पश्चिम एशिया में भड़के भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच हुए सीधे सैन्य टकराव ने वैश्विक सराफा बाजार की कमर तोड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी बिकवाली के चलते सोने और चांदी की कीमतों में आज ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। ईद-उल-अजहा के अवकाश के बावजूद हाजिर बाजार में इसका सीधा असर दिखा। जानिए आपके शहर में क्या हैं आज के ताजा भाव।
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बिजनेस डेस्क (Bullion Market News): सोने और चांदी में निवेश करने वालों के साथ-साथ आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन बेहद हलचल भरा रहा। वैश्विक स्तर पर अचानक पैदा हुई भू-राजनीतिक अस्थिरता (Geopolitical Instability) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में आई भारी कमजोरी के कारण घरेलू सराफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है।READ ALSO:-खत्म हुआ फ्री का दौर: Meta ने लॉन्च किए Instagram, Facebook और WhatsApp के 'प्लस' प्लान, जानिए जेब पर कितना पड़ेगा असर
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आमतौर पर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में कोई युद्ध या तनाव की स्थिति बनती है, तो निवेशक सोने को 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) मानकर उसकी खरीदारी शुरू कर देते हैं, जिससे दाम बढ़ते हैं। लेकिन इस बार स्थिति बिल्कुल उलट है। अमेरिका द्वारा ईरान पर की गई ताजा सैन्य कार्रवाई और उसके बाद भड़के तनाव के बीच निवेशकों ने सोने के बजाय 'अमेरिकी डॉलर' (US Dollar) को सबसे सुरक्षित पनाहगाह के रूप में प्राथमिकता दी है। डॉलर की इसी अप्रत्याशित मजबूती ने पीली धातु (सोने) और सफेद धातु (चांदी) की चमक को पूरी तरह से फीका कर दिया है।
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अमेरिका-ईरान तनाव: युद्ध की आहट और सहमा हुआ बाजार

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इस भारी गिरावट के पीछे का मुख्य कारण पश्चिम एशिया (Middle East) में अचानक भड़की आग है। बाजार विश्लेषकों और जिओ-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के संवेदनशील इलाके में अमेरिकी हमलों और उसके जवाब में ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) द्वारा अमेरिकी एयरबेस पर दागी गई मिसाइलों ने पूरे वैश्विक बाजार की धारणा (Market Sentiment) को बुरी तरह प्रभावित किया है।
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इस सीधे सैन्य टकराव की आशंका ने निवेशकों के बीच पैनिक (Panic) का माहौल बना दिया है। बड़े संस्थागत निवेशक और हेज फंड मैनेजर अपना पैसा कमोडिटी बाजार (Commodity Market) से निकालकर सीधे अमेरिकी डॉलर में लगा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) के मजबूत होने का सीधा मतलब है कि अन्य मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया) वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की मांग अचानक गिर गई और कीमतों में क्रैश आ गया।
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अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी बिकवाली (Bloodbath in Global Markets)

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वैश्विक मंच पर आज सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं पर चौतरफा दबाव देखा गया। मुनाफावसूली और घबराहट में की गई बिकवाली (Panic Selling) के आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं:
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    सोने का हाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में 'स्पॉट गोल्ड' (हाजिर सोना) लगभग 2 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ टूटकर $4,368.99 प्रति औंस के निचले स्तर पर आ गया। वहीं, अमेरिका के कॉमेक्स (COMEX) एक्सचेंज पर गोल्ड फ्यूचर (Gold Futures) 1.80 प्रतिशत का गोता लगाकर $4,367.90 प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
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    चांदी की स्थिति: सोने से भी बुरा हाल चांदी का रहा। वैश्विक हाजिर चांदी 3 प्रतिशत से अधिक की भारी गिरावट के साथ धड़ाम होकर $71.94 प्रति औंस पर आ गई। कॉमेक्स सिल्वर (COMEX Silver) में भी कोहराम दिखा और यह 3.56 प्रतिशत गिरकर $72.22 प्रति औंस के स्तर पर बंद हुई।
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कच्चे तेल में उछाल और ब्याज दरों का 'चक्रव्यूह'

