भारतीय सर्राफा बाजार में 5 जून का दिन ग्राहकों और निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। आज सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे शादियों के सीजन और भविष्य के लिए आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम लोगों के चेहरे खिल गए हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं के भाव में भारी कटौती दर्ज की गई है। इस लेख में हम ताज़ा रेट्स, कीमतों के गिरने का कारण, अलग-अलग शहरों में दाम के भारी अंतर और सरकार द्वारा हाल ही में बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी के व्यापक प्रभाव का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। READ ALSO:-हर सुपरहीरो के पास केप नहीं होती: सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद कर बचाएं जान, तुरंत डायल करें सड़क दुर्घटना हेल्पलाइन 112
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5 जून को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के ताज़ा आंकड़े
\r\n\r\n5 जून को जारी ताज़ा अपडेट्स के अनुसार, सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में बड़ी राहत मिली है। एक किलो चांदी का भाव 6,138 रुपए तक टूटकर 2.55 लाख रुपए पर आ गया है। इससे ठीक एक दिन पहले, यानी गुरुवार को यह 2.61 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही थी। औद्योगिक मांग में कमी और वैश्विक दबाव के कारण यह नरमी देखी जा रही है।
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दूसरी ओर, पीली धातु यानी सोने ने भी ग्राहकों को राहत दी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,896 रुपए घटकर 1.54 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 4 जून को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.66 लाख रुपए दर्ज की गई थी। बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स का मानना है कि वैश्विक बाजार में हो रहे भारी उतार-चढ़ाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट उपभोक्ताओं के लिए एक शानदार और लाभकारी अवसर साबित हो सकती है।
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ऑल टाइम हाई से कितनी सस्ती हुई चांदी और सोना?
\r\n\r\nअगर हम पिछले कुछ महीनों के बाजार आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि सर्राफा बाजार का यह दौर काफी दिलचस्प और अस्थिर रहा है। इस साल सोने और चांदी की कीमतों ने आसमान छुआ था। 31 दिसंबर 2025 को जहां 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, वहीं 29 जनवरी को यह 1.76 लाख रुपए के अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर (ऑल टाइम हाई) पर पहुंच गई थी। तब से लेकर अब तक, यानी महज 127 दिनों के भीतर सोना अपने शिखर से 21,931 रुपए सस्ता हो चुका है।
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चांदी के मामले में भी ऐसा ही ऐतिहासिक और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव देखा गया। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव 2.30 लाख रुपए था, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऐतिहासिक स्तर पर चला गया था। उस रिकॉर्ड स्तर से चांदी अब तक 1.31 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है। यह उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो लंबे समय से सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे।
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अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग क्यों होते हैं?
\r\n\r\nअक्सर आम लोग यह सोचते हैं कि पूरे देश में सोने का रेट एक समान क्यों नहीं होता। दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कीमतों में अंतर क्यों पाया जाता है? इसके पीछे 4 मुख्य आर्थिक और भौगोलिक कारण हैं:
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- \r\n ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोने को एक शहर से दूसरे शहर या एक राज्य से दूसरे राज्य में सुरक्षित ले जाने में भारी ईंधन और उच्च-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का खर्च जुड़ता है। दूरी बढ़ने पर यह परिवहन और रसद (लॉजिस्टिक्स) लागत बढ़ती है, जिससे अंतिम कीमत भी बढ़ जाती है।\r\n \r\n
- \r\n खरीदारी की मात्रा और खपत: दक्षिण भारत के राज्यों में सोने की खपत सबसे अधिक (करीब 40%) है। वहां के बड़े ज्वेलर्स बल्क (थोक) में खरीदारी करते हैं, हालांकि इस थोक छूट का फायदा ग्राहकों तक बहुत सीमित मात्रा में पहुंचता है।\r\n \r\n
- \r\n लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और बड़े शहर के अपने अलग ज्वेलरी एसोसिएशन होते हैं (जैसे बॉम्बे बुलियन एसोसिएशन)। ये निकाय उस क्षेत्र की स्थानीय मांग, सप्लाई चैन और त्योहारी सीजन के आधार पर हर दिन का लोकल रेट तय करते हैं।\r\n \r\n
- \r\n पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: किसी भी ज्वेलर का अपना पिछला खरीद मूल्य यह तय करता है कि वह ग्राहकों को वर्तमान में कितनी कीमत पर आभूषण बेचेगा। पुराना महंगा स्टॉक नए सस्ते रेट्स को काफी हद तक प्रभावित करता है।\r\n \r\n
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इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़कर 15%: क्या होगा असर?
