जम्मू (Jammu News): "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए वह शुभ घड़ी आ गई है, जिसका उन्हें साल भर बेसब्री से इंतजार रहता है। हिमालय की पवित्र गुफा में विराजमान बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए आगामी 3 जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक 'अमरनाथ यात्रा' (Amarnath Yatra) को लेकर बुधवार से आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन (Registration) शुरू हो गया है। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होते ही देश भर में बनाए गए रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा है।READ ALSO:-मेरठ के ऐतिहासिक नौचंदी मेले का मई में भव्य आगाज: बुजुर्गों-बच्चों को 'फ्री गोल्फ कार्ट' का तोहफा, महिलाओं के लिए रिजर्व होंगे स्टॉल
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श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने इस बार यात्रा को और अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई कड़े और हाईटेक कदम उठाए हैं। एडवांस रजिस्ट्रेशन की सुविधा ऑनलाइन (Online) और ऑफलाइन (Offline) दोनों ही माध्यमों से उपलब्ध कराई गई है, ताकि देश के किसी भी कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।
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57 दिनों तक चलेगा बाबा का दरबार: रक्षाबंधन पर होगा समापन

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प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इस वर्ष यह पवित्र अमरनाथ यात्रा पूरे 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा का विधिवत शुभारंभ 3 जुलाई को होगा, जब श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से कश्मीर घाटी के लिए रवाना किया जाएगा। वहीं, सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के पावन पर्व पर 28 अगस्त को छड़ी मुबारक के दर्शन के साथ इस महायात्रा का विधिवत समापन होगा। 57 दिनों की इस लंबी अवधि के कारण इस बार अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की उम्मीद जताई जा रही है।
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देशभर की 556 बैंक शाखाओं में हो रहा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन

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जो श्रद्धालु तकनीक से बहुत अधिक वाकिफ नहीं हैं या जो सीधे बैंक जाकर अपना पंजीकरण कराना चाहते हैं, उनके लिए देशभर में व्यापक स्तर पर ऑफलाइन व्यवस्था की गई है। अमरनाथ यात्रा के लिए 'पंजाब नेशनल बैंक' (PNB) इस बार 'नोडल बैंक' की अहम भूमिका निभा रहा है।
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रजिस्ट्रेशन के संदर्भ में जानकारी देते हुए पंजाब नेशनल बैंक के जम्मू मंडल प्रमुख एवं उप महाप्रबंधक (DGM) पंकज कुमार वर्मा ने बताया, "अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण पूरे जोश के साथ प्रारंभ हो गया है। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से एक साथ खोला गया है ताकि कोई तकनीकी अड़चन न आए।"
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अफसरों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए पूरे देश में 556 बैंक शाखाओं को अधिकृत किया गया है। इन बैंकों की सूची इस प्रकार है:
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    पंजाब नेशनल बैंक (PNB): 310 शाखाएं
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    भारतीय स्टेट बैंक (SBI): 99 शाखाएं
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    जम्मू-कश्मीर बैंक (J&K Bank): 90 शाखाएं
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    यस बैंक (Yes Bank): 37 शाखाएं
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अकेले जम्मू शहर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए छह विशेष काउंटर स्थापित किए गए हैं।
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तड़के से ही बैंकों के बाहर लगीं कतारें, भक्तों में गजब का जोश

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बुधवार सुबह जम्मू में जम्मू-कश्मीर बैंक और पीएनबी की ऑफलाइन शाखाओं के बाहर का नजारा भक्तिमय था। बैंक खुलने का समय सुबह 10 बजे होता है, लेकिन श्रद्धालु सुबह 8 बजे से ही अपनी बारी के इंतजार में लंबी-लंबी कतारों में लग गए थे। हर कोई चाहता था कि वह पहले जत्थे में बाबा बर्फानी के दर्शन करे।
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बैंक की लाइन में लगीं जम्मू की निवासी यामिनी शर्मा ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, "मैं बाबा बर्फानी की पवित्र गुफा में सबसे पहले दर्शन करने वालों में शामिल होना चाहती हूं। इसी कारण मैं सुबह जल्दी उठकर रजिस्ट्रेशन के लिए आई हूं। यह मेरी जिंदगी की दूसरी अमरनाथ यात्रा होगी।" यामिनी ने बताया कि वह इस बार अपने माता-पिता, बहन और भाई के साथ पूरे परिवार को लेकर पहलगाम मार्ग से यात्रा करेंगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कश्मीर घाटी में अब सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है, इसलिए देश भर से अधिक से अधिक हिंदुओं को यहां बेखौफ होकर दर्शन करने आना चाहिए।
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वहीं, पंजाब के पठानकोट से जम्मू की रिहाड़ी कॉलोनी स्थित पीएनबी शाखा में अपना रजिस्ट्रेशन कराने आए श्रद्धालु विनोद कुमार का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। उन्होंने बताया कि यह उनकी 11वीं अमरनाथ यात्रा होगी। विनोद कुमार ने कहा, "बाबा की कृपा से हम पिछले कई वर्षों से पहले जत्थे में ही पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन करते आ रहे हैं। इस साल भी हमने यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन कराया है। बाबा का बुलावा आता है तो सारे रास्ते खुद-ब-खुद आसान हो जाते हैं।"
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दो पारंपरिक मार्गों से संचालित होगी यात्रा: जानिए रूट का पूरा गणित