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सराफा बाजार में आई इस सुनामी के पीछे सिर्फ युद्ध का डर ही नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक गहरा आर्थिक चक्रव्यूह (Economic Matrix) भी काम कर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चैन पर पड़ा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार: "ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है। दोनों देशों के बीच टकराव की वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में रातों-रात 3% से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। महंगा कच्चा तेल सीधे तौर पर वैश्विक महंगाई (Global Inflation) को बढ़ाने का काम करता है।"
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जब कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो ट्रांसपोर्टेशन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक सब कुछ महंगा हो जाता है। इससे यह आशंका बलवती हो गई है कि वैश्विक स्तर पर महंगाई अब लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी।
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इस बढ़ती महंगाई को काबू में रखने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों (खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व) के पास ब्याज दरों (Interest Rates) को ऊंचा रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। बाजार को उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती करेगा, जिससे सोने को बूस्ट मिलता। लेकिन महंगे ईंधन और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर ने 'ब्याज दरों में जल्द कटौती' की इन उम्मीदों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने (जो कोई ब्याज नहीं देता) के बजाय सरकारी बॉन्ड्स (Treasury Yields) में निवेश करना पसंद करते हैं। यही वह 'चक्रव्यूह' है जिसने आज सर्राफा बाजार को तोड़ कर रख दिया।
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घरेलू बाजार का हाल: MCX बंद, फिर भी हाजिर बाजार में असर

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भारत के संदर्भ में बात करें तो, आज देश में 'ईद-उल-अजहा' (बकरीद) के राष्ट्रीय अवकाश के कारण घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पूरी तरह से बंद रहा। MCX पर कोई ट्रेडिंग नहीं हुई।
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इसके बावजूद, भारत का हाजिर सर्राफा बाजार (Physical Bullion Market) अंतरराष्ट्रीय बाजार से अछूता नहीं रहा। देश भर के सर्राफा कारोबारियों, ज्वेलर्स और स्वतंत्र डीलरों द्वारा जारी आंकड़ों में कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय मार्केट की इस गिरावट का सीधा और स्पष्ट असर दिखाई दिया। खासकर इंडस्ट्रियल मांग घटने के कारण चांदी के दाम बुरी तरह गिरे हैं। देश के प्रमुख महानगरों में आज चांदी की हाजिर कीमत गिरकर ₹2,65,750 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।
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देश के प्रमुख महानगरों में सोने के ताजा भाव (Latest Gold Rates)

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अगर आप आज गहने खरीदने या सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह गिरावट एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है। यहां देश के चार प्रमुख महानगरों में प्रति 10 ग्राम सोने के हाजिर भाव दिए गए हैं (स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग हो सकते हैं):
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शहर (City)
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24 कैरेट शुद्ध सोना (24K Gold)
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22 कैरेट जेवराती सोना (22K Gold)
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दिल्ली (Delhi)
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₹1,55,880
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₹1,42,890
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मुंबई (Mumbai)
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₹1,56,150
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₹1,43,138
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कोलकाता (Kolkata)
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₹1,55,940
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₹1,42,945
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चेन्नई (Chennai)
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₹1,56,610
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₹1,43,559
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आगे क्या करें निवेशक? बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि वर्तमान भू-राजनीतिक हालात बेहद नाजुक और 'अनप्रेडिक्टेबल' (Unpredictable) हैं। जब तक अमेरिका और ईरान के बीच का यह सैन्य तनाव किसी ठोस निष्कर्ष या कूटनीतिक शांति की ओर नहीं बढ़ता, तब तक सराफा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) जारी रह सकता है। खुदरा निवेशकों (Retail Investors) को 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की रणनीति अपनानी चाहिए और किसी भी बड़ी गिरावट पर टुकड़ों में (SIP मोड में) खरीदारी करने पर विचार करना चाहिए।
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