दिल्ली के लाल किले के पास हुई आई-20 कार में जबरदस्त धमाके के मामले में जांच एजेंसियों ने एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस आतंकी हमले का कथित दिल्ली धमाका मास्टरमाइंड पुलवामा का रहने वाला डॉ. उमर मोहम्मद ही था। यह भी खुलासा हुआ है कि उमर ने यह फिदायीन हमला (Suicide Attack) फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ और अपने साथियों की गिरफ्तारी से बौखलाहट में किया। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अलफला यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर रहे डॉ. उमर ने ही विस्फोटकों से भरी I-20 कार में खुद को उड़ा लिया। इस विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं।READ ALSO:-दिल्ली ब्लास्ट: मरने वालों की संख्या 12 हुई! पुलवामा से आतंकी उमर का दोस्त डॉ. सज्जाद गिरफ्तार, अमोनियम नाइट्रेट से धमाके का दावा
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फरीदाबाद मॉड्यूल से सीधा कनेक्शन और बौखलाहट की कहानी
\r\n\r\nजांच एजेंसियों के मुताबिक, डॉ. उमर मोहम्मद फरीदाबाद में हाल ही में भंडाफोड़ हुए आतंकी मॉड्यूल का एक प्रमुख सदस्य था। इस मॉड्यूल में दो अन्य डॉक्टर—अहमद मोहियुद्दीन सैयद और मुजम्मिल शकील—भी शामिल थे, जिन्हें विस्फोट से ठीक पहले गिरफ्तार किया गया था।
\r\n\r\n\r\n * विस्फोटक की बरामदगी: फरीदाबाद में मुजम्मिल शकील के ठिकाने से लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री (अमोनियम नाइट्रेट, डेटोनेटर आदि) बरामद हुई थी। इस बड़े खुलासे के बाद ही उमर फरार हो गया।
\r\n * बौखलाहट में हमला: खुफिया सूत्रों का कहना है कि अपने नेटवर्क के भंडाफोड़ होने और अपने साथियों की गिरफ्तारी से दिल्ली धमाका मास्टरमाइंड डॉ. उमर घबरा गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने जल्दबाजी में इस फिदायीन हमले को अंजाम दिया।
\r\n * जैशे-मोहम्मद से संबंध: एजेंसियों को शक है कि यह 'व्हाइट कॉलर' टेरर मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़ा हुआ था और टेलीग्राम जैसे माध्यमों से समन्वय स्थापित कर रहा था।
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धमाके से पहले के तीन घंटे: सुनहरी मस्जिद पार्किंग में क्या हुआ?
\r\nविस्फोट से ठीक पहले डॉ. उमर की गतिविधियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रेस किया गया है, जिसने घटनाक्रम को स्पष्ट किया है।
\r\n\r\n\r\nविस्फोट से ठीक पहले डॉ. उमर की गतिविधियों को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ट्रेस किया गया है, जिसने घटनाक्रम को स्पष्ट किया है।
\r\nI-20 कार की रूटमैपिंग
\r\nसीसीटीवी फुटेज के अनुसार, विस्फोटक से भरी हुई सफेद I-20 कार दोपहर करीब 3:19 बजे लाल किले के पास सुनहरी बाग मस्जिद की पार्किंग में दाखिल हुई। दिल्ली धमाका मास्टरमाइंड डॉ. उमर मोहम्मद इस कार में मास्क पहने हुए अकेला बैठा था। वह लगभग तीन घंटे तक पार्किंग में खड़ा रहा। शाम 6:00 बजे के आसपास उसने कार पार्किंग से निकाली और दरियागंज की ओर बढ़ने लगा। शाम करीब 6:52 बजे, जब कार रिंग रोड पर एक सिग्नल पर धीमी हुई या रुकी, तभी उसमें जबरदस्त धमाका हो गया।
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- विस्फोटक का प्रकार: शुरुआती जांच में पता चला है कि धमाके में अत्यधिक ज्वलनशील अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (ANFO) और डेटोनेटर्स का इस्तेमाल किया गया था, जो औद्योगिक विस्फोटकों में आम है। \r\n
- कार की चेन: पुलिस ने I-20 कार की पूरी बिक्री चेन का पता लगा लिया है। कार कई हाथों से होकर तारिक और अंततः दिल्ली धमाका मास्टरमाइंड डॉ. उमर तक पहुँची थी। तारिक और अन्य सहयोगी अब हिरासत में हैं। \r\n
\r\nआगे की जांच: डीएनए टेस्ट और एनआईए की भूमिका
\r\nइस मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने हाथ में ले ली है। उनका मुख्य फोकस अब दो बिंदुओं पर है।
\r\nमृत आतंकी की पहचान की पुष्टि
\r\nधमाके के बाद कार में एक क्षत-विक्षत शव मिला था, जिसका एक हाथ दूर जाकर गिरा था। पुलिस सूत्रों को पूरा शक है कि यह शव डॉ. उमर का ही है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए फोरेंसिक टीमें डीएनए टेस्ट कर रही हैं। डीएनए रिपोर्ट ही अंतिम रूप से विस्फोट करने वाले की पहचान स्थापित करेगी।
\r\nसहयोगियों से पूछताछ
\r\nएनआईए अब डॉ. उमर के गिरफ्तार सहयोगियों—जिनमें तारिक और आमिर राशिद मीर शामिल हैं—से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस हमले में कोई और शामिल था या यह वाकई उमर का एक हताश और आखिरी कार्य था। यह जांच अब 'व्हाइट कॉलर' आतंकवाद के खतरे को उजागर कर रही है, जहां उच्च शिक्षित पेशेवर आतंकी मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
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दिल्ली के लाल किले के पास हुआ यह भीषण कार धमाका सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती और दिल्ली धमाका मास्टरमाइंड की बौखलाहट का परिणाम है। डॉ. उमर मोहम्मद द्वारा अंजाम दिया गया यह कृत्य देश की राजधानी में आतंक फैलाने के एक असफल लेकिन विनाशकारी प्रयास को दर्शाता है। जांच एजेंसियों को अब इस मॉड्यूल की पूरी श्रृंखला का पता लगाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दुखद घटना ने एक बार फिर देश की सुरक्षा और खुफिया तंत्रों की सतर्कता को बढ़ा दिया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.