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अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए हर साल की तरह इस बार भी दो मार्गों (Routes) का इस्तेमाल किया जाएगा। दोनों मार्गों की अपनी-अपनी चुनौतियां और प्राकृतिक सुंदरता है:
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    पहलगाम-नुनवान मार्ग (Anantnag District): यह अमरनाथ यात्रा का सबसे पुराना और पारंपरिक मार्ग है। अनंतनाग जिले से होकर जाने वाले इस मार्ग की कुल लंबाई लगभग 48 किलोमीटर है। यह मार्ग प्राकृतिक नजारों से भरपूर है, लेकिन यह काफी लंबा है। आम तौर पर इस मार्ग से गुफा तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को 3 से 4 दिन का समय लगता है। चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी जैसे प्रसिद्ध पड़ाव इसी मार्ग पर आते हैं। जो लोग परिवार के साथ और धीरे-धीरे यात्रा करना पसंद करते हैं, वे इसी मार्ग का चयन करते हैं।
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    बालटाल मार्ग (Ganderbal District): गांदरबल जिले में स्थित यह मार्ग काफी छोटा है। इसकी लंबाई केवल 14 किलोमीटर है। हालांकि यह मार्ग बहुत ही खड़ी चढ़ाई वाला और कठिन है। शारीरिक रूप से अत्यधिक फिट और युवा श्रद्धालु अमूमन इसी मार्ग को चुनते हैं, क्योंकि इस रास्ते से एक ही दिन में गुफा तक पहुंचकर दर्शन किए जा सकते हैं और शाम तक बेस कैंप वापस लौटा जा सकता है।
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सुधरे हालात और सुगम होती रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

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पीएनबी के डीजीएम पंकज कुमार वर्मा ने कश्मीर की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था (Law and Order) की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसी सुरक्षित माहौल के कारण बैंकों और अन्य एजेंसियों का सहयोग भी बढ़ा है और काम में तेजी आई है।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होगा। बैंक अधिकारियों की एक टीम लगातार इस बात का आकलन कर रही है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तकनीकी रूप से और अधिक सरल, पारदर्शी और सुगम कैसे बनाया जाए ताकि किसी भी यात्री को घंटों लाइन में खड़ा न रहना पड़े।
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यात्रा के लिए जरूरी नियम और सावधानियां

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जो भी श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन कराने जा रहे हैं, उन्हें श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा:
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    अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (CHC): रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रत्येक श्रद्धालु के पास राज्य सरकारों द्वारा अधिकृत डॉक्टरों से बनवाया गया 'कम्पलसरी हेल्थ सर्टिफिकेट' होना अनिवार्य है।
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    आयु सीमा: 13 वर्ष से कम आयु के बच्चे और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इस कठिन यात्रा की अनुमति नहीं है।
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    गर्भवती महिलाएं: 6 सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को भी स्वास्थ्य कारणों से यात्रा करने की मनाही है।
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    तस्वीरें और पहचान पत्र: ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए ओरिजिनल आधार कार्ड, उसकी फोटोकॉपी और 4 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ लेकर जाना अनिवार्य है।
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अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह देश की आस्था, कश्मीर की संस्कृति और सुरक्षा बलों की कड़ी मेहनत का एक अद्भुत संगम है। इस बार 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के लिए जिस तरह से पहले ही दिन रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर भीड़ उमड़ी है, वह स्पष्ट संकेत है कि 2026 की यह अमरनाथ यात्रा ऐतिहासिक होने जा रही है। अगर आप भी बाबा बर्फानी के दर्शन करना चाहते हैं, तो अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द अपना ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करें।
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