के लिए यह एक बड़ा खतरा भी है। आम जनता से अपील है कि वे मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों को गंभीरता से लें, अपनी यात्राओं की योजना मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही बनाएं और आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर ही सुरक्षित रहें।

Sabse pehle comment karne wale banein.