Delhi Saraf Bazar Update: भारतीय वित्तीय बाजार में आज एक बेहद अनोखा और विरोधाभासी नजारा देखने को मिला। जहां एक तरफ दलाल स्ट्रीट (Dadal Street) पर चौतरफा बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह ढह गया, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षित निवेश के रूप में पहचाने जाने वाले सर्राफा बाजार (Bullion Market) में निवेशकों की भारी लिवाली देखने को मिली। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर शादियों के सीजन की मजबूत मांग के कारण सोने और चांदी दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त विस्फोट हुआ है।READ ALSO:-यूपी में 1 जून से होने जा रहा है 'महा-बदलाव': कहीं राहत की बौछार तो कहीं महंगाई का करंट; जानिए आपकी जिंदगी बदलने वाले 20 नए नियमों की पूरी इनसाइड स्टोरी
\r\n\r\n\r\n\r\n
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,600 रुपये की भारी-भरकम छलांग लगाकर 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी ने भी तेजी के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़त दर्ज की, जिसके बाद इसका भाव 2,74,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक तरफ शेयर बाजार क्रैश, दूसरी तरफ सोने में उबाल
\r\n\r\nशुक्रवार का दिन भारतीय निवेशकों के लिए भारी उथल-पुथल वाला रहा। घरेलू शेयर बाजार (Stock Market) में आज सुबह से ही भयंकर बिकवाली का माहौल बना हुआ था। बाजार का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) करीब 1,100 अंक नीचे गोता लगा गया, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जब भी इक्विटी मार्केट (Equity Market) में इस तरह की बड़ी गिरावट आती है, तो निवेशक अपना पैसा जोखिम वाले एसेट्स से निकालकर सुरक्षित संपत्तियों (Safe-Haven Assets) में लगाने लगते हैं। यही कारण है कि जैसे ही सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट शुरू हुई, कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में सोने और चांदी को खरीदने की होड़ मच गई।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
सोने की कीमत में ऐतिहासिक उछाल: ₹1,62,900 के पार
\r\n\r\nदिल्ली सर्राफा बाजार से मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले (24 कैरेट) सोने की कीमत में शुक्रवार को 1,600 रुपये की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। इस तेजी के बाद नया भाव 1,62,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है।
\r\n\r\n| \r\n पैमाना (Metric) \r\n | \r\n \r\n पुराना भाव (Wednesday Closing) \r\n | \r\n \r\n नया भाव (Friday Rate) \r\n | \r\n \r\n कुल बढ़त (Total Jump) \r\n | \r\n
|---|---|---|---|
| \r\n सोना (99.9% शुद्धता) \r\n | \r\n \r\n ₹1,61,300 प्रति 10 ग्राम \r\n | \r\n \r\n ₹1,62,900 प्रति 10 ग्राम \r\n | \r\n \r\n + ₹1,600 \r\n | \r\n
| \r\n चांदी (Industrial Grade) \r\n | \r\n \r\n ₹2,69,700 प्रति किलोग्राम \r\n | \r\n \r\n ₹2,74,700 प्रति किलोग्राम \r\n | \r\n \r\n + ₹5,000 \r\n | \r\n
\r\n\r\n
गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले बुधवार को जब बाजार बंद हुआ था, तब सोने का भाव 1,61,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था। गुरुवार को ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर दिल्ली सहित देश के प्रमुख सर्राफा बाजार बंद रहे थे। ऐसे में दो दिनों की पेंडिंग डिमांड और वैश्विक बदलावों का सीधा असर शुक्रवार को बाजार खुलते ही देखने को मिला, जिससे कीमतें आसमान पर पहुंच गईं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
चांदी की कीमतों में लगी आग, ₹5,000 की रिकॉर्ड तेजी
\r\n\r\nसोने की चमक बढ़ने के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक और खुदरा मांग में भी भारी तेजी देखी जा रही है। शुक्रवार को चांदी का भाव 5,000 रुपये की जोरदार तेजी के साथ 2,74,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंचा। पिछले कारोबारी सत्र (बुधवार) में चांदी की क्लोजिंग 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर हुई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बाजार के जानकारों का कहना है कि चांदी में आई इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n औद्योगिक मांग (Industrial Demand): नई तकनीकों, सौर ऊर्जा (Solar Energy) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।\r\n \r\n
- \r\n सस्ते विकल्प के रूप में पसंद: सोने की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाने के कारण खुदरा खरीदार अब शादी-ब्याह के तोहफों और आभूषणों के लिए चांदी को एक बेहतर और किफायती विकल्प के रूप में देख रहे हैं।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक हलचल का असर
