उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अभी से तेज हो गई हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिजनौर जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (First Level Checking - FLC) की प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से कलेक्ट्रेट परिसर में शुरू कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशन में इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की सख्त गाइडलाइंस के तहत संपन्न कराया जा रहा है।
राजनैतिक दलों की मौजूदगी में खुले वेयरहाउस ईवीएम और वीवीपैट की जांच के लिए कलेक्ट्रेट स्थित ईवीएम वेयरहाउस और झंडापुर चांदपुर रोड स्थित वीवीपैट वेयरहाउस को गुरुवार, 17 सितंबर को वीडियोग्राफी की कड़ी निगरानी में खोला गया। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन प्रतिनिधियों में भारतीय जनता पार्टी से धीर सिंह, समाजवादी पार्टी से हनी फैसल, अखलाक पप्पू और धनंजय यादव, बहुजन समाज पार्टी से मो. सिद्दीकी, इंडियन नेशनल कांग्रेस से अनिल त्यागी और काजी अतीक अली तथा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) से तिलकराम शामिल थे। सभी दलों के प्रतिनिधियों के सामने वेयरहाउस खोलकर मशीनों को एफएलसी के लिए बाहर निकाला गया।
अधिकृत इंजीनियर कर रहे सघन चेकिंग (FLC) जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि चुनाव से पूर्व प्रत्येक ईवीएम और वीवीपैट का तकनीकी परीक्षण करना अनिवार्य होता है। इसके लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के अधिकृत और विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम बिजनौर पहुंच चुकी है। यह टीम 17 सितंबर से कलेक्ट्रेट परिसर में एफएलसी का कार्य कर रही है और यह जांच प्रक्रिया मशीनों की पूर्ण चेकिंग होने तक जारी रहेगी। चुनाव आयोग के सख्त निर्देश हैं कि एफएलसी (FLC) में पूरी तरह से तकनीकी रूप से सफल और उत्तीर्ण होने वाली ईवीएम तथा वीवीपैट मशीनों का ही आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव आयोग के स्तर पर भी हो रही निगरानी इस पूरी एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी केवल जिला प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (उत्तर प्रदेश) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के स्तर से भी इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन ने 11 सितंबर 2026 को ही सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित सूचना भेजकर अपने प्रतिनिधियों को अधिकृत करने का अनुरोध किया था, जिसकी पुष्टि दलों के राज्य मुख्यालय द्वारा भी की गई थी।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के भंडारण, सुरक्षा और एफएलसी की यह पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन नियमावली (Manual on EVM) में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जा रही है। जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों को पूरी तरह से निष्पक्ष, त्रुटिहीन और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
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