\r\n\r\n\r\n\r\nThe Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls, launched on June 30, the process of filling the enumeration form-offline and online, with ease.
\r\n— Greater Bengaluru Authority (@GBA_office) July 11, 2026
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\r\nHow to fill the enumeration form#GreaterBengaluruAuthority #SIR pic.twitter.com/tRj3YxjnLb
क्या है फॉर्म-6 और किन लोगों के लिए है यह जरूरी?
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- \r\n नए युवा मतदाता: जो नागरिक हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।\r\n \r\n
- \r\n प्रवासी नागरिक: जो विदेशी नागरिकता छोड़कर भारतीय नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं और देश के वोटर बनना चाहते हैं।\r\n \r\n
- \r\n वोटर लिस्ट से हटे नाम: ऐसे लोग जिनका नाम किसी कारणवश पिछली वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था और वे फिर से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए नए सिरे से आवेदन कर रहे हैं।\r\n \r\n
क्या हुआ है तकनीकी बदलाव? ECINET पोर्टल पर दिखा नया सेक्शन
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- \r\n नया डिक्लेरेशन सेक्शन: ऑनलाइन फॉर्म के सेक्शन J और सेक्शन K के ठीक बीच में एक बिना लेबल (Unlabeled) वाला डिक्लेरेशन (घोषणा पत्र) सेक्शन जोड़ा गया है।\r\n \r\n
- \r\n डाउनलोड पीडीएफ में उपलब्ध नहीं: हैरान करने वाली बात यह है कि चुनाव आयोग के पोर्टल पर जो फॉर्म-6 पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, उसमें अभी तक इस नए सेक्शन को शामिल नहीं किया गया है।\r\n \r\n
- \r\n पोर्टल पर पाबंदी: यह नया बदलाव केवल उन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डिजिटल आवेदकों के लिए लाइव दिखाई दे रहा है, जहां या तो 2025 में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है या फिर वर्तमान साल 2026 में अभी भी जारी है। यदि आवेदक इस नए सेक्शन को खाली छोड़ता है, तो पोर्टल फॉर्म को आगे प्रोसेस नहीं करता है।\r\n \r\n
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नए सेक्शन के 3 विकल्प: आवेदकों को क्या करना होगा?
\r\n\r\nविकल्प 1: स्वयं का पुराना रिकॉर्ड
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मेरा नाम पिछले SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की मतदाता सूची में शामिल है।"\r\n
विकल्प 2: माता-पिता या दादा-दादी का रिकॉर्ड
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मेरे माता-पिता और/या दादा-दादी का नाम पिछले SIR की वोटर लिस्ट में दर्ज है।"\r\n
विकल्प 3: कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"न तो मेरा नाम और न ही मेरे माता-पिता का नाम पिछले SIR की मतदाता सूची में दर्ज है।"\r\n
यदि आप पहला या दूसरा विकल्प चुनते हैं, तो क्या होगा?
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- \r\n उसकी पुरानी या माता-पिता की विधानसभा सीट का नाम (Assembly Constituency).\r\n \r\n
- \r\n संबंधित मतदान केंद्र का बूथ नंबर (Booth Number).\r\n \r\n
- \r\n पिछली SIR वोटर लिस्ट में नाम का सटीक सीरियल नंबर (Serial Number).\r\n \r\n
आखिर चुनाव आयोग को क्यों करना पड़ा यह अचानक बदलाव?
\r\n\r\n5.58 करोड़ वोटरों के नाम हटना:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nI just completed my Special Intensive Revision 2026 Enumeration Form Submission Online. Just takes Five Min. Thought I'll share for everyone to benefit.
\r\n— Fundamental Investor ™ 🇮🇳 (@FI_InvestIndia) July 5, 2026
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\r\nOf course, I have my election card properly linked and my EPIC number. If you are confused or something is not linked… pic.twitter.com/TtQyRZTk8O
पश्चिम बंगाल का उदाहरण:
\r\n\r\n| \r\n वर्तमान में जारी SIR (2026 चरण) \r\n | \r\n \r\n SIR प्रक्रिया पूर्ण (2025 चरण) \r\n | \r\n
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| \r\n आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तराखंड और बिहार (बिहार में हाल ही में संपन्न) \r\n | \r\n \r\n उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, गुजरात, केरल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार, गोवा, लक्षद्वीप, पुडुचेरी \r\n | \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.