\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 बिजनौर के नगीना में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय ने जताया भारी आक्रोश। इमामबाड़े में फतेहा, अमेरिका-पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी। थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध दर्ज कराने की मांग की गई। pic.twitter.com/nT8esZK2c3
\r\n— MK Vashisth (@vadhisth) March 2, 2026
\r\n\r\n
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
\r\n\r\n- \r\n
- \r\n स्थान: जामा मस्जिद स्थित इमामबाड़ा, नगीना (बिजनौर)।\r\n \r\n
- \r\n आयोजन: अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर 'फतेहा' और मजलिस का एहतमाम।\r\n \r\n
- \r\n नारेबाजी: अंतरराष्ट्रीय राजनीति को लेकर आक्रोश, 'अमेरिका और पाकिस्तान मुर्दाबाद' की गूंज।\r\n \r\n
- \r\n प्रशासनिक कदम: शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद थाना प्रभारी को राष्ट्रपति/भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
1. इमामबाड़े में गमगीन माहौल और 'फतेहा' का एहतमाम
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n उलेमाओं (धर्मगुरुओं) ने उनकी शहादत पर रौज़ा (शोक सभा) पढ़ा, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।\r\n \r\n
- \r\n इसके बाद सामूहिक रूप से 'फतेहा' (Quranic prayers for the departed) का एहतमाम किया गया। समुदाय के लोगों ने अल्लाह से दुआ की कि उनके रहबर को जन्नत-उल-फिरदौस में आला मुकाम अता हो और उनके मिशन को आगे बढ़ाने की हिम्मत मिले।\r\n \r\n
- \r\n बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक, सभी के चेहरों पर एक अजीब सी खामोशी और गहरा दुख साफ देखा जा सकता था।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
2. 'अमेरिका और पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारों के मायने
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n अमेरिका का विरोध: अमेरिका का विरोध स्वाभाविक है क्योंकि 28 फरवरी 2026 को हुए जिस हवाई हमले में खामेनेई की जान गई, उसमें अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (CIA) और वायु सेना का सीधा और अहम रोल रहा है।\r\n \r\n
- \r\n पाकिस्तान का विरोध क्यों?: मध्य पूर्व के इस संघर्ष में शिया समुदाय पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी अक्सर संशय में रहता है। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि पाकिस्तान एक इस्लामी देश होने के बावजूद अक्सर अमेरिकी दबाव में काम करता है और उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी नीतियों का खुलकर विरोध नहीं किया है। क्षेत्रीय राजनीति और कुछ पुरानी कूटनीतिक दूरियों के कारण भी यह आक्रोश देखने को मिला।\r\n \r\n
\r\n\r\n
3. शांतिपूर्ण मार्च और थाना प्रभारी को ज्ञापन
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n वहां उन्होंने थाना प्रभारी (Station House Officer) से मुलाकात की और एक लिखित ज्ञापन सौंपा।\r\n \r\n
- \r\n ज्ञापन की मुख्य मांगें: इस ज्ञापन के जरिए भारत सरकार से अपील की गई है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच (जैसे संयुक्त राष्ट्र) पर इस तरह की 'टारगेटेड किलिंग' और संप्रभु देश पर हुए हमले की कड़ी निंदा करे। साथ ही, मध्य पूर्व में शांति बहाली के लिए भारत अपने कूटनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करे।\r\n \r\n
- \r\n पुलिस प्रशासन ने भी पूरी संवेदनशीलता दिखाते हुए ज्ञापन स्वीकार किया और इलाके में शांति व सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया।\r\n \r\n
\r\n\r\n
4. पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट पर
\r\n\r\n\r\n\r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.