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हैदराबाद से पीएम मोदी का संदेश: 'देश के लिए सोना न खरीदें'
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nमोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे - सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
\r\n— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 11, 2026
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\r\nये उपदेश नहीं - ये नाकामी के सबूत हैं।
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\r\n12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है - क्या ख़रीदे, क्या न…
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\r\n\r\n\r\n"मेरा देशवासियों से आग्रह है कि वे अगले एक साल तक कोई भी गैर-जरूरी सोना न खरीदें। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार हमारे देश की ताकत है, और हमें इसे बाहर जाने से रोकना होगा।" - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी\r\n
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शेयर बाजार में 'ब्लैक मंडे': धड़ाम हुए ज्वेलरी कंपनियों के शेयर
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दोपहर 1:20 बजे तक बाजार का हाल:
\r\n\r\n| \r\n कंपनी का नाम \r\n | \r\n \r\n गिरावट (%) \r\n | \r\n \r\n वर्तमान भाव (रु) \r\n | \r\n \r\n आज का निचला स्तर (रु) \r\n | \r\n \r\n पिछला बंद भाव (रु) \r\n | \r\n
| \r\n सेनको गोल्ड लिमिटेड (Senco Gold) \r\n | \r\n \r\n -9.00% \r\n | \r\n \r\n ₹332.50 \r\n | \r\n \r\n ₹325.05 \r\n | \r\n \r\n ₹365.40 \r\n | \r\n
| \r\n कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers) \r\n | \r\n \r\n -9.14% \r\n | \r\n \r\n ₹386.35 \r\n | \r\n \r\n ₹382.10 \r\n | \r\n \r\n ₹424.55 \r\n | \r\n
| \r\n स्काई गोल्ड एंड डायमंड्स (Sky Gold) \r\n | \r\n \r\n -7.84% \r\n | \r\n \r\n ₹499.75 \r\n | \r\n \r\n ₹475.00 \r\n | \r\n \r\n ₹541.25 \r\n | \r\n
| \r\n टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Co.) \r\n | \r\n \r\n -6.06% \r\n | \r\n \r\n ₹4,234.30 \r\n | \r\n \r\n ₹4,150.10 \r\n | \r\n \r\n ₹4,509.00 \r\n | \r\n
| \r\n थंगमायिल ज्वेलरी (Thangamayil) \r\n | \r\n \r\n -4.37% \r\n | \r\n \r\n ₹4,061.00 \r\n | \r\n \r\n ₹3,832.10 \r\n | \r\n \r\n ₹4,246.70 \r\n | \r\n
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क्या कहते हैं आर्थिक विशेषज्ञ?
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- \r\n मांग में कमी की आशंका: विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में लोग सोने को न केवल आभूषण के तौर पर बल्कि निवेश और सुरक्षित संपत्ति के रूप में भी देखते हैं। लेकिन पीएम की अपील से शादी-ब्याह के मौसम को छोड़कर, निवेश के लिए खरीदे जाने वाले सोने की मांग में कमी आ सकती है।\r\n \r\n
- \r\n बिक्री पर असर: बड़े ज्वेलरी शोरूम्स और रिटेल चेन्स, जिनकी आय का मुख्य स्रोत सोने की बिक्री है, उनके त्रैमासिक नतीजों पर इसका नकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।\r\n \r\n
- \r\n कीमतों का दबाव: यह स्थिति ऐसे समय में पैदा हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें पहले से ही अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर (All-time high) के करीब हैं। ऊंची कीमतों के कारण पहले से ही मध्यम वर्ग की पहुंच से सोना दूर होता जा रहा था, और अब इस अपील ने बिक्री को दोहरा झटका दिया है।\r\n \r\n
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राहुल गांधी का तीखा पलटवार: "ये उपदेश नहीं, विफलता के प्रमाण हैं"
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राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मोदी जी ने कल जनता से बलिदानों की मांग की—सोना न खरीदें, विदेश न जाएं, कम पेट्रोल का उपयोग करें, उर्वरक और खाना पकाने के तेल में कटौती करें, मेट्रो का उपयोग करें और वर्क फ्रॉम होम करें। ये उपदेश नहीं हैं—ये विफलता के प्रमाण हैं।"\r\n
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राहुल गांधी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सरकार की नीतियों पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
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- \r\n जनता पर थोपी जा रही जिम्मेदारी: "पिछले 12 वर्षों में, उन्होंने (पीएम मोदी) देश को एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है कि अब जनता को यह बताना पड़ रहा है कि उन्हें क्या खरीदना है, क्या नहीं खरीदना है, कहां जाना है और कहां नहीं जाना है।"\r\n \r\n
- \r\n जवाबदेही से बचने का आरोप: विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि हर बार जब भी देश के सामने कोई आर्थिक संकट आता है, तो प्रधानमंत्री उसकी जिम्मेदारी जनता के कंधों पर डाल देते हैं ताकि वे खुद अपनी जवाबदेही से बच सकें।\r\n \r\n
- \r\n प्रधानमंत्री पर सीधा हमला: राहुल गांधी ने अपने पोस्ट का अंत यह कहते हुए किया कि "देश चलाना अब एक समझौतावादी प्रधानमंत्री के बस की बात नहीं रही है।"\r\n \r\n
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Sabse pehle comment karne wale banein.