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उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर ने महिला सशक्तिकरण और कुपोषण उन्मूलन के क्षेत्र में एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसकी गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (United Nations World Food Programme - UN-WFP) की क्षेत्रीय पोषण सलाहकार (Asia Pacific) सुश्री नोरा हॉब्स (Nora Hobbs) ने बुधवार, 13 मई 2026 को जनपद बिजनौर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विकास खंड नूरपुर स्थित THR (Take Home Ration - टेक होम राशन) प्लांट, मंडोरा ग्राम के आंगनवाड़ी केंद्र तथा महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा निर्मित 'विदुर प्रेरणा' ब्रांड के उत्पादों का गहन निरीक्षण किया। इस यात्रा के दौरान सुश्री हॉब्स ने बिजनौर THR मॉडल को भारतीय महिला सशक्तिकरण का एक समग्र और अद्वितीय रूप बताया। उन्होंने कहा कि यह बिजनौर THR मॉडल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय अनुभव है। यह दौरा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि जब ग्रामीण महिलाएं और सरकारी नीतियां एक साथ मिलकर काम करती हैं, तो जमीनी स्तर पर कितने क्रांतिकारी बदलाव आ सकते हैं।READ ALSO:-मेरठ में मानवता की शानदार मिसाल: बेगमपुल व्यापार संघ ने लगाया सेहत का 'महाकुंभ', फ्री मेडिकल कैंप में उमड़े शहरवासी
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रोम से बिजनौर तक का सफर: कैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमका बिजनौर THR मॉडल सुश्री नोरा हॉब्स का यह दौरा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके बीज पिछले वर्ष इटली की राजधानी रोम में बोए गए थे। पिछले वर्ष रोम में आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा राज्य की पोषण सुरक्षा और महिला आजीविका पहलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई थी। इस प्रस्तुति में विशेष रूप से बिजनौर THR मॉडल की कार्यप्रणाली को प्रदर्शित किया गया था, जिसमें स्वयं सहायता समूह (SHG) की ग्रामीण महिलाओं को पूरे प्लांट का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए दिखाया गया था।
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उस प्रस्तुति को देखकर सुश्री हॉब्स इतनी अधिक प्रभावित हुईं कि उन्होंने उसी समय संकल्प लिया था कि वे भारत यात्रा के दौरान इस मॉडल को अपनी आंखों से जरूर देखेंगी। बिजनौर दौरे पर उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “जब मैंने पहली बार उत्तर प्रदेश के इस बिजनौर THR मॉडल को प्रेजेंटेशन में देखा और पाया कि महिलाएं कितनी दक्षता के साथ इतने बड़े प्लांट को चला रही हैं, तभी मैंने तय कर लिया था कि मैं यहां जरूर आऊंगी। आज यहां आकर मुझे यह देखकर बेहद प्रसन्नता हो रही है कि वास्तविकता उस प्रस्तुति से भी कहीं अधिक प्रेरणादायक है।”
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महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल: केवल श्रमिक नहीं, बल्कि उद्यमी हैं महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत संचालित बिजनौर THR मॉडल की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसमें महिलाओं की भूमिका केवल एक आम श्रमिक तक सीमित नहीं है। निरीक्षण के दौरान सुश्री नोरा हॉब्स ने उत्पादन प्रक्रिया (Production Process), गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control), पैकेजिंग, सुरक्षित भंडारण, ब्रांडिंग और लाभार्थियों तक अंतिम आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के हर एक चरण का बहुत बारीकी से अवलोकन किया।
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उन्होंने इस बात की भूरि-भूरि प्रशंसा की कि इस बिजनौर THR मॉडल में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं निर्णयकर्ता (Decision Makers), प्रबंधक (Managers) और उद्यमी (Entrepreneurs) के रूप में पूरी तरह से स्थापित हो चुकी हैं। सुश्री हॉब्स ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा, “The true strength of any nutrition system lies in people connecting with people. भारत में मैंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का एक ऐसा जीवंत मॉडल देखा है, जहां महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं रह गई हैं, बल्कि वे अब समाज में परिवर्तन की वास्तविक नेतृत्वकर्ता (Leaders of Change) बन चुकी हैं।” उन्होंने इस पूरी व्यवस्था को "Women Empowerment in Action" का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया।
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'विदुर प्रेरणा' ब्रांड और WFP मानकों वाली नई उन्नत रेसिपियां बिजनौर की महिलाओं ने न केवल टेक होम राशन के उत्पादन में महारत हासिल की है, बल्कि उन्होंने अपने उत्पादों को एक व्यावसायिक पहचान भी दी है। सुश्री हॉब्स ने स्थानीय ‘विदुर प्रेरणा’ ब्रांड के अंतर्गत महिलाओं द्वारा निर्मित विभिन्न उत्पादों का मुआयना किया। इनमें उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री, पोषण उत्पाद, घरेलू उपयोग की रोजमर्रा की वस्तुएं और हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं के ब्रांड निर्माण और विपणन (Marketing) कौशल की सराहना करते हुए इसे एक नया अनुभव बताया।
