महंगाई के इस दौर में आम जनता और कारोबारी जगत हर दिन बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। इसी बीच तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एलपीजी (LPG) के दामों को लेकर नया अपडेट जारी किया है। आज रसोई गैस या कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। आपको बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी थी। इसके अलावा, होटल और रेस्तरां में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार कई बार तेज उछाल देखा गया है।
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​इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि आखिर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसा क्या हो रहा है जिसके कारण भारत में कमर्शियल गैस की कीमतों में आग लगी हुई है। साथ ही जानेंगे कि आपके शहर में आज गैस सिलेंडर की बुकिंग किस भाव पर हो रही है।
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​कमर्शियल गैस सिलेंडर: बड़े शहरों में ₹3,000 के पार पहुंचा आंकड़ा

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​व्यापारियों, होटल, रेस्तरां और छोटे-बड़े उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अब आम बजट से बाहर होती जा रही हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी के बाद बड़े महानगरों में इसका भाव आसमान छूने लगा है।
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    ​दिल्ली (Delhi): देश की राजधानी में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,113.50 हो गई है।
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    ​कोलकाता (Kolkata): महानगर कोलकाता में यह आंकड़ा ₹3,255.50 पर पहुंच गया है।
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    ​मुंबई (Mumbai): देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में व्यापारियों को एक सिलेंडर के लिए ₹3,067.50 चुकाने पड़ रहे हैं।
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    ​चेन्नई (Chennai): दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में कमर्शियल गैस का भाव ₹3,283 के उच्चतम स्तर पर है।
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​सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, कमर्शियल एलपीजी की दरें पूरी तरह से नियंत्रण-मुक्त (Deregulated) हैं। इसका अर्थ यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर हर महीने की पहली तारीख को (और कभी-कभी बीच में भी) तेल कंपनियां इनकी कीमतों में संशोधन करती हैं। कमर्शियल गैस के महंगे होने का सीधा असर बाहर खाने-पीने की चीजों, कैटरिंग सर्विस और बेकरी उत्पादों पर पड़ रहा है, क्योंकि कारोबारी अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ अंततः ग्राहकों पर ही डाल रहे हैं।
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​आखिर कमर्शियल गैस में क्यों लगी है 'आग'? (अंतरराष्ट्रीय कारण)

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​कीमतों में आए इस अचानक और भारी उछाल के पीछे मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर पैदा हुआ ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक तनाव है। इसके दो सबसे बड़े कारण निम्नलिखित हैं:
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    ​स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) का संकट: दुनिया की 20 से 30 प्रतिशत एलपीजी (LPG) सप्लाई इसी महत्वपूर्ण जलमार्ग से होकर गुजरती है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संघर्ष के कारण इस मार्ग में भारी सप्लाई चेन की बाधाएं उत्पन्न हो गई हैं। कई मालवाहक जहाज और टैंकर इस इलाके में फंसे हुए हैं या उन्हें लंबा और महंगा रास्ता चुनना पड़ रहा है।
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    ​सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस में 44% का उछाल: सप्लाई घटने और मांग के स्थिर रहने के कारण अंतरराष्ट्रीय गैस बाजार में पैनिक की स्थिति है। इसका सीधा असर सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi Contract Price - CP) पर पड़ा है, जो एलपीजी के लिए एक वैश्विक बेंचमार्क माना जाता है। मार्च महीने में जो कीमत $542 प्रति मीट्रिक टन थी, वह अप्रैल के लिए सीधे 44% के भारी उछाल के साथ $780 प्रति मीट्रिक टन पर पहुंच गई है। इसी विदेशी उछाल का खमियाजा भारतीय बाजार भुगत रहा है।
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घरेलू रसोई गैस (Domestic LPG) के उपभोक्ताओं को मिली है राहत

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​एक तरफ जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं दूसरी तरफ आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह से बिगड़ने से बच गया है। भारत सरकार और तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमतों को आम जनता के लिए स्थिर रखने का प्रयास किया है, हालांकि इस महीने की शुरुआत में इसमें ₹29 का मामूली इजाफा जरूर हुआ था।
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    ​दिल्ली में घरेलू सिलेंडर: ₹942
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    ​नोएडा में घरेलू सिलेंडर: ₹939.50
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    ​मुंबई में घरेलू सिलेंडर: ₹941.50
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    ​कोलकाता में घरेलू सिलेंडर: ₹968
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पीएम उज्ज्वला योजना (PMUY) का लाभ:
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गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अभी भी सिलेंडर की रियायती कीमत ₹613 बनी हुई है। यह सरकार की तरफ से दी जाने वाली सब्सिडी का परिणाम है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि हम अपने पड़ोसी देशों (जैसे पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल) की वर्तमान आर्थिक स्थिति और वहां की महंगाई दरों से तुलना करें, तो भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें दुनिया में सबसे कम और नियंत्रित स्तर पर हैं।
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​पेट्रोल-डीजल के दाम और तेल कंपनियों का भारी घाटा (Under-recovery)

