\r\n\r\n
\r\n\r\n
1. कैसे मिला सृष्टि चौहान को यह बड़ा सम्मान?
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 उत्तर प्रदेश के बिजनौर में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल। यूपी बोर्ड टॉपर सृष्टि चौहान को 'मिशन शक्ति' के तहत एक दिन के लिए जिलाधिकारी (DM) बनाया गया। 'हक की बात जिलाधिकारी के साथ' कार्यक्रम में सृष्टि ने सीखे प्रशासन के गुर। pic.twitter.com/H6EwNEwJ81
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) May 12, 2026
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
\r\n\r\n
2. "हक की बात जिलाधिकारी के साथ" कार्यक्रम का आयोजन
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n प्रशासनिक कार्यों की ट्रेनिंग: जिले की वर्तमान तेजतर्रार डीएम जसजीत कौर ने खुद सृष्टि को प्रशासनिक कार्यों की कार्यप्रणाली समझाई। उन्होंने बताया कि एक जिलाधिकारी का दिन कैसे शुरू होता है, फाइलें कैसे चेक की जाती हैं और जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण कैसे किया जाता है।\r\n \r\n
- \r\n अधिकारियों के साथ बैठक: सृष्टि ने एक दिन की डीएम की हैसियत से जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ संवाद किया और प्रशासन की कार्यशैली को बेहद करीब से महसूस किया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
3. बालिका सशक्तिकरण और सरकारी योजनाओं पर हुई गंभीर चर्चा
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n महिला सुरक्षा और सम्मान: अधिकारियों ने सृष्टि और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की।\r\n \r\n
- \r\n सरकारी योजनाओं की जानकारी: उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार द्वारा बालिकाओं के उत्थान के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं (जैसे- कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, और निराश्रित महिला पेंशन) पर प्रकाश डाला गया। सृष्टि को बताया गया कि एक जिलाधिकारी के रूप में इन योजनाओं को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक कैसे पहुंचाया जाता है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
4. 'मिशन शक्ति' (Mission Shakti): महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n क्यों जरूरी हैं ऐसे आयोजन? मिशन शक्ति के तहत बालिकाओं को पुलिस थानों का चार्ज देना या एक दिन का अधिकारी बनाना कोई नई बात नहीं है। प्रशासन का मानना है कि जब एक बेटी प्रशासनिक कुर्सी पर बैठती है, तो उसके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता (Leadership Quality) का विकास होता है। वह उस कुर्सी की जिम्मेदारी और ताकत दोनों को समझती है, जो उसे भविष्य में सिविल सेवा (UPSC) या अन्य उच्च प्रशासनिक पदों पर जाने के लिए प्रेरित करती है।\r\n \r\n
- \r\n सृष्टि चौहान को डीएम बनाने के पीछे भी यही सोच थी कि उनके माध्यम से जिले की अन्य स्कूल जाने वाली बच्चियां प्रेरणा लें और शिक्षा के प्रति और अधिक गंभीर हों।\r\n \r\n
\r\n\r\n
5. डीएम जसजीत कौर और डीएमसी रविता राठी की भूमिका
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n डीएम जसजीत कौर ने सृष्टि को समझाया कि प्रशासन सिर्फ पावर (ताकत) का नाम नहीं है, बल्कि यह आम जनता के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का दूसरा नाम है। एक अच्छे अधिकारी को हमेशा लोगों की शिकायतें धैर्य से सुननी चाहिए और उनका न्यायपूर्ण समाधान करना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n डीएमसी रविता राठी ने भी बालिका सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे और बताया कि कैसे शिक्षा एक महिला के जीवन में सबसे बड़ा हथियार बन सकती है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
6. समाज के लिए एक कड़ा और सकारात्मक संदेश
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.