\r\n\r\nकीमतों में चल रहे इस भारी बदलाव के बीच, केंद्र सरकार ने सोने और चांदी पर लगने वाले आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में भारी इजाफा किया है। (External link: सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी और टैक्स से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना पढ़ें) ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
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सरकार के इस कठोर कदम का मुख्य उद्देश्य विदेशों से होने वाली सोने की भारी खरीद (आयात) को नियंत्रित करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) पर पड़ रहे भारी दबाव को कम करना है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और संभावित युद्ध जैसे हालात के बीच यह एक बेहद अहम रणनीतिक और आर्थिक फैसला माना जा रहा है। नए नियमों के तहत, सरकार ने सोने पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी के साथ 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है, जिससे कुल प्रभावी कर 15% हो गया है। बता दें कि इससे पहले 2024 के आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंपोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% कर दिया था, ताकि बाजार को प्रोत्साहन मिल सके।
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टैक्स बढ़ने से तस्करी (Smuggling) की आशंका
\r\n\r\nइस नई कर व्यवस्था पर ज्वेलरी इंडस्ट्री और व्यापार मंडलों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने स्पष्ट किया कि सरकार ने देश के करंट अकाउंट डेफिसिट (चालू खाता घाटा) को काबू में रखने और रुपए की गिरती कीमत को संभालने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।
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हालांकि, उद्योग जगत से जुड़े लोगों और आर्थिक जानकारों का कहना है कि जब भी कीमती धातुओं पर करों में भारी वृद्धि होती है, तो देश में सोने की तस्करी (Smuggling) की संभावना तेजी से बढ़ जाती है। अवैध रास्तों से सोना देश में लाया जाता है। इससे पहले जब ड्यूटी कम की गई थी, तब तस्करी के मामलों में भारी कमी आई थी और वैध व्यापार को बढ़ावा मिला था।
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ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 अहम बातों का रखें ध्यान
\r\n\r\nअगर आप मौजूदा सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का लाभ उठाकर बाजार से खरीदारी करने जा रहे हैं, तो अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने के लिए इन 2 महत्वपूर्ण बातों का जरूर पालन करें:
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- \r\n सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: भारत सरकार के नियमों के अनुसार, हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। हॉलमार्क ज्वेलरी पर 6 अंकों का एक खास अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID - Hallmark Unique Identification) लिखा होता है, जैसे- AZ4524। यह कोड गारंटी देता है कि आपका सोना कितने कैरेट (22K या 18K) का है और वह पूरी तरह से शुद्ध है।\r\n \r\n
- \r\n कीमत को क्रॉस चेक करें: बाजार जाने से पहले सोने का सही वजन और उस दिन की आधिकारिक कीमत कई विश्वस्त सोर्सेज से क्रॉस चेक करें। मेकिंग चार्ज के नाम पर ठगी से बचें। ध्यान रहे, 24 कैरेट (शुद्ध सोना), 22 कैरेट (जेवर बनाने योग्य) और 18 कैरेट सोने के रेट अलग-अलग होते हैं। (External link: IBJA की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव सोने-चांदी के रेट्स चेक करें)\r\n \r\n
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असली चांदी की पहचान करने के 4 आसान तरीके
\r\n\r\nबाजार में अक्सर चांदी में अन्य सस्ती धातुओं की मिलावट की जाती है। ऐसे में मिलावटी धातुओं से बचने के लिए, आप घर बैठे इन 4 वैज्ञानिक और आसान तरीकों से असली चांदी की पहचान कर सकते हैं:
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- \r\n मैग्नेट टेस्ट (चुंबक परीक्षण): असली चांदी एक नॉन-मैग्नेटिक धातु है, यह कभी भी चुंबक से नहीं चिपकती। अगर आपकी चांदी का बर्तन या आभूषण चुंबक की ओर आकर्षित होता है, तो वह पूरी तरह से नकली या मिलावटी है।\r\n \r\n
- \r\n आइस टेस्ट (बर्फ परीक्षण): चांदी पर बर्फ का एक छोटा टुकड़ा रखें। असली चांदी ऊष्मा (Heat) की बहुत अच्छी सुचालक (Conductor) होती है, इसलिए इसके संपर्क में आते ही बर्फ सामान्य से कहीं अधिक तेजी से पिघलती है।\r\n \r\n
- \r\n स्मेल टेस्ट (गंध परीक्षण): असली और शुद्ध चांदी में अपनी कोई गंध नहीं होती है। वहीं, नकली चांदी या जिसमें भारी मिलावट हो, उसमें कॉपर (तांबे) या पीतल जैसी अजीब सी धात्विक गंध आती है।\r\n \r\n
- \r\n क्लॉथ टेस्ट (कपड़ा परीक्षण): चांदी के गहने या सिक्के को एक साफ सफेद सूती कपड़े से हल्के हाथ से रगड़ें। चांदी हवा के संपर्क में आकर ऑक्सीडाइज होती है, इसलिए अगर कपड़े पर काले रंग के हल्के निशान आ जाते हैं, तो समझ लें कि आपकी चांदी असली है।\r\n \r\n
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निष्कर्ष के तौर पर, 5 जून को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने आम खरीदारों, खासकर शादी-ब्याह वाले परिवारों को एक बड़ी आर्थिक राहत दी है। हालांकि, आयात शुल्क (Import Duty) के 15% तक बढ़ जाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान विवाद जैसी अस्थिर भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण बुलियन बाजार में आगे भी भारी उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी उम्मीद है। आर्थिक विशेषज्ञों की सलाह है कि बाजार की इस गिरावट का समझदारी से लाभ उठाएं और निवेश या जेवर खरीदते समय हमेशा हॉलमार्किंग, पक्के बिल (GST Invoice) और शुद्धता को अपनी पहली प्राथमिकता बनाएं।
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5 जून को भारतीय सर्राफा बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एक किलो चांदी 6,138 रुपए टूटकर 2.55 लाख रुपए पर आ गई, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,896 रुपए गिरकर 1.54 लाख रुपए हो गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विदेशी खरीद को कम करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड से अब तक चांदी 1.31 लाख रुपए और सोना 21,931 रुपए सस्ता हो चुका है।
Sabse pehle comment karne wale banein.