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इसके साथ ही, निरीक्षण के दौरान UN-WFP के कड़े मानकों के अनुरूप विकसित की जा रही नई और अधिक उन्नत THR रेसिपियों (Recipes) का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि अब छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को अधिक संतुलित व गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के लिए इन नई रेसिपियों का उपयोग किया जाएगा। इन नए उत्पादों में ऊर्जा, आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) और स्थानीय भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुरूप खाद्य सामग्री शामिल की गई है। इस नवाचार को देखकर सुश्री हॉब्स ने बिजनौर THR मॉडल की दूरदर्शिता की खूब सराहना की।
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जन-जुड़ाव (People Connecting People) का बेहतरीन उदाहरण इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंडोरा ग्राम स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण भी किया गया। वहां सुश्री हॉब्स ने छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने मौके पर ही THR वितरण की वास्तविक व्यवस्था, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति, मातृ-शिशु स्वास्थ्य गतिविधियों और इन सभी कार्यों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी (Community Participation) का जायजा लिया।
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सुश्री हॉब्स ने कहा कि NRLM के माध्यम से महिलाओं को मिला यह सुनहरा अवसर न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहा है, बल्कि यह समुदाय के भीतर स्वामित्व (Community Ownership) और पोषण सुरक्षा (Nutrition Security) की एक बहुत ही मजबूत नींव तैयार कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजनौर THR मॉडल में स्पष्ट रूप से "Women & Government Together" की भावना झलकती है, जो यह साबित करती है कि महिला शक्ति और सरकारी समर्थन मिलकर कुपोषण जैसी गंभीर चुनौती को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
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अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन का उत्साह और प्रतिक्रिया इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय दौरे के दौरान सुश्री हॉब्स के साथ जिला प्रबंधक गोविंद शर्मा, योगेन्द्र सिंह, नूरपुर के खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक विकास अधिकारी (ग्रामीण) और THR नोडल BMM श्री अतुल कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे।
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ग्राम्य विकास के सहायक विकास अधिकारी सलीम अहमद ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह केवल जनपद बिजनौर के लिए ही नहीं, बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। UN-WFP की क्षेत्रीय पोषण सलाहकार का स्वयं यहां आना और हमारी स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण दीदियों के कार्यों को सराहते हुए उनका उत्साह बढ़ाना, इस बिजनौर THR मॉडल की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय जीत है।” उन्होंने आगे कहा कि बिजनौर की ये दीदियां आज केवल एक उत्पाद नहीं बना रही हैं, बल्कि वे पूरे राज्य के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और एक बड़े सामाजिक परिवर्तन की अमर कहानी लिख रही हैं।
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कुल मिलाकर, सुश्री नोरा हॉब्स का यह दौरा उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अथक प्रयासों पर एक अंतरराष्ट्रीय मुहर के समान है। बिजनौर THR मॉडल ने यह पूरी तरह से साबित कर दिया है कि ग्रामीण महिलाओं को यदि सही मंच, उचित मार्गदर्शन और ठोस सरकारी सहयोग मिले, तो वे कुपोषण और बेरोजगारी जैसी दोहरी चुनौतियों से एक साथ निपट सकती हैं। आज बिजनौर का यह महिला संचालित प्लांट केवल राशन नहीं बांट रहा, बल्कि वह पूरे देश और दुनिया के सामने 'सशक्तिकरण', 'आर्थिक आजीविका' और 'सामुदायिक स्वास्थ्य' का एक ऐसा चमकता हुआ उदाहरण पेश कर रहा है, जिसका अनुसरण कर कई अन्य विकासशील राष्ट्र भी अपने यहां कुपोषण की समस्या को मात दे सकते हैं।
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संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (UN-WFP) की क्षेत्रीय पोषण सलाहकार सुश्री नोरा हॉब्स ने 13 मई 2026 को बिजनौर के नूरपुर स्थित टेक होम राशन (THR) प्लांट और आंगनवाड़ी केंद्र का दौरा किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित इस पूरे प्लांट, 'विदुर प्रेरणा' ब्रांड के उत्पादों और कुपोषण दूर करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया। हॉब्स ने महिलाओं को प्रबंधक और उद्यमी की भूमिका में देखकर इस 'बिजनौर THR मॉडल' की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय उदाहरण बताया। यह दौरा उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.