भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ऐसा नया नियम लाने पर विचार कर रहा है, जो कर्जदाताओं की ताकत को काफी बढ़ा सकता है। इस नियम के लागू होने के बाद अगर आप लोन की किश्त (EMI) चुकाने में असमर्थ होते हैं, तो कर्जदाता दूर से ही आपका फोन लॉक कर पाएंगे। इस कदम का मकसद लोन रिकवरी में सुधार करना है, लेकिन इससे उपभोक्ता अधिकारों को लेकर भी चिंताएं बढ़ सकती हैं।READ ALSO:-₹20,000 से कम में Samsung का 'धमाका': लॉन्च हुआ Galaxy F17 5G, 6 साल तक मिलेंगे अपडेट्स और AI फीचर्स
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क्यों लाया जा रहा है यह नियम?
\r\n\r\nएक रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कि मोबाइल फोन को बड़ी संख्या में लोग लोन पर खरीदते हैं। एक क्रेडिट ब्यूरो के आंकड़ों से पता चला है कि ₹1 लाख से कम के छोटे लोन सेगमेंट में सबसे ज्यादा लोग EMI चुकाने में चूक जाते हैं। ऐसे में, कर्जदाताओं को रिकवरी में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए, आरबीआई अब उन्हें फोन लॉक करने जैसी शक्ति देने पर विचार कर रहा है।
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कैसे काम करेगा 'फोन लॉक' मैकेनिज्म?
\r\n\r\nइस नए सिस्टम के तहत, लोन देते समय ही कर्जदाताओं द्वारा उधारकर्ता के फोन में एक ऐप इंस्टॉल किया जाएगा। यदि ग्राहक EMI नहीं चुका पाता, तो यही ऐप दूर से डिवाइस को लॉक कर देगा। हालांकि, आरबीआई यह सुनिश्चित करना चाहता है कि फोन लॉक होने के बाद भी ग्राहक का निजी डेटा सुरक्षित रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल आरबीआई ने कर्जदाताओं को यह मैकेनिज्म रोकने के लिए कहा था, लेकिन अब बातचीत के बाद इस पर नए दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।
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किन कंपनियों को होगा फायदा और क्या हैं चिंताएं?
\r\n\r\nअगर आरबीआई का यह नियम लागू होता है, तो इससे बजाज फाइनेंस, डीएमआई फाइनेंस और चोलमांडलम फाइनेंस जैसी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के लिए लोन देने वाली कंपनियों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे उनकी रिकवरी की दर बढ़ सकती है। हालांकि, यह कदम उपभोक्ता अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। जानकारों का मानना है कि यह ग्राहकों के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। फिलहाल, इस मामले पर आरबीआई के प्रवक्ता ने कोई भी आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.