नई दिल्ली/मेरठ: वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल और निवेशकों के बदलते रुख के कारण भारतीय सराफा बाजार (Bullion Market) से आज एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, या इसमें निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए राहत की खबर है। आज यानी मंगलवार 26 मई को बाजार खुलते ही सोने और चांदी के दामों में बड़ा क्रैश देखने को मिला है।READ ALSO:-ईरान-अमेरिका युद्ध का सीधा असर: दिल्ली-NCR में CNG ₹2 महंगी, पेट्रोल-डीजल के दामों में भी भारी उछाल, आम आदमी की जेब पर पड़ा सीधा डाका
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी आधिकारिक रेट्स के मुताबिक, जहां 1 किलोग्राम चांदी की कीमत में ₹4,750 की भारी कटौती हुई है, वहीं शुद्ध 24 कैरेट सोने का भाव भी ₹1,135 प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ गया है। इस गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुएं अपने ऑलटाइम हाई (All-Time High) से काफी नीचे आ चुकी हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से फिसलकर ₹1.58 लाख पर आया

\r\n\r\n
साल 2026 की शुरुआत सोने के निवेशकों के लिए बेहद शानदार रही थी। जनवरी के महीने में सोने ने सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी धाक जमाते हुए रिकॉर्ड तेजी दिखाई थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों से लगातार हो रही मुनाफावसूली (Profit Booking) के कारण अब इसकी चमक थोड़ी फीकी पड़ने लगी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): इस साल की शुरुआत से ठीक पहले सोने की कीमत ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): इसके बाद सिर्फ एक महीने के भीतर बाजार में ऐसा तगड़ा उछाल आया कि सोना अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मौजूदा स्थिति (26 मई 2026): आज ₹1,135 की ताजा गिरावट के बाद अब 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम ₹1.58 लाख पर आ गया है। इसका मतलब है कि सोना अपने पीक स्तर से अब तक 18 हजार रुपए सस्ता हो चुका है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक क्रैश: ₹3.86 लाख से लुढ़ककर ₹2.66 लाख पर आई

\r\n\r\n
सोने की तुलना में चांदी के बाजार में कहीं ज्यादा उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल रहा है। चांदी के दाम इस समय अपने ऑलटाइम हाई से बहुत ज्यादा नीचे आ चुके हैं, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी करने वालों को बड़ी राहत मिली है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): साल के शुरुआत में चांदी ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ऑलटाइम हाई (29 जनवरी 2026): जनवरी के अंत में औद्योगिक मांग और वैश्विक अनिश्चितता के चलते चांदी ने इतिहास रचते हुए ₹3.86 लाख प्रति किलोग्राम का आंकड़ा छू लिया था।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गिरावट का बड़ा आंकड़ा: आज आई ₹4,750 की मंदी के बाद चांदी का नया रेट ₹2.66 लाख रुपए प्रति किलो हो गया है। गणितीय आधार पर देखें तो पिछले महज 117 दिनों के भीतर चांदी ₹1.20 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है, जिसे सराफा बाजार का एक बड़ा क्रैश माना जा रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

\r\n\r\n

गिरावट के पीछे के मुख्य कारण: कीमती मेटल छोड़ अब 'कैश' पर बढ़ा भरोसा

\r\n\r\n
आमतौर पर यह देखा गया है कि जब भी मिडिल ईस्ट (Middle East) या दुनिया के किसी हिस्से में जंग का माहौल बनता है, तो लोग सोने-चांदी को सबसे सुरक्षित मानकर उसमें निवेश बढ़ाते हैं, जिससे दाम आसमान छूने लगते हैं। लेकिन इस बार बाजार का ट्रेंड थोड़ा अलग और हैरान करने वाला है:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    लिक्विडिटी और 'कैश' की बचत: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण जंग और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण बड़े निवेशक अब किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहते। युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका के बीच लोग अपने सोने और चांदी की होल्डिंग्स को बेचकर 'कैश' (Liquid Money) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि संकट के समय उनके पास तत्काल इस्तेमाल के लिए नकदी मौजूद रहे।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    भारी प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking): जनवरी 2026 में कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों और बुल्स ने ऊंचे दामों पर अपना मुनाफा वसूलना सही समझा। उन्होंने बड़े पैमाने पर बाजार में सोना-चांदी बेचना शुरू कर दिया, जिससे बाजार में अचानक सप्लाई (आपूर्ति) बढ़ गई और मांग कम होने से कीमतें धड़ाम से गिर गईं।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्मार्ट बायर्स के लिए सलाह: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें खास ध्यान

\r\n\r\n
दामों में आई इस गिरावट को देखते हुए यदि आप भी बाजार का रुख कर रहे हैं, तो धोखाधड़ी से बचने के लिए इन दो बातों को कभी न भूलें:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    1. हमेशा सर्टिफाइड हॉलमार्क गोल्ड ही खरीदें: सोने की शुद्धता की सबसे बड़ी पहचान ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क है। बिना हॉलमार्क वाला सोना कभी न खरीदें। असली हॉलमार्क वाले सोने पर एक विशिष्ट अल्फान्यूमेरिक कोड (HUID नंबर) लिखा होता है, जो कुछ इस तरह से दिखाई दे सकता है- AZ4524। इस कोड को आप BIS Care ऐप पर डालकर सोने की शुद्धता और कैरेट (22 कैरेट या 24 कैरेट) को क्रॉस-चेक कर सकते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    2. लाइव कीमत को क्रॉस-चेक करें: कई बार स्थानीय ज्वेलर्स ग्राहकों से पुराने या मनमाने रेट वसूल लेते हैं। इससे बचने के लिए जिस दिन आप ज्वेलरी खरीद रहे हैं, उस दिन का सटीक वजन करवाएं और इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) या विश्वसनीय वित्तीय न्यूज़ पोर्टल्स पर जाकर उस दिन के लाइव रेट से मिलान जरूर करें। मेकिंग चार्ज और जीएसटी (GST) हमेशा उस दिन के लाइव गोल्ड रेट पर ही कैलकुलेट होना चाहिए।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने और चांदी में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए एक बेहतरीन अवसर (Buying Opportunity) हो सकती है, जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, वैश्विक तनाव और जंग की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना है। इसलिए, किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार के ट्रेंड और कीमतों पर पैनी नजर जरूर बनाए रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें