उत्तर प्रदेश के बिजनौर में झूठे मुकदमों में फंसाकर अवैध वसूली करने वाले 5 सदस्यीय गिरोह को पुलिस ने दबोचा है। वहीं कानपुर में 3 साल से फरार 20 हजार रुपये के इनामी बदमाश अभय प्रजापति को गिरफ्त
Published at : 07 Sep 2026, 02:56 PM
Updated at : 10 Sep 2026, 10:51 PM
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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आपराधिक तत्वों पर लगाम कसने के लिए पुलिस लगातार कड़े कदम उठा रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से हाल ही में दो ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकते। एक तरफ जहां बिजनौर जिले में मासूम और बेकसूर नागरिकों को गंभीर फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनसे मोटी रकम ऐंठने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक नगरी कानपुर में पिछले तीन सालों से पुलिस को चकमा दे रहा 20 हजार रुपये का इनामी बदमाश पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। इन दोनों कार्रवाइयों ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सक्रियता और मुस्तैदी को एक बार फिर साबित कर दिया है।READ ALSO:-बिजनौर में 'ग्रीन एनर्जी' का महा-विस्फोट: ₹375 करोड़ के निवेश से लगेंगे 4 विशाल बायोगैस प्लांट, कृषि कचरे से बनेगी गैस और युवाओं को मिलेगी बंपर नौकरियां!
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बिजनौर: झूठे मुकदमों में फंसाकर अवैध वसूली करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में पुलिस ने एक ऐसे खतरनाक और शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तौर-तरीके जानकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं। यह गिरोह सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर उन्हें गंभीर आपराधिक मामलों या फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की धमकी देकर उनसे भारी-भरकम रकम की वसूली करता था। पीड़ित मोहम्मद अहसान द्वारा दर्ज कराई गई तहरीर के आधार पर जब स्वाट, सर्विलांस और थाना कोतवाली शहर की संयुक्त पुलिस टीम ने इस मामले की तह तक जाकर जांच शुरू की, तो एक बेहद चौंकाने वाला आपराधिक नेटवर्क सामने आया।
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#BijnorPolice \r\nस्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए मु0अ0स0 706/2026 धारा 61(2)/308(5) बीएनएस से सम्बन्धित 05 अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया । इस संबंध में पुलिस अधीक्षक जनपद बिजनौर की बाइट ।#UPPolicepic.twitter.com/4cf90nidGJ
पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि इस संगठित गिरोह का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) जुल्फेकार उर्फ 'बब्बू लंगड़ा' है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। इसके सदस्य पहले अपने आसपास के इलाकों में लोगों के बीच आपसी विवादों, पुरानी रंजिशों और घरेलू मामलों की बारीक जानकारी जुटाते थे। इसके बाद, गिरोह की महिला सदस्य और अन्य शातिर साथी अलग-अलग थानों में जाकर टारगेट किए गए व्यक्ति के खिलाफ गंभीर धाराओं में फर्जी मुकदमे दर्ज करवा देते थे। जब पुलिस में मामला दर्ज हो जाता था, तो यह लोग पीड़ित पर मानसिक दबाव बनाते थे और मुकदमा वापस लेने तथा आपसी समझौते के नाम पर लाखों रुपये की मांग करते थे। डर के मारे कई लोग इनकी मांग पूरी भी कर देते थे, जिससे इस गिरोह के हौसले बुलंद होते चले गए।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगना जुल्फेकार उर्फ बब्बू लंगड़ा और उसके सहयोगी अफजाल के साथ-साथ इस धंधे में शामिल तीन महिला सहयोगियों—गुड्डी, कुंती और प्रीति को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का जाल केवल बिजनौर तक ही सीमित नहीं था, बल्कि अमरोहा और आसपास के अन्य पड़ोसी जनपदों में भी इनके खिलाफ इस तरह के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सिंडिकेट के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का दुरुपयोग कर निर्दोष नागरिकों का शोषण करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और विवेचना के दौरान सामने आने वाले अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर: 3 साल से फरार 20 हजार का इनामी बदमाश हनीट्रैप मामले में गिरफ्तार
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बिजनौर की इस बड़ी सफलता के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर से भी एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। कानपुर की बर्रा थाना पुलिस और दक्षिण जोन की सर्विलांस टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले तीन सालों से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी को धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी अभय प्रजापति न्यू अशोक नगर, बर्रा का रहने वाला है और उस पर लूट, रंगदारी, हनीट्रैप और जुआ अधिनियम जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
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इस पूरे प्रकरण की पृष्ठभूमि साल 2023 में दर्ज हुए एक सनसनीखेज हनीट्रैप और एक्सटॉर्शन (रंगदारी) केस से जुड़ी हुई है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस गिरोह ने एक सुनियोजित साजिश के तहत एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था। गिरोह की एक महिला सदस्य ने पीड़ित को राशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर अपने घर बुलाया था। जैसे ही सीधा-साधा पीड़ित उनके झांसे में आकर उस घर पहुंचा, तो पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने अपनी साथी महिला सोनाली अवस्थी के साथ मिलकर उसकी जबरन आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लीं।
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इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग और आतंक का खेल। आरोपियों ने पीड़ित को तमंचा दिखाकर डराया-धमकाया, उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उससे कुल 5 लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी की मांग की। उस वक्त डरे-सहमे पीड़ित ने घबराकर मौके पर ही अपने पास मौजूद डेढ़ लाख रुपये उन बदमाशों को सौंप दिए थे। इस घटना के बाद पीड़ित ने हिम्मत जुटाई और थाना बर्रा में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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#BijnorPolice \r\nस्वाट/सर्विलांस टीम व थाना कोतवाली शहर पुलिस द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए मु0अ0स0 706/2026 धारा 61(2)/308(5) बीएनएस से सम्बन्धित 05 अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया।#UPPolicepic.twitter.com/wr9JDaFgZy
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस वारदात में शामिल गिरोह के अन्य साथियों—उपेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बाबा ठाकुर, सोनाली अवस्थी और शैलेंद्र सिंह को तो काफी पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन इस पूरी साजिश का एक मुख्य आरोपी अभय प्रजापति लगातार अपनी लोकेशन बदल-बदल कर पुलिस की पकड़ से दूर भाग रहा था। पिछले तीन सालों से वह पुलिस के लिए एक पहेली बना हुआ था और उस पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
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हाल ही में मुखबिर द्वारा दी गई एक सटीक और पक्की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, बर्रा पुलिस और सर्विलांस टीम ने देर रात पनकी क्षेत्र स्थित रामा मेडिकल कॉलेज के पास जाल बिछाया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसे घेरकर दबोच लिया। इस शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के साथ ही वर्ष 2023 से लंबित चल रहे इस चर्चित हनीट्रैप केस का पूरी तरह से कानूनी निस्तारण हो गया है। पुलिस प्रशासन ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पूरी टीम की पीठ थपथपाई है और उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
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बिजनौर और कानपुर की इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट हो जाता है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। चाहे वह समाज में भोले-भाले लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने वाला ठग गिरोह हो, या फिर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए आतंक फैलाने वाला कोई इनामी बदमाश—कानून के शिकंजे से बच पाना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है। पुलिस की इन सख्त और त्वरित कार्रवाइयों से जहां एक तरफ अपराधियों में खौफ का माहौल पैदा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता के मन में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
Sabse pehle comment karne wale banein.