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​ईंधन की कीमतों का असर सिर्फ जनता पर ही नहीं, बल्कि सरकारी तेल कंपनियों (PSU OMCs) की बैलेंस शीट पर भी पड़ रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश में ईंधन की कीमतों और इन कंपनियों के घाटे को लेकर कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं।
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​फिलहाल देश की राजधानी दिल्ली में सामान्य पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है। हाल के दिनों में जो ₹2 प्रति लीटर की मामूली बढ़ोतरी देखी गई थी, वह केवल प्रीमियम वेरिएंट्स (जैसे XP95, Speed, Power आदि) पर लागू की गई थी। इन प्रीमियम ईंधनों की कुल बाजार हिस्सेदारी महज 2 से 5 प्रतिशत ही है, इसलिए आम आदमी पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा है।
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​कंपनियों को हो रहा है करोड़ों का घाटा:

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) और एलपीजी की कीमतों में तेजी के कारण सरकारी तेल कंपनियां अपनी लागत भी नहीं निकाल पा रही हैं। इस स्थिति को अंडर-रिकवरी (Under-recovery) कहा जाता है।
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    ​घरेलू गैस पर घाटा: कंपनियां प्रति 14.2 किलो सिलेंडर पर लगभग ₹380 का घाटा उठा रही हैं।
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    ​पेट्रोल-डीजल पर घाटा: पेट्रोल की बिक्री पर ₹24.40 प्रति लीटर और डीजल पर रिकॉर्ड ₹104.99 प्रति लीटर का भारी-भरकम नुकसान हो रहा है।
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    ​अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल मई के अंत तक तेल कंपनियों का कुल संचयी घाटा (Cumulative Loss) ₹40,484 करोड़ के विशाल आंकड़े को छू लेगा।
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आज आपके शहर में क्या हैं गैस के दाम? (शहर-वार पूरी लिस्ट)

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​नीचे दी गई तालिका में देश के प्रमुख शहरों में 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर और 19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर की मौजूदा कीमतें दी गई हैं। (ब्रैकेट में दी गई राशि हाल ही में की गई बढ़ोतरी को दर्शाती है):
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शहर का नाम
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घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 Kg)
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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 Kg)
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नई दिल्ली
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₹942.00 (+₹29.00)
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₹3,113.50 (+₹42.00)
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कोलकाता
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₹968.00 (+₹29.00)
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₹3,255.50 (+₹53.50)
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मुंबई
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₹941.50 (+₹29.00)
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₹3,067.50 (+₹43.50)
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चेन्नई
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₹957.50 (+₹29.00)
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₹3,283.00 (+₹46.00)
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गुड़गांव
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₹950.50 (+₹29.00)
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₹3,130.00 (+₹42.00)
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नोएडा
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₹939.50 (+₹29.00)
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₹3,113.50 (+₹42.00)
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बैंगलोर
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₹944.50 (+₹29.00)
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₹3,198.00 (+₹46.00)
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भुवनेश्वर
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₹968.00 (+₹29.00)
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₹3,290.00 (+₹52.00)
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चंडीगढ़
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₹951.50 (+₹29.00)
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₹3,136.00 (+₹43.50)
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हैदराबाद
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₹994.00 (+₹29.00)
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₹3,367.00 (+₹52.00)
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जयपुर
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₹945.50 (+₹29.00)
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₹3,141.00 (+₹42.00)
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लखनऊ
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₹979.50 (+₹29.00)
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₹3,236.00 (+₹42.00)
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पटना
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₹1,031.50 (+₹29.00)
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₹3,400.00 (+₹53.50)
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तिरुवनंतपुरम
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₹951.00 (+₹29.00)
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₹3,152.00 (+₹46.00)
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(नोट: गैस सिलेंडर के दामों में स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के आधार पर मामूली बदलाव संभव है। अपने गैस वितरक से सही कीमत की पुष्टि जरूर करें।)
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​वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में भारी अस्थिरता बनी हुई है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की सप्लाई चैन बाधित है, वहीं दूसरी तरफ तेल कंपनियों का बढ़ता घाटा इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों पर और भी दबाव देखने को मिल सकता है। आम जनता के लिए राहत की बात सिर्फ इतनी है कि सरकार ने फिलहाल घरेलू रसोई गैस की कीमतों को स्थिर रखने का सफल प्रयास किया है। हालांकि, कमर्शियल गैस के बढ़ते दामों से बाहर का खाना-पीना और उससे जुड़ी सेवाएं आने वाले दिनों में और भी महंगी हो सकती हैं।
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