\r\n\r\nसर्राफा बाजार में आई इस सुनामी के पीछे केवल घरेलू कारण ही नहीं, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम भी जिम्मेदार हैं। इस समय वैश्विक स्तर पर कई मोर्चों पर अनिश्चितता का माहौल है:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n अमेरिका-ईरान वार्ता: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और शुरुआती समझौते की संभावनाएं हवा में तैर रही हैं। हालांकि, जब तक इस समझौते को लेकर पूरी तरह से स्पष्टता नहीं आ जाती, तब तक वैश्विक कमोडिटी मार्केट में अनिश्चितता और अस्थिरता का माहौल बना रहेगा, जो सोने की कीमतों को सपोर्ट कर रहा है।\r\n \r\n
- \r\n अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां: अमेरिका में हाल ही में जारी हुए महंगाई (Inflation) के आंकड़ों ने निवेशकों को चौंकाया है। अब पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आने वाली ब्याज दर नीति पर टिकी है। अगर ब्याज दरों में कटौती की संभावना बनती है, तो सोने की कीमतों में और अधिक आग लग सकती है।\r\n \r\n
- \r\n अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार (Global Spot Market): ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं के भाव तेजी से बढ़े हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना करीब 1 प्रतिशत की मजबूती के साथ 4,530.72 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी भी 75.52 डॉलर प्रति औंस के मजबूत स्तर पर टिकी रही।\r\n \r\n
\r\n\r\n
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ? (Expert Opinions)
\r\n\r\nकमोडिटी मार्केट के दिग्गज विश्लेषकों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में चल रही यह तेजी इतनी जल्दी थमने वाली नहीं है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\nहरीश वी (जिंस शोध प्रमुख, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड):\r\n\r\n"अमेरिका और ईरान के बीच चल रही भू-राजनीतिक बातचीत और संघर्ष विराम की खबरों से बाजार में एक अलग तरह की अनिश्चितता है। इसके अलावा, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े भी फेड की नीति को प्रभावित कर सकते हैं। निकट भविष्य में सोने और चांदी में किसी बड़ी बिकवाली की संभावना बेहद कम है, क्योंकि बाजार के बुनियादी मजबूत कारक (Fundamental Factors) अभी भी कीमतों को ऊपर बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।"\r\n
\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\nप्रवीण सिंह (जिंस प्रमुख, मिराए एसेट शेयरखान):\r\n\r\n"अमेरिका-ईरान के बीच शुरुआती बातचीत की खबरों ने सोने पर से कुछ दबाव जरूर कम किया है। लेकिन जब तक इस संभावित समझौते की पूरी रूपरेखा और नियम-शर्तें दुनिया के सामने नहीं आ जातीं, तब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें एक सीमित लेकिन मजबूत दायरे में बनी रहेंगी। घरेलू बाजार में शादी-ब्याह की मांग इस तेजी को लगातार बैकअप दे रही है।"\r\n
\r\n\r\n
घरेलू बाजार में शादियों का सीजन और ज्वेलर्स की चांदी
\r\n\r\nभारतीय संस्कृति में सोने को केवल एक आभूषण के रूप में नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस समय देश में शादियों का सीजन पूरे शबाब पर है। सोने की कीमतें सर्वकालिक उच्च स्तर पर होने के बावजूद भारतीय परिवारों में आभूषणों की खरीदारी में कोई बड़ी कमी नहीं देखी जा रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
ज्वेलर्स और बड़े रिटेल शोरूम्स का कहना है कि ग्राहक कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बाजार के मौजूदा रुख को देखते हुए अब लोग ऊंचे दामों पर भी बुकिंग कराने को मजबूर हैं। अक्षय तृतीया के बाद से शुरू हुआ यह खरीदारी का सिलसिला आने वाले हफ्तों में भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर लिक्विडिटी और डिमांड दोनों मजबूत बनी हुई हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति (What Should Investors Do?)
\r\n\r\nयदि आप सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आपको इन रणनीतियों पर ध्यान देना चाहिए:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n सिप (SIP) के जरिए निवेश: सोने की कीमतें इस समय अपने उच्चतम शिखर पर हैं। ऐसे में एकमुश्त (Lump sum) बड़ा निवेश करने के बजाय डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में किश्तों में निवेश करना अधिक समझदारी भरा हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n लंबी अवधि का नजरिया: यदि आपका नजरिया 3 से 5 साल का है, तो मौजूदा ऊंचे स्तरों पर भी सोना आपको निराश नहीं करेगा, क्योंकि वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक हालात सोने के पक्ष में झुके हुए हैं।\r\n \r\n
- \r\n पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन: अपने कुल निवेश पोर्टफोलियो का कम से कम 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा हमेशा सोने में रखना चाहिए ताकि शेयर बाजार की गिरावट के समय आपका पोर्टफोलियो संतुलित रहे।\r